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एपीआई एवं दवा मध्यवर्तियों पर निर्भरता कम करने के लिए सीएसआईआर-आईआईसीटी पहल

नई दिल्ली । एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट्स (एपीआई)एवं इंटरमेडिएट्स (मध्यवर्ती)किसी भी औषधि के दो प्रमुख घटक होते हैं जो लक्षित प्रभाव पैदा करते हैं। भारत एपीआई एवं दवा मध्यवर्तियों की आपूर्ति के लिए विशेष रूप से चीन पर काफी निर्भर है। अब भारतीय रसायन प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईसीटी), हैदराबाद एपीआई एवं दवा मध्यवर्तियों के विकास एवं विनिर्माण के लिए हैदराबाद स्थित एक अन्य इंटीग्रटेड फार्मास्यूटिकल कंपनी, एलएएक्सएआई लाईफ साईंसेज के साथ गठबंधन कर रही है। यह पहल इन इंग्रेडिएंट्स की चीनी आयातों पर भारतीय फार्मास्यूटिकल सेक्टर की निर्भरता को कम करने में सहायता करेगी।

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर)के तहत एक प्रयोगशाला आईआईसीटी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में प्रयुक्त होने वाली दवाओं के संश्लेषण के लिए एलएएक्सएआई के साथ कार्य कर रही है। यह गठबंधन मुख्य रूप से उमीफेनोवीर, रेम्डेसिविर और हाईड्रोक्सी क्लोरोक्वीन (एचसीक्यू)की एक प्रमुख मध्यवर्ती पर फोकस करेगा।

भारत मलेरिया रोधी दवा एचसीक्यू के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है, जिसकी मांग में हाल के सप्ताहों में काफी उछाल आया है। भारत ने पिछले कुछ दिनों में अमेरिका सहित 50 से अधिक देशों को एचसीक्यू भेजा है। इस गठबंधन का परिणाम प्रमुख कच्चे मालों के लिए चीन पर निर्भरता कम करने के साथ किफायती प्रक्रिया के रूप में आएगा। इसके अतिरिक्त, रेम्डेसिविर, जिसे पहले इबोला वायरस रोगियों को दिया जाता रहा है, वर्तमान में कोविड-19 के खिलाफ प्रभावोत्पादकता और सुरक्षा के मूल्यांकन के लिए क्लिनिकल ट्रायल की प्रक्रिया में है।

यह महसूस करते हुए कि दवा सुरक्षा और अनिवार्य दवाओं तक अबाधित पहुंच सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत में थोक में दवा विनिर्माण को बढ़ावा देने एवं चीन पर निर्भरता कम करने के लिए एक विशेष पैकेज को मंजूरी दी है।

एलएएक्सएआई लाईफ साईंसेज प्रा. लि. की स्थापना वर्ष 2007 में वैश्विक फार्मास्यूटिकल कंपनियों की डिस्कवरी कैमिस्ट्री अभियान में तेजी लाने के विजन के साथ की गई थी। आज एलएएक्सएआई एपीआई/फार्मूलेशन डेवलपमेंट एवं एपीआई विनिर्माण की उपस्थिति के साथ एक समेकित फार्मास्यूटिकल कंपनी के रूप में विकसित हो गई है।

यह गठबंधन उत्पादों के वाणिज्यिक विनिर्माण के लिए ज्ञान का उपयोग करेगा। एलएएक्सएआई लाईफ साईंसेज इन उत्पादों का वाणिज्यिकरण करने वाली पहली कुछ कंपनियों में होगी। इन एपीआई एवं इंटरमेडिएट्स का विनिर्माण एलएएक्सएआई द्वारा अपनी सहायक कंपनी थेरापिवा प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए)/ गुड मैन्यूफैक्चरिंग प्रैक्टिस (जीएमपी) अनुमोदित संयंत्रों द्वारा की जाएगी।

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