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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने दिया देश को सन्देश

आज दुनिया 7वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। इस अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने सोमवार को अपने आवास के प्रांगण में योग कर सातवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। राष्ट्रपति कोविंद ने ट्विटर पर योगाभ्यास करते हुए फोटो शेयर करते हुए देशवासियों को योग दिवस की शुभकामनाएं दी। राष्ट्रपति कोविंद ने लिखा, “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सभी को बधाई। हजारों वर्षों से लाखों-करोड़ों लोगों को स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन का वरदान और शरीर एवं मन के संयोजन का साधन, योग के रूप में हमारे ऋषियों ने विश्व को दिया है। मानवता को यह भारत की अनुपम देन है। योग, कोविड-19 के संदर्भ में भी सहायक हो सकता है।”

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उपराष्ट्रपति ने भी दिया संदेश
वहीं उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और उनकी पत्नी उषा नायडू ने आज उप-राष्ट्रपति निवास के लॉन में योग किया। उपराष्ट्रपति ने देशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं दी उपराष्ट्रपति नायडू ने महान योग गुरु बी.के.एस आयंगर के विचार साझा करते हुए कहा योग से युक्त, मन मस्तिष्क से विशुद्ध, जिसने स्वयं और इन्द्रियों पर विजय पा ली हो, वह कर्म करता हुआ भी निर्लिप्त अक्षुण्ण रहता है।

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उन्होंने कहा योग विश्व कल्याण के लिए विश्व को भारत की अप्रतिम भेंट है। महामारी के दौर में जब शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल आवश्यक है, योग दैहिक, मानसिक और आध्यात्मिक खुशहाली का सार्थक माध्यम है। घर पर रह कर ही नित्य योगाभ्यास करें। सावधानी बरतें, सुरक्षित और स्वस्थ रहें।

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लोकप्रियता के शिखर पर ‘योग’
जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया में योग को आधिकारिक मान्यता दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 सितंबर, 2014 को पहल की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में अपने पहले संबोधन के दौरान योग के विषय को मजबूती से उठाया था। उन्होंने कहा था कि ‘योग प्राचीन भारतीय परंपरा एवं संस्कृति की अमूल्य देन है।

पहले सामूहिक योग में 84 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए
इसके बाद दुनिया के देशों ने उनकी बातों को समझा। उसी वर्ष 11 दिसंबर, 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 193 सदस्यों ने 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। 177 देशों ने सह समर्थक बनकर इस प्रस्ताव का अनुमोदन किया। इस प्रस्ताव को 90 दिनों के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया। भारत के लिए यह गर्व की बात थी। 21 जून, 2015 को पहले सामूहिक योग में 84 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दिन दुनिया के 192 देशों के 251 शहरों में योग के सामूहिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें 46 मुस्लिम देश भी थे। दुनिया भर में कुल मिलाकर दो करोड़ लोगों ने योगासन किया।

कार्यक्रम की सफलता पर तत्कालीन संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून ने कहा था, “मैं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मिली भारी सफलता से आश्चर्यचकित हूं। वैसे तो राष्ट्र संघ कई दिवस आयोजित करता है। लेकिन जिस तरह का उत्साह योग दिवस के लिए देखने को मिला, वह अचंभित करने वाला है।”

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