
निर्माणाधीन कनहर परियोजना का चीफ ने किया दौरा, जून 2022 तक बांध को पूरा करने का लक्ष्य
ठेकेदारों ने विभागीय टेंडर शर्त को लेकर की शिकायत
दुद्धी,सोनभद्र- कनहर सिंचाई परियोजना निर्माण की सुस्त पड़ी चाल को रफ्तार पकड़ाने के लिए मंगलवार की दोपहर मुख्य अभियंता हर प्रसाद अमवार स्थित परियोजना स्थल पर धमक पड़े|उनके साथ पहुंचे अधीक्षण अभियंता दीपक कुमार की उपस्थिति में परियोजना से जुड़े व बंद पड़े तमाम कार्यों की समीक्षा करने के साथ उसे पुन:शुरू कराने के लिए मातहत अभियंताओं से विचार-विमर्श किया| निर्देशित किया कि आड़े आने वाली तमाम बाधाओं को तत्काल दूर करने में लग जाए| जिससे कि जून 2022 में कनहर बाँध को भरना शुरू किया जा सके| इसमें अब किसी तरह ढिलाई व लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी|
दोपहर करीब एक बजे फिल्ड हास्टल के डाक बंगले में पहुंचे मुख्य अभियंता ने सबसे पहले जल सेतु एवं सुरंग के बिन्दुओं पर फोकस किया | खंड के एक अधिशासी अभियंता वीर बहादुर सिंह से वहां बंद पड़े जल सेतु के बाबत सवाल किया,तो जबाव मिला कि रेलवे एवं केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग से अभी तक पुल की डिजाइन मंजूर नहीं हुआ है| इसके अलावा उसके आड़े आ रही करीब 2600 वर्ग मीटर की एक भूमि का अधिग्रहण नही होने से वह काम रुका हुआ है| इस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि बीते कई माह से यही जबाव सूना जा रहा है| अधिशासी अभियंता को आदेशित किया कि वे इसी सप्ताह कार्यदायी संस्था के अधिकारीयों के साथ हाजीपुर जाकर रेलवे महाप्रबंधक से मिलकर उसमे आ रही अडचनों को दूर कराए| इसी तरह खंड दो के अधिशासी अभियंता रामगोपाल ने वन विभाग की समस्या की वजह से काम में व्यवधान की बात बताई| जबकि मुख्य बाँध का कार्य देख रहे खंड तीन के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार को निर्देशित किया कि बाई राकफिल का प्लेटफार्म बनाने का कार्य शुरू करने की कवायद करे| इसके लिए डूब क्षेत्र के उस एरिया में आने वाले विस्थापितों के सभी पावनों का लाभ देकर चिन्हित एरिया को खाली कराना शुरू कर दें | जिससे कि तय कार्यक्रम के अनुसार स्पिलवे का काम जून 2022 तक पूरा किया जा सके और बांध में पानी भरने की प्रक्रिया अमल में लाई जा सके |
करीब तीन घंटे तक चले समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने डूब क्षेत्र से आये विस्थापितों की समस्याओं को सुनी एवं उसके निदान के लिए प्रशासनिक अधिकारीयों से वार्ता करने का आश्वासन दिया| चीफ का दौरा सुन पहुंचे छोटे एवं मध्यम वर्गीय ठेकेदार पंकज कुमार, चक्र सुदर्शन,अकबर आदि ने चीफ से शिकायत किया कि परियोजना के कुछ डिवीजनों द्वारा मनमानी तरिके से अनुभव की शर्त देकर, टेंडर निकाला गया है| जिसके वजह से स्थानीय लोग परियोजना में कार्य नहीं कर पा रहे हैं| इस पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई और तत्काल संबंधित अधिकारियों से बातकर, समाधान का आश्वासन दिया |
पत्रकारों से बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बांध के निर्माण में धन की कमी आड़े नही आयेगी।वर्ष 2022 जून तक इसे पूरा कर,पानी रोकने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पश्चात वे परियोजना के निर्माणधीन मुख्य बाँध,मिट्टी बाँध पर चल रहे पत्थर पिचिंग,गेट निर्माण के कार्यों का स्थलीय जायजा लेते हुए मातहत अभियंताओं एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारीयों को इसमें तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया| इस मौके पर अधिशासी अभियंता एसपी चौधरी,राम आशीष,कार्यदायी संस्था के संजीव कुमार,पीवी सुब्बाराव, सत्यनारायण राजू समेत तमाम लोग मौजूद रहे|






