
केन्द्रीय श्रमिक संगठनों के साथ दवा प्रतिनिधियों ने भी भरी हुंकार,26 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल
जौनपुर। केन्द्रीय श्रमिक संगठनों के साथ एकजुटता दिखाते हुए दवा प्रतिनिधियों ने भी सरकार के खिलाफ हुंकार भरी है। घोषणा की गई है कि आगामी 26 नवंबर को पूरे देश के दवा प्रतिनिधि भी सभी मजदूरों के साथ हड़ताल पर रहेंगे।
यू.पी.एम.एस.आर.ए. के तत्वावधान में प्रदेश की सारी इकाईयों ने संयुक्त रूप से सारे केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ एकजुटता दिखाते हुए इस संदर्भ में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक मांग पत्र भेजा है। दवा प्रतिनिधियों के अखिल भारतीय संगठन एफ.एम.आर.ए.आई. के वर्किंग कमेटी मेंबर नीरज श्रीवास्तव ने इस मौके पर कहा कि सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ हमारा संगठन लगातार विज्ञप्ति के माध्यम से केंद्र तथा राज्य सरकार को अपनी न्यायोचित मांगों को लेकर सूचना देता रहा, परंतु अभी तक सरकार के माध्यम से कोई भी सुनवाई नहीं की जा रही है। लिहाजा आगामी 26 नवंबर को पूरे देश के दवा प्रतिनिधि भी सभी मजदूरों के साथ हड़ताल पर रहेंगे।
यू.पी.एम.एस.आर.ए. की जौनपुर इकाई के सचिव राजेश रावत ने बताया कि 44 श्रम कानूनों को 4 श्रम संहिता में बदल दिया गया है, जिसमें तमाम कानूनों को लगभग खत्म कर दिया गया है। इकाई अध्यक्ष अजय चौरसिया ने सरकारी फैसले का असर बताते हुए तीखे स्वर में कहा कि सरकार के श्रम कानूनों में बदलाव का प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियोक्ताओं की तरफ से शोषण की प्रक्रिया आरंभ हो गई है, जिसमें परोक्ष रूप से सरकार की शह दिखाई दे रही है। जिलाधिकारी को ज्ञापन देते समय आलोक सिंह, अमित रंजन श्रीवास्तव, अजय सिंह, सुनील प्रजापति, श्यामधर प्रजापति, आकाश साहू के साथ कार्यकारिणी के समस्त लोग मौजूद रहे।



