सेवा ही सबसे बड़ा धर्म, वाराणसी में संकल्प अन्न क्षेत्र ने बांटा भोजन और प्रसाद
वाराणसी के चौक में संकल्प संस्था की ओर से संकल्प अन्न क्षेत्र के तहत भोजन वितरण एवं जल सेवा का आयोजन किया गया। भगवान श्री संकटमोचन हनुमान जी को भोग अर्पित करने के बाद राहगीरों, श्रमिकों और जरूरतमंदों को खिचड़ी, हलवा, चने की घुघरी और फल वितरित किए गए। गीतिका जैन ने सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
वाराणसी। संकल्प संस्था की ओर से चौक स्थित कन्हैयालाल गुलालचंद सर्राफ प्रतिष्ठान के समक्ष संकल्प अन्न क्षेत्र के माध्यम से प्रसाद वितरण एवं जल सेवा की गई। भगवान श्री संकटमोचन हनुमान जी को भोग अर्पित करने के बाद राहगीरों, श्रमिकों और जरूरतमंदों को खिचड़ी, हलवा, चने की घूघरी एवं फल वितरित किए गए।
इस अवसर पर गीतिका जैन ने कहा कि जब किसी भूखे व्यक्ति को भोजन मिलता है और उसके चेहरे पर संतोष दिखाई देता है, तो मन को एक अलग ही सुकून मिलता है। हम अक्सर अपनी खुशियों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि आसपास के लोगों की जरूरतों को देख नहीं पाते। किसी के लिए भोजन की एक थाली भले ही छोटी बात हो, लेकिन जरूरतमंद के लिए वह बहुत मायने रखती है। मेरा मानना है कि सेवा केवल दान देना नहीं, बल्कि किसी के दर्द को महसूस करना और उसे यह एहसास दिलाना है कि वह अकेला नहीं है। युवा पीढ़ी अगर इस संवेदना को अपने जीवन में उतार ले, तो समाज और भी खूबसूरत बन सकता है।
सेवा कार्य में श्रीमती मृदुला रानी अग्रवाल, श्रीमती गीता जैन एवं गीतिका जैन का विशेष सहयोग रहा। इस अवसर पर संकल्प संस्था के संरक्षक अनिल कुमार जैन, गिरधर दास अग्रवाल (मद्रास क्लॉथ सेंटर), संतोष अग्रवाल (कर्णघंटा), श्रीमती रमन लता अग्रवाल, शिवकुमार अग्रवाल, संजय अग्रवाल (गिरिराज), राजेंद्र अग्रवाल (माड़ी वाले), लल्लन चुरमुरा, सचिन श्रीवास्तव, उदय प्रताप श्रीवास्तव, रवि (हुंडी वाले), अशोक जी (घासी टोला), प्रमोद, रितिक एवं भैयालाल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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