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भदोही के युवाओं को अब किस नाम से मिलेगी डिग्री? योगी ने विश्वविद्यालय को लेकर किया बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही को बड़ी सौगात देते हुए काशी नरेश विश्वविद्यालय की मान्यता और मेडिकल कॉलेज की दिशा में कार्य आगे बढ़ाने की घोषणा की। भदोही, औराई और ज्ञानपुर में ₹1,340 करोड़ से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। विंध्य एक्सप्रेसवे से संत रविदास नगर को जोड़ने, माधोसिंह रेलवे फ्लाईओवर, धार्मिक पर्यटन, कालीन उद्योग और रोजगार पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का भी ऐलान किया।

भदोही : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को संत रविदास नगर भदोही के विकास को नई गति देने के लिए ₹1,340 करोड़ से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। भदोही, औराई और ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्रों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए काशी नरेश विश्वविद्यालय की मान्यता की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब भदोही के युवाओं को मिलने वाली डिग्री पर उनके अपने जिले और विश्वविद्यालय का नाम अंकित होगा। साथ ही, विश्वविद्यालय के बाद अब भदोही में मेडिकल कॉलेज की दिशा में भी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वह जल्द ही दोबारा भदोही आएंगे। उस दौरान काशी नरेश विश्वविद्यालय का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। विश्वविद्यालय का लोगो, कुलगीत और थीम गीत तैयार कराने के साथ नए भवन के निर्माण का शिलान्यास भी कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि भदोही की वर्षों पुरानी विश्वविद्यालय की मांग पूरी होने के बाद अब जिले को उच्च शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी नई पहचान दिलाने की दिशा में सरकार काम कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को डेमो चेक, आवास एवं कृषि उपकरणों की चाबियां, नियुक्ति पत्र और आयुष्मान भारत योजना के कार्ड भी वितरित किए। उन्होंने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा बच्चों का अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कराकर पोषण अभियान के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया।

भदोही के युवाओं को मिलेगी अपने जिले के विश्वविद्यालय की डिग्री

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भदोही के लोग लंबे समय से अपने जिले में विश्वविद्यालय की मांग कर रहे थे। मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद भदोही के जनप्रतिनिधियों ने भी जिले में अलग विश्वविद्यालय की आवश्यकता उनके सामने रखी थी। पिछली बार भदोही आने पर उन्होंने इस संबंध में आश्वासन दिया था। अब जिले के पीजी कॉलेज को काशी नरेश विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता मिल चुकी है और जिले के कॉलेजों को इससे जोड़ने की कार्रवाई भी आगे बढ़ चुकी है।

उन्होंने कहा कि अब भदोही के नौजवानों की डिग्री पर काशी नरेश विश्वविद्यालय, संत रविदास नगर भदोही का नाम होगा। किसी जिले की पहचान उसकी अपनी शैक्षणिक संस्थाओं और विश्वविद्यालयों से भी होती है। सरकार इस विश्वविद्यालय को केवल नाम तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि यहां आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय का विधिवत लोकार्पण उनके अगले भदोही दौरे में होगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के लोगो, कुलगीत और थीम गीत को आगे बढ़ाने के साथ नए भवन के निर्माण का शिलान्यास भी कराया जाएगा।

विश्वविद्यालय के बाद मेडिकल कॉलेज की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ से नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ से हो रही है। भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद अब मेडिकल कॉलेज की दिशा में भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है। विकास की योजनाएं एक-एक कर पूरी की जा रही हैं और जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, परिवहन तथा औद्योगिक क्षेत्र में नई सुविधाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विकास का लाभ गरीब, युवा, महिला, किसान, कारीगर और श्रमिक तक बिना भेदभाव पहुंचना चाहिए। इसी उद्देश्य से सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य कर रही है।

संत रविदास नगर भदोही के नाम से मिलेगी नई पहचान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर उन्होंने भदोही को सद्गुरु संत रविदास की विरासत से जोड़ते हुए नई पहचान देने की बात कही थी। अब भदोही जनपद को ‘संत रविदास नगर भदोही’ के नाम से जाना जाएगा।

उन्होंने संत रविदास के लगभग 600 वर्ष पुराने समतामूलक समाज के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि संत रविदास ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां सभी को अन्न मिले और किसी के साथ भेदभाव न हो। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार इसी भावना के अनुरूप गरीब कल्याण और सामाजिक समरसता के लिए काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भदोही एक ओर विश्व प्रसिद्ध कालीन उद्योग के लिए जाना जाता है, वहीं दूसरी ओर सद्गुरु संत रविदास की विरासत और उनके सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाने वाला जिला भी है। दोनों पहचानों को साथ लेकर जिले का विकास किया जा रहा है।

विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा संत रविदास नगर, माधोसिंह फ्लाईओवर की डीपीआर तैयार

मुख्यमंत्री ने भदोही की भौगोलिक स्थिति को विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि एक ओर बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी और दूसरी ओर संगम नगरी प्रयागराज है। इन दोनों प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों के बीच स्थित संत रविदास नगर भदोही में विकास की व्यापक संभावनाएं हैं।

उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार को विंध्य एक्सप्रेसवे के रूप में आगे बढ़ाने की योजना में संत रविदास नगर को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे जिले की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा माधोसिंह रेलवे फ्लाईओवर की डीपीआर तैयार हो चुकी है और जल्द ही इसकी टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी क्षेत्रों और वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

₹151 करोड़ के विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण, गंगा सेतु और जिला कारागार का शिलान्यास

मुख्यमंत्री ने ₹1,340 करोड़ से अधिक की लागत वाली 112 परियोजनाओं के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

लोकार्पित प्रमुख परियोजनाओं में ₹151 करोड़ की लागत से निर्मित विद्युत उपकेंद्र शामिल है। इसके अलावा ज्ञानपुर-नथईपुर-रोही-इमामगंज मार्ग, माधोसिंह-मथौवा-आसना-मुसिला लाटपुर मार्ग तथा पाली-सुरियावां मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के कार्यों का लोकार्पण किया गया।

पुलिस लाइन में हॉस्टल एवं बैरक तथा ज्ञानपुर बस स्टेशन के पुनर्निर्माण सहित अन्य विकास कार्य भी लोकार्पित किए गए।

वहीं, शिलान्यास की गई प्रमुख परियोजनाओं में ज्ञानपुर क्षेत्र में गंगा नदी पर माता सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी-धनतुलसी-डेगूपुर घाट के बीच दीर्घ सेतु, पहुंच मार्ग और सुरक्षात्मक कार्य शामिल हैं। इसके निर्माण से क्षेत्र के आवागमन को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इसके साथ ही ₹179 करोड़ की अमृत-2 योजना के अंतर्गत नगर पालिका परिषद भदोही पुनर्गठन पेयजल योजना, पुलिस लाइन में ट्रांजिट हॉस्टल, ज्ञानपुर मुख्य नहर के पुनर्स्थापन एवं पुनरुद्धार तथा जिला कारागार के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया।

सीतामढ़ी से सेमराधनाथ धाम तक धार्मिक स्थलों का विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास के साथ विरासत के संरक्षण और धार्मिक आस्था के केंद्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। औराई तहसील स्थित संत रविदास कुटिया श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी को रामायण सर्किट से जोड़ा गया है।

बाबा सेमराधनाथ धाम मंदिर परिसर का सुंदरीकरण कराया गया है। गंगा घाट पर श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की गई हैं। गोपीगंज स्थित ज्ञानानंद मंदिर के गंगा किनारे घाट का पुनर्निर्माण एवं सुंदरीकरण भी कराया गया है।

इसके अलावा बाबा हरिहरनाथ मंदिर, सीता समाहित स्थल और चकवा महादेव मंदिर के पर्यटन विकास के कार्य किए गए हैं। 52 बीघा तीर्थ क्षेत्र के विकास को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। कार्यक्रम में बाबा बड़े शिवधाम, प्राचीन बाबा बुढ़ेनाथ मंदिर, सायरकोट और विकासखंड डीघ के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर से संबंधित विकास कार्यों का भी शिलान्यास किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले तीर्थों के विकास के लिए मिलने वाला धन धार्मिक स्थलों पर खर्च होने के बजाय कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के नाम पर जमीनों पर कब्जा करने का माध्यम बन जाता था। डबल इंजन की सरकार ने इस प्रवृत्ति पर रोक लगाई है। अब विरासत का संरक्षण, धार्मिक स्थलों का सुंदरीकरण और आस्था के केंद्रों का विकास किया जा रहा है।

कालीन उद्योग को वैश्विक पहचान, 65 देशों के खरीदार पहुंचे भदोही

मुख्यमंत्री ने भदोही के विश्व प्रसिद्ध कालीन उद्योग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिले की पहचान पहले से ही कालीन निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रही है। अब सरकार इस उद्योग को आधुनिक तकनीक, व्यापार और निर्यात की सुविधाओं से जोड़कर कारीगरों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने इंडिया कारपेट एक्सपो के गोल्डन जुबली आयोजन का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें करीब 250 एग्जीबिटर्स और 450 विदेशी खरीदार शामिल हुए। इनमें 106 खरीदार ब्रिक्स देशों से थे और कुल 65 देशों के खरीदारों ने भदोही के कालीन उद्योग तथा यहां के कारीगरों के हुनर को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कारपेट एक्सपो जैसे आयोजनों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को दुनिया के बाजार तक पहुंचा रही है। कारीगरों को तकनीक, व्यापार और निर्यात की सुविधाएं देकर उनके उत्पादों की गुणवत्ता तथा बाजार का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के बाद अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ के माध्यम से प्रत्येक जिले के पारंपरिक व्यंजनों को भी पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। जौनपुर की इमरती का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि भदोही के विशिष्ट उत्पादों और व्यंजनों को भी वैश्विक पहचान दिलाई जाएगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

युवाओं के लिए छह महीने में एक लाख और सरकारी नौकरियां

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में रोजगार और सरकारी नौकरियों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अब तक साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है। अगले छह महीने के भीतर एक लाख और नौजवानों को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

उन्होंने समाजवादी पार्टी और युवाओं की नौकरी में गड़बड़ी करने वालों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मैंने उनसे कहा है कि गिनते रहो, सरकार नौजवानों को रोजगार देने का काम लगातार जारी रखेगी।

भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की नौकरी में सेंध लगाने वाला जेल जाएगा और उसकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी। बेटी और व्यापारी की सुरक्षा पर खतरा पैदा करने वालों के लिए भी जेल और जहन्नुम के रास्ते खुले हैं। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

सपा पर परिवारवाद, तुष्टीकरण और अराजकता का आरोप

मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि उस समय युवा, कारीगर, किसान और महिलाएं सरकार के एजेंडे में शामिल नहीं थे। उनके अनुसार, सपा के एजेंडे में केवल परिवार, तुष्टीकरण और अराजकता थी। दंगाइयों और उपद्रवियों का महिमामंडन किया जाता था तथा माफिया के सामने घुटने टेकने की स्थिति थी।

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में भय, भ्रष्टाचार और बदहाली का माहौल था। प्रदेश की पहचान दंगों और अपराधों से जुड़ी हुई थी। अब उत्तर प्रदेश को कोई बीमारू या दंगाग्रस्त राज्य नहीं कह सकता। जो प्रदेश पहले देश के निचले तीन राज्यों में गिना जाता था, आज उसकी गिनती टॉप-थ्री राज्यों में होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश अब माफिया मुक्त, कर्फ्यू मुक्त और उपद्रव मुक्त बनने के बाद उत्सव युक्त उत्तर प्रदेश की पहचान बना रहा है। आज बेटी और व्यापारी की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। कारीगरों को पलायन के लिए मजबूर नहीं होना पड़ रहा है। किसानों के लिए बीज से बाजार तक की व्यवस्था बनाई गई है तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से आर्थिक सहायता दी जा रही है।

युवाओं को कौशल विकास और मिशन रोजगार के जरिए नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

खेल और कौशल विकास से युवाओं को मिलेगा अवसर

मुख्यमंत्री ने युवाओं की खेलों में बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने प्रत्येक कमिश्नरी में एक स्पोर्ट्स कॉलेज उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को शिक्षा, खेल, कौशल विकास और रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलें, ताकि वे अपनी प्रतिभा के बल पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें।

लाभार्थियों को करोड़ों की आर्थिक सहायता, आवास की चाबी और नियुक्ति पत्र

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के प्रतीकात्मक डेमो चेक, आवास की चाबी, कृषि उपकरणों की चाबी, नियुक्ति पत्र और आयुष्मान भारत योजना का कार्ड प्रदान किया।

प्रमुख लाभार्थियों का विवरण इस प्रकार है-

विनीत राय: एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) वित्त पोषण योजना के अंतर्गत कालीन व्यवसाय के लिए ₹2 करोड़ का डेमो चेक।

पवन कुमार: मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत हैंडल बैग एवं पेपर बैग निर्माण के लिए ₹5 लाख का डेमो चेक।

गौरव सिंह: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत ऑयल मिल स्थापना के लिए ₹10 लाख का डेमो चेक।

संतोष तिवारी: प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत मशरूम उत्पादन के लिए ₹16 लाख 30 हजार रुपये का डेमो चेक।

काजल गौतम: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत आरएफ एवं सीआईएफ के लिए ₹4 करोड़ 46 लाख का डेमो चेक।

जयदेव: मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित आवास की चाबी।

अभिषेक सिंह: कृषि यांत्रिकीकरण योजना के अंतर्गत कंबाइन हार्वेस्टर की चाबी।

नेहा: आंगनवाड़ी केंद्र सरायभान सिंह के लिए नवनियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का नियुक्ति पत्र।

प्रिंसी: आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर नियुक्ति पत्र।

यमुना देवी: आयुष्मान भारत योजना का डेमो कार्ड।

इस प्रकार कार्यक्रम में उद्यमिता, स्वरोजगार, खाद्य प्रसंस्करण, महिला स्वयं सहायता समूह, आवास, कृषि यांत्रिकीकरण, आंगनबाड़ी सेवाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े लाभार्थियों को सम्मानित किया गया।

बच्चों का अन्नप्राशन और गर्भवती महिलाओं की गोदभराई

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। नौवें राष्ट्रीय पोषण माह अभियान के अंतर्गत उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन कराया और गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म पूरी कराकर पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।

उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए मॉडल देखकर उनका उत्साह बढ़ाया। इसके अलावा कृषि, स्वयं सहायता समूह, खाद्य एवं रसद, पीएम सूर्यघर, कौशल विकास एवं सेवायोजन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा महिला कल्याण विभाग की ओर से लगाए गए स्टॉलों का भी निरीक्षण किया।

जनप्रतिनिधियों ने रखीं विकास की मांगें और जिले की उपलब्धियां

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने भी जिले के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक पहचान से जुड़े विषय उठाए।

सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश भय, भ्रष्टाचार और बदहाली से जूझ रहा था। वर्तमान समय में प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, चिकित्सा शिक्षा और विरासत संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने जिले में हो रहे विकास कार्यों को प्रदेश की बदलती तस्वीर से जोड़ा।

ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने काशी नरेश विश्वविद्यालय की स्थापना को जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष भदोही में मेडिकल कॉलेज की मांग भी रखी, ताकि जिले के लोगों को चिकित्सा शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

औराई विधायक दीनानाथ भास्कर ने भदोही के कालीन उद्योग की अंतरराष्ट्रीय पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने जनपद के नाम के साथ भदोही को भी बनाए रखने का आग्रह किया, ताकि विश्व प्रसिद्ध कालीन उद्योग के कारण जिले को मिली पहचान और उसकी ऐतिहासिक पहचान बरकरार रहे।

विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास नगर भदोही में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, धार्मिक पर्यटन, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में विकास कार्य लगातार आगे बढ़ाए जा रहे हैं। सरकार की नीति विकास के साथ विरासत का सम्मान और गरीब कल्याण की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि भदोही की पहचान अब केवल कालीन उद्योग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शिक्षा, चिकित्सा, धार्मिक पर्यटन, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के नए अवसरों के माध्यम से जिला विकास की नई दिशा में आगे बढ़ेगा।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, विधायक औराई दीनानाथ भास्कर, विधायक ज्ञानपुर विपुल दुबे, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा, पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडे, पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्र, पूर्व विधायक रविंद्रनाथ त्रिपाठी, पूर्व जिलाध्यक्ष वंशीलाल मौर्य, पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष पांडे, पूर्व जिलाध्यक्ष हौसला प्रसाद पाठक सहित भाजपा एवं एनडीए के सहयोगी दलों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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