NationalUP Live

योगी कैबिनेट में 23 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, एक्सप्रेसवे से लेकर शिक्षा और रोजगार तक लिए गए बड़े फैसले

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए ₹1,008.67 करोड़, 14,429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल बनाने, लघु एवं सीमांत किसानों को 6% ब्याज पर ₹6 लाख तक दीर्घकालिक ऋण, पूर्व अग्निवीरों को जेल वार्डर और प्रवर्तन सिपाही भर्ती में 20% क्षैतिज आरक्षण, पीआरडी जवानों का ड्यूटी भत्ता ₹500 से बढ़ाकर ₹600 और कैशलेस चिकित्सा सुविधा जैसे बड़े फैसले लिए गए। इसके अलावा खिलौना उद्योग, एथेनॉल प्लांट, नए शहरों, एटीएस, एनएसजी केंद्र और ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े 23 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, परिषदीय विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल बनाने, खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने, किसानों को सस्ती दर पर ऋण और पूर्व अग्निवीरों को सरकारी भर्ती में आरक्षण देने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं। बैठक में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, रोजगार, कृषि, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास को लेकर भी निर्णय लिए गए। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेसवार्ता में स्वीकृत प्रस्तावों की जानकारी दी।

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 1,008.67 करोड़ मंजूर
कैबिनेट में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को विकसित करने के लिए संशोधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। 15.172 किलोमीटर लंबे प्रवेश नियंत्रित छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण ईपीसी मोड पर कराया जाएगा। परियोजना की अनुमानित लागत 1,008.67 करोड़ रुपये है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। निर्माणकर्ता के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। इससे बुंदेलखंड से चित्रकूट धाम तक आवागमन सुगम होने और पर्यटन को गति मिलने की उम्मीद है।

परिषदीय विद्यालय बनेंगे स्मार्ट स्कूल
बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रण वाले परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम होगा।

किसानों को छह प्रतिशत ब्याज पर छह लाख तक ऋण
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को रियायती ब्याज दर पर दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने का फैसला किया गया। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से किसानों को छह लाख रुपये तक का ऋण छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर लंबी अवधि के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे किसानों को कृषि और ग्रामीण जरूरतों के लिए सस्ती दर पर वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी भर्ती में आरक्षण
योगी कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों को उत्तर प्रदेश जेल वार्डन की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत पद आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही पूर्व अग्निवीरों को प्रवर्तन सिपाही (परिवहन) कि सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत पदों पर क्षैतिज एवं आयु सीमा में छूट देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। इन फैसलों से सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को सरकारी रोजगार के अवसर मिलेंगे।

पीआरडी जवानों और आश्रितों को कैशलेस इलाज
प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा देने का निर्णय हुआ। इससे पीआरडी जवानों और उनके परिवारों को उपचार के दौरान आर्थिक राहत मिलेगी।

खिलौना उद्योग को मिलेगा प्रोत्साहन
कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को मंजूरी दी गई। इस नीति से प्रदेश में खिलौना निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में मदद मिलेगी।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले

औद्योगिक विकास एवं रोजगार
– उत्तर प्रदेश के अभियांत्रिकी विभागों में कार्य के त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन के लिए वित्तीय नियमों के तहत अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों की सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी
– उत्तर प्रदेश राज्य चीनी निगम लिमिटेड की छाता शुगर कंपनी लिमिटेड, जनपद मथुरा में कंसेशन-कम-लीज के माध्यम से 120 केएलपीडी एथेनॉल उत्पादन संयंत्र की स्थापना को मंजूरी।
– उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में वर्ल्डफिश परियोजना के संचालन के लिए राज्य सरकार, मत्स्य विभाग, उत्तर प्रदेश और वर्ल्डफिश के बीच समझौता ज्ञापन पर अनुमोदन।

सुरक्षा और प्रशासन
– राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना के लिए अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील स्थित ग्राम पूरे लाल खान में लगभग 65 एकड़ बंजर भूमि भारत सरकार को निशुल्क आवंटित करने की मंजूरी।
– 10 वर्ष तक की अवधि के किरायेदारी/पट्टा विलेखों पर प्रभावी स्टांप शुल्क और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट देने का प्रस्ताव पास।

ग्रामीण विकास और जनकल्याण
– प्रदेश में वाहनों की तकनीकी स्वस्थता को सुनिश्चित करने के लिए वाहनों की जांच हेतु स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) की स्थापना संबंधी नीति में संशोधन को मंजूरी।
– प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवकों की ड्यूटी भत्ता दर में बढ़ोतरी का प्रस्ताव स्वीकृत।
– प्रदेश की उचित दर दुकानदारों को वितरित खाद्यान्न की मात्रा के सापेक्ष 25 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त मार्जिन मनी देने का फैसला।

शहरी विकास
– लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली को मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत विकसित करने के लिए धनराशि स्वीकृत करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी।
– लखनऊ में स्वीकृत हाईटेक टाउनशिप परियोजना को पूर्ण किए जाने के संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी।

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के लिए योगी कैबिनेट की मंजूरी, 1,008.67 करोड़ रुपये होंगे खर्च

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। प्रवेश नियंत्रित छह लेन के इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 1,008.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसमें केंद्र सरकार की किसी तरह की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं है।

15.172 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 15.172 किलोमीटर होगी। इसका निर्माण इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मोड पर कराया जाएगा। व्यय-वित्त समिति द्वारा पूंजीगत मदों के लिए संशोधित प्रस्ताव की लागत का मूल्यांकन किया गया था, जिसे अब कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद निर्माणकर्ता के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

चित्रकूट धाम तक पहुंच होगी आसान

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से बुंदेलखंड के प्रारंभिक बिंदु से चित्रकूट धाम तक आवागमन आसान और तेज होने की उम्मीद है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। प्रवेश नियंत्रित छह लेन एक्सप्रेसवे होने से यात्रियों को सुगम और व्यवस्थित सफर का लाभ मिल सकेगा। चित्रकूट धाम धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। एक्सप्रेसवे के निर्माण से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को गति मिलने और क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना है। बुंदेलखंड के विकास में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और मध्यांचल में खिलौना उद्योग लगाने पर मिलेगा प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 को मंजूरी दे दी गई। इस नीति का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को खिलौना विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना, नए उद्योगों को प्रोत्साहित करना और ट्वॉय क्लस्टर्स में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। नीति के माध्यम से प्रदेश में खिलौना निर्माण, विपणन और तकनीकी उन्नयन को बढ़ावा दिया जाएगा।

खिलौना उद्योग में यूपी की मजबूत पहचान
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश विशेष रूप से खिलौना विनिर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। राज्य भारतीय पर्व-त्योहारों से संबंधित वस्तुओं (HS 9505) के निर्यात में लगभग 50 प्रतिशत योगदान करता है। वाराणसी, झांसी और चित्रकूट अपने जीआई टैग प्राप्त लैकवेयर तथा हस्तनिर्मित लकड़ी के खिलौनों के लिए प्रसिद्ध हैं। यह क्षेत्र कारीगरों, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों के लिए रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम है। खिलौना विनिर्माण एवं विपणन को विकास के प्रमुख क्षेत्र के रूप में बढ़ावा देकर कुशल, अर्धकुशल और अकुशल मानव संसाधन का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। इससे ट्वॉय क्लस्टरों में रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ेंगे।

नए उद्योगों और मौजूदा इकाइयों को मिलेगा समर्थन
नीति के तहत खिलौना विनिर्माण इकाइयों को प्रोत्साहन आधारित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। मौजूदा उद्योगों के विस्तार, विविधीकरण और तकनीकी उन्नयन के लिए भूमि एवं अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। नए उद्यमों की स्थापना में सहायता देने के साथ एमएसएमई और बड़े उद्योगों को भी समर्थन दिया जाएगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और मध्यांचल क्षेत्रों में खिलौना उद्योग स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इससे इन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने में मदद मिलेगी।

एमएसएमई और बड़े उद्योगों के लिए अलग व्यवस्था
उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 के अंतर्गत एमएसएमई वर्गीकरण के अनुसार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम श्रेणी की इकाइयों के साथ वृहद और उससे उच्च श्रेणी की खिलौना विनिर्माण इकाइयों तथा खिलौना क्लस्टर उद्यमों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। एमएसएमई श्रेणी की पात्र इकाइयों को उत्तर प्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन नीति-2022 और उसके निष्प्रभावी होने की स्थिति में लागू उत्तरवर्ती नीति के तहत निर्धारित प्रोत्साहन मिलेंगे। वहीं, बड़े और उससे उच्च श्रेणी के तहत स्थापित नई इकाइयों तथा विस्तार एवं विविधीकरण करने वाली इकाइयों को प्रस्तावित नीति के प्रावधानों के अनुसार प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इनका क्रियान्वयन इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से किया जाएगा।

निवेश और रोजगार को मिलेगा बल
नीति के तहत पात्र खिलौना विनिर्माण इकाइयों को निर्धारित प्रोत्साहन वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने के बाद प्रदान किए जाएंगे। प्रस्ताव में फ्रंट एंड सब्सिडी के प्रावधान भी शामिल हैं। इससे प्रदेश में खिलौना उद्योग की स्थापना और विस्तार को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। नीति का क्रियान्वयन उत्तर प्रदेश सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (एमएसएमई) द्वारा किया जाएगा। बड़े और उससे उच्च श्रेणी के उद्योगों से संबंधित प्रोत्साहनों का क्रियान्वयन इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से होगा।

पांच वर्षों तक प्रभावी रहेगी नीति
उत्तर प्रदेश खिलौना विनिर्माण प्रोत्साहन नीति-2025 प्रख्यापन की तिथि से पांच वर्ष की अवधि तक अथवा सरकार द्वारा नई नीति के प्रख्यापन तक लागू रहेगी। इस नीति के अंतर्गत प्रोत्साहन प्राप्त करने वाली परियोजनाएं राज्य सरकार की किसी अन्य नीति के तहत प्रोत्साहनों की पात्र नहीं होंगी। हालांकि, भारत सरकार की योजनाओं एवं नीतियों के तहत उपलब्ध प्रोत्साहन इसके अतिरिक्त प्राप्त किए जा सकेंगे।

नीति से होने वाले प्रमुख लाभ
– प्रदेश को खिलौना विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने में मदद।
– पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड और मध्यांचल में उद्योग स्थापना को प्रोत्साहन।
– खिलौना क्लस्टरों में अतिरिक्त रोजगार के अवसर।
– कारीगरों, महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को आर्थिक अवसर।
– एमएसएमई एवं बड़े उद्योगों के विस्तार और तकनीकी उन्नयन को समर्थन।
– खिलौना निर्माण एवं विपणन के क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा।

यूपी में 15,012 शिक्षकों की भर्ती का बड़ा मौका, 16 सितंबर से आवेदन शुरू

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button