सीलबंद लिफाफा खुला तो सामने आए निबंध के विषय, बरेका में 267 बच्चों ने दिखाई लेखनी की ताकत
बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में केंद्रीय रेलवे महिला कल्याण संगठन, नई दिल्ली के निर्देशन में अखिल भारतीय ऑन-द-स्पॉट निबंध प्रतियोगिता आयोजित हुई। बाल निकेतन विद्यालय में आयोजित प्रतियोगिता में बरेका कर्मचारियों के करीब 267 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों को तीन आयु वर्गों में बांटकर स्वस्थ भोजन, संयुक्त परिवार, बढ़ती जनसंख्या और जेन ज़ी जैसे विषयों पर निबंध लिखने का अवसर दिया गया। दो घंटे की प्रतियोगिता में बच्चों ने रचनात्मकता, लेखन क्षमता और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया।
वाराणसी। केंद्रीय रेलवे महिला कल्याण संगठन, नई दिल्ली के निर्देशन में रेलवे कर्मचारियों के बच्चों के लिए आयोजित अखिल भारतीय ऑन-द-स्पॉट निबंध प्रतियोगिता के तहत रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में भी निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। बरेका महिला कल्याण संगठन की ओर से बाल निकेतन विद्यालय में आयोजित प्रतियोगिता में बरेका कर्मचारियों के करीब 267 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
देशभर में एक ही दिन आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा, विचारों और लेखन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करना था। प्रतियोगिता को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने निर्धारित समय में अपने विचारों को निबंध के माध्यम से प्रभावशाली एवं रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया।
सीलबंद लिफाफे में पहुंचे निबंध के विषय
प्रतियोगिता की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केंद्रीय रेलवे महिला कल्याण संगठन, नई दिल्ली की ओर से निबंध के विषय सीलबंद लिफाफे में भेजे गए थे। प्रतियोगिता स्थल पर निर्धारित समय प्रातः 10:30 बजे सचिव, बरेका महिला कल्याण संगठन एवं वरिष्ठ कार्यकारी सदस्या श्रीमती पूजा मौर्या तथा श्रीमती सुनीता की उपस्थिति में सीलबंद लिफाफा खोला गया। इसके बाद उसमें निर्धारित निबंध विषयों की घोषणा की गई।
प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को उनकी आयु के आधार पर तीन अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया था। प्रत्येक आयु वर्ग के बच्चों के लिए उनकी समझ और रुचि के अनुरूप अलग-अलग विषय निर्धारित किए गए।
तीन आयु वर्गों में हुई प्रतियोगिता
ग्रुप-I में 6 से 9 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए ‘स्वस्थ भोजन/पौष्टिक आहार’ तथा ‘मेरे कक्षाध्यापक/मेरी कक्षा अध्यापिका’ विषय निर्धारित किए गए थे।
ग्रुप-II में 10 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए ‘मनोरंजन गतिविधियों का महत्व’ तथा ‘संयुक्त परिवार या एकल परिवार’ विषय दिए गए।
वहीं ग्रुप-III में 13 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए ‘देश की बढ़ती जनसंख्या : वरदान या अभिशाप’ तथा ‘जेन ज़ी’ विषय निर्धारित किए गए थे।
बच्चों को निबंध लिखने के लिए दो घंटे का निर्धारित समय दिया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने पूरी एकाग्रता के साथ अपने विचारों को शब्दों में पिरोया। छोटे बच्चों ने जहां स्वस्थ भोजन और अपने अध्यापक जैसे विषयों पर अपनी समझ और अनुभवों को सरल भाषा में अभिव्यक्त किया, वहीं बड़े बच्चों ने परिवार, जनसंख्या और जेन ज़ी जैसे समसामयिक एवं सामाजिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
बच्चों में दिखा उत्साह और आत्मविश्वास
प्रतियोगिता के दौरान बाल निकेतन विद्यालय का वातावरण उत्साह और उमंग से भरा रहा। बड़ी संख्या में बच्चों की भागीदारी ने आयोजन के प्रति उनके उत्साह को दर्शाया। प्रतिभागियों ने निर्धारित नियमों और समय-सीमा का पालन करते हुए अपने निबंध पूरे किए।
इस अवसर पर सचिव, बरेका महिला कल्याण संगठन श्रीमती राखी गुप्ता ने कहा कि केंद्रीय रेलवे महिला कल्याण संगठन, नई दिल्ली के निर्देशन में देशभर में एक ही दिन आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता रेलवे कर्मचारियों के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों की रचनात्मकता और लेखन क्षमता को विकसित करने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति की क्षमता और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी मजबूत करती हैं। बच्चों को अपनी सोच और कल्पनाशीलता को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने का अवसर मिलता है, जो उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम के दौरान बरेका महिला कल्याण संगठन की सदस्या श्रीमती प्रियंका प्रसाद एवं श्रीमती मीनाक्षी सिंह, बाल निकेतन की इंचार्ज श्रीमती स्वाति चौधरी तथा श्रीमती पूनम जायसवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन को सफल बनाने में बरेका महिला कल्याण संगठन एवं बाल निकेतन विद्यालय से जुड़े सदस्यों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता ने बच्चों को न केवल अपनी लेखन प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया, बल्कि उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में अपने जैसे अन्य प्रतिभागियों के साथ एक साझा मंच से जुड़ने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त करने का अवसर भी प्रदान किया।
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