नगर निगम : लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज; 15 दिन चलेगा अतिक्रमण हटाओ अभियान
वाराणसी नगर निगम सदन ने जलजमाव और जलनिकासी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए खोजवा क्षेत्र के संबंधित जेई, एई और एक्सईएन के खिलाफ एडवर्स एंट्री की संस्तुति की है। सदन ने 15 दिनों का विशेष अभियान चलाकर नालों, सीवर और तालाबों से अवैध अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया। रोहनिया व शिवपुर के करीब 15 वार्डों में नई सीवर-पेयजल पाइपलाइन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बैठक में बनारसी साड़ी उद्योग, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा प्रबंधन और शहर की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई।
वाराणसी : नगर निगम द्वारा फरवरी माह से ही नाले व सीवर की सफाई का अभियान चलाया जा रहा है, इसके बावजूद खोजवा क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। नगर निगम सदन ने इस लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लिया है। मैदागिन स्थित टाउनहॉल में महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित साधारण अधिवेशन के दौरान महापौर ने संबंधित क्षेत्र के जेई, एई और एक्सईएन के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि (एडवर्स एंट्री) देने की संस्तुति की। इसके साथ जलजमाव की समस्या से स्थाई मुक्ति दिलाने के लिए नगर निगम ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया हैं। सदन में सर्वसम्मति से 15 दिनों का विशेष अभियान चलाकर सीवर, नाले और तालाबों पर किए गए अवैध अतिक्रमण को तोड़ने की संस्तुति की है ।
बैठक में मुख्य रूप से कैंट और रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के वार्डों में सीवर, नाले व तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने पर बल दिया गया ताकि शहरवासियों को जलभराव की समस्या से स्थाई मुक्ति मिल सके। अधिवेशन के दौरान उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 91 (2) के तहत पार्षद मदन मोहन दूबे ने नवसृजित रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के छह वार्डों में नालों और तालाबों पर अवैध कब्जे का मुद्दा प्रखरता से उठाया। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण के कारण क्षेत्र में भीषण जलभराव हो रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। पार्षद ने इसे तत्काल कब्जा मुक्त कराकर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की, जिसे सदन ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सदन को अवगत कराया कि नवसृजित वार्डों में व्यवस्थित सीवर लाइन की सुविधा नहीं है। इसे देखते हुए रोहनिया व शिवपुर विधानसभा के करीब 15 वार्डों में सीवर व पेयजल की नई पाइपलाइन बिछाने का विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, जिसकी जल्द मंजूरी मिलने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि 22 पुराने वार्डों में लगभग 2000 करोड़ रुपये की लागत से सीवर और पानी की नई पाइपलाइन बिछाई जा रही है। बारिश के कारण वर्तमान में केवल तीन वार्डों में काम चल रहा है, लेकिन जैसे ही बारिश थमेगी, शेष सभी वार्डों में तेजी से कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
बैठक में उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 91 (2) के पार्षदों ने जनहित, शहर की बुनियादी व्यवस्थाओं और विकास परियोजनाओं की सुस्त रफ्तार पर कड़ा रुख अपनाया। उपसभापति नरसिंह दास सहित सदस्यों द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करते हुए नगर आयुक्त को तत्काल प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए।
बनारसी साड़ी उद्योग को वैश्विक प्रोत्साहन: देश-विदेश के बाजारों में वाराणसी के पारंपरिक बनारसी साड़ी व्यापार को बढ़ावा देने और स्थानीय बुनकरों व व्यापारियों को आर्थिक संबल प्रदान करने हेतु विशेष योजना तैयार करने पर चर्चा हुई। कैंट स्थित मालगोदाम में 140 करोड़ रुयये की लागत से नमो साड़ी उद्योग केंद्र बनाने की सदन से हरी झंडी मिल गई ।
स्ट्रीट लाइट भुगतान व डोर-टू-डोर कूड़ा कंपनी की जांच पर सवाल: पार्षद राजकपूर चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में शहर भर में लगाई गई एलईडी, स्ट्रीट लाइट, सोलर लाइट, हाई मास्ट और सीसीएमएस कार्यों का लेखा-जोखा और भुगतान विवरण सदन के समक्ष रखने का प्रस्ताव दिया। इसके साथ ही, डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली कंपनी की जांच रिपोर्ट, कारण बताओ नोटिस और नए टेंडर की स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
नवविस्तारित वार्डों में ‘परिवार रजिस्टर’ की समस्या: पार्षद राजेश कन्नौजिया ने ग्राम सभा से नगर निगम में शामिल हुए क्षेत्रों में परिवार रजिस्टर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ब्लॉक से नगर निगम और निगम से ब्लॉक के चक्कर काटने में जनता परेशान है। उन्होंने इसका स्थायी समाधान निकालने की मांग की। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि निगम में परिवार रजिस्टर का कोई प्राविधान नहीं है फिर भी ब्लाक से परिवार रजिस्टर मंगाने का प्रयास होगा ।
सरकारी जमीनों पर पट्टालिका और बंद पड़े हाई मास्ट का मुद्दा: पार्षद हनुमान प्रसाद ने नवशहरी क्षेत्रों (उदा. मौजा सलारपुर) में हजारों बीघा सरकारी भूमि पर भू-माफियाओं के कब्जे का मामला उठाया। उन्होंने मांग की कि एक सप्ताह के भीतर सदर और नगर निगम की संयुक्त टीम गठित कर सरकारी भूमि पर पट्टालिका (सूचना बोर्ड) लगाई जाए। साथ ही, उन्होंने रखरखाव के अभाव में बंद पड़े या गिरे हुए मिनी हाई मास्ट लाइटों को टेकओवर कर तत्काल मरम्मत कराने का प्रस्ताव रखा। महापौर ने इसका जांच कराने का आदेश दिया ।
सड़कों का पुननिर्माण एवं पार्कों का ब्योरा: पार्षद गोविंद प्रसाद सिंह ने मांग रखी कि पीडब्ल्यूडी, मंडी समिति और जिला पंचायत की जर्जर/टूटी सड़कों का सर्वे कराकर मुख्यमंत्री सृजन योजना के बजट से पुनर्निर्माण कराया जाए। इसके अलावा, उन्होंने पार्कों व उद्यानों के रखरखाव पर खर्च हुई धनराशि का विवरण सदन में प्रस्तुत करने की मांग की।
लोलार्क कुंड में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का प्रस्ताव: पार्षद राजेश कुमार यादव ‘चल्लू’ ने लोलार्क छठ पर्व पर भदैनी स्थित लोलार्क कुंड में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कुंड की सफाई, लाइटिंग और रिसेटिंग व्यवस्था को दुरुस्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कराया।
वार्डों में मिस्त्री व लेबर की तैनाती का स्पष्टीकरण: पार्षद चंद्र नाथ मुखर्जी (चंदू) ने सवाल उठाया कि कार्यकारिणी के निर्णय के बावजूद प्रत्येक वार्ड में टूटी-फूटी गलियों की मरम्मत के लिए मिस्त्री, लेबर व सामग्री की सूची अब तक उपलब्ध क्यों नहीं कराई गई। इस पर महापौर ने कड़ी नाराजगी जताई और मिस्त्री, लेबर व सामग्री उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह का समय दिया ।
दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) में संचिका संख्या अनिवार्य करने की मांग: पार्षद संजय जायसवाल ने कहा कि जोनों में दाखिल-खारिज के आवेदनों को महीनों लंबित रखा जाता है। उन्होंने व्यवस्था दी कि आवेदन के समय ही संचिका (फ़ाइल) संख्या दर्ज की जाए, जिससे लंबित आवेदनों की पारदर्शी निगरानी हो सके। नगर आयुक्त ने कहा कि म्यूटेशन की कार्रवाई अब आनलाइन है । इस पर महापौर ने मैनुअल भी रिकार्ड रखने का निर्देश दिया ।
नाले पर अतिक्रमण हटाने का निर्देश: पार्षद रिजवाना शाहिना फिरदौस नोमानी ने वैष्णो पुरम कॉलोनी (कादरिया मस्जिद से बड़ी मस्जिद होते हुए रेलवे लाइन) के मुख्य नाले पर हुए अवैध निर्माण और पाटन को तत्काल हटवाने की मांग की, ताकि क्षेत्र में जलभराव की समस्या खत्म हो सके।
नजूल व नगर निगम संपत्तियों तथा आर्किटेक्ट डिजाइन की जांच: पार्षद प्रमोद राय ने मांग की कि नगर निगम व नजूल की आवंटित/अवैध कब्जे वाली संपत्तियों का पूरा विवरण तथा निर्माणाधीन संपत्तियों के आर्किटेक्ट डिजाइन की जानकारी सभी पार्षदों को उपलब्ध कराई जाए।
महापौर अशोक कुमार तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को जनहित के इन सभी प्रस्तावों पर समयबद्ध सीमा के भीतर कड़ी कार्रवाई करने और कृत कार्रवाई की रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए।
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