बाढ़ का कहर, लेकिन राहत मोर्चे पर प्रशासन मुस्तैद: 688 लोगों का रेस्क्यू, 36 गांवों तक पहुंची मदद
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने के बावजूद जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में लगातार जुटा है। अब तक 688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 36 प्रभावित गांवों के 13,906 लोगों तक सहायता पहुंची है। 28,803 लंच पैकेट और 2,065 राहत किट वितरित किए गए हैं। उधर गाजीपुर में गंगा नदी के टापू पर फंसे 12 चरवाहों और 2 हजार से अधिक भेड़ों को सुरक्षित बचाया गया।
लखनऊ : चित्रकूट में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्यों को लेकर पूरी तरह सतर्क है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर 29 अगस्त को 135.20 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अब घटकर 128.00 मीटर पर आ गया है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक जलस्तर में गिरावट के बावजूद प्रशासन ने निगरानी और राहत कार्यों में कोई ढिलाई नहीं की है। अब तक 688 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। वहीं जिले में बाढ़ से कोई भी जनहानि या पशुहानि नहीं हुई है।
बाढ़ की स्थिति के दौरान प्रशासन ने अब तक करीब 688 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत एवं सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है। बचाव अभियान के लिए एनडीआरएफ की टीम के 30 सदस्य और एसडीआरएफ की दो टीमों के 27 सदस्य तैनात किए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन की टीमें भी लगातार सक्रिय हैं।
36 गांवों के 13,906 लोगों तक पहुंची मदद
मंदाकिनी नदी में बढ़े जलस्तर से कर्वी के रामघाट सहित 19 गांव, राजापुर के 7 गांव और मानिकपुर के 10 गांव, यानी कुल 36 गांव प्रभावित हुए। इन क्षेत्रों में 13,906 लोगों तक मदद पहुंचाई गई। प्रशासन प्रभावित आबादी तक भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के काम में जुटा हुआ है।
28,803 लंच पैकेट बांटे गए
बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल भोजन उपलब्ध कराने के लिए बड़े स्तर पर व्यवस्था की गई है। तहसील कर्वी में 24,530, राजापुर में 4,043 और मानिकपुर में 230 यानी कुल 28,803 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इससे प्रभावित परिवारों को संकट के समय भोजन की तत्काल सुविधा मिली है।
2,065 राहत किट का वितरण
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने के लिए राहत किट का वितरण किया जा रहा है। अब तक कर्वी में 1,073, राजापुर में 796 और मानिकपुर में 196 यानी कुल 2,065 राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। साथ ही अन्य प्रभावितों तक भी तेजी से राहत किट पहुंचाई जा रही है। वहीं प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए जिले में 18 बाढ़ शरणालय क्रियाशील हैं।
मकान क्षति पर तत्काल आर्थिक सहायता
जिले में बाढ़ से 653 मकानों के आंशिक क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 188 मामलों में 7.52 लाख रुपये की सहायता राशि लाभार्थियों के खातों में भेजी जा चुकी है। वहीं पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त एक मामले में 1.20 लाख रुपये की सहायता दी गई है। शेष मामलों में भी भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
स्वास्थ्य और फसल क्षति पर भी नजर
बाढ़ प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत रखने के लिए 28 मेडिकल टीमें एंबुलेंस और आवश्यक दवाओं के साथ स्वास्थ्य परीक्षण व दवा वितरण कर रही हैं। वहीं किसानों को राहत देने के लिए फसल क्षति का सर्वेक्षण भी कराया जा रहा है।
12 चरवाहों और 2 हजार से अधिक भेड़ों को बचाया
गाजीपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से डूहिया सरैया के पास नदी के टापू पर फंसे 12 चरवाहों और 2 हजार से अधिक भेड़ों को पुलिस और प्रशासन ने बचाया। करीब छह घंटे चले जोखिमपूर्ण अभियान के बाद यह सफलता मिली।
देर रात में सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम ददरी घाट पहुंची। नाइट विजन ड्रोन से फंसे लोगों और भेड़ों की लोकेशन चिन्हित की गई। इसके बाद फ्लड कंपनी पीएसी, पुलिस, प्रशासनिक टीम और स्थानीय नाविकों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया। अभियान में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। स्थानीय ग्रामीणों और चरवाहों ने त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस-प्रशासन की सराहना की।
1,697 नाव-मोटरबोट और 1,068 मेडिकल टीमें सक्रिय, शरणालयों में 4,847 लोगों को आश्रय
उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत एवं बचाव अभियान लगातार युद्धस्तर पर जारी है। उत्तर प्रदेश बाढ़ राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक गुरुवार को प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ का असर रहा। करीब 3.53 लाख आबादी प्रभावित होने के बावजूद राहत एवं बचाव तंत्र की सक्रियता से अब तक कोई जन या पशु हानि नहीं दर्ज की गई है।प्रभावितों को 72,897 बाढ़ राहत किट और 3.67 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।
प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। अभी 4,847 लोग बाढ़ शरणालयों में रह रहे हैं। प्रदेश में कुल 1,312 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं।
1 हजार से ज्यादा मेडिकल टीमें सक्रिय
राहत और बचाव अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 1,634 बाढ़ चौकियां, 1,697 नाव-मोटरबोट और 1,068 मेडिकल टीमें सक्रिय हैं। इससे प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी के साथ जरूरतमंद लोगों तक तत्काल मदद पहुंचाई जा रही है।
राहत सामग्री वितरण में भी तेजी
योगी सरकार के राहत अभियान में प्रभावित परिवारों तक भोजन और जरूरी सामग्री पहुंचाने पर विशेष जोर है। अब तक 72,897 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट और 3,67,551 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा पशुओं के लिए 5 हजार क्विंटल से अधिक भूसा वितरित किया जा चुका है। स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत 5.52 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.87 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट भी वितरित किए जा चुके हैं। बाढ़ से 45 हजार से अधिक पशु प्रभावित हैं, लेकिन अभी तक किसी पशु की मृत्यु नहीं हुई है। इसी तरह जनहानि की भी कोई सूचना नहीं मिली है।
प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिले
अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।
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