Varanasi

माहेश्वरी महिला संगठन के तीज उत्सव में स्वाति बाहेती बनीं ‘तीज क्वीन’

वाराणसी में माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा आयोजित ‘लहरियो तीज उत्सव’ हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। ‘Instagram Rajasthan’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में राजस्थानी नृत्य रील, कॉमेडी रील और पारंपरिक घूमर की आकर्षक प्रस्तुतियां हुईं। स्वाति बाहेती को तीज क्वीन चुना गया, जबकि श्रेया सोमानी द्वितीय और राधिका मुंद्रड़ा तृतीय विजेता रहीं। रंग-बिरंगे लहरिया परिधानों में सजी महिलाओं ने राजस्थानी संस्कृति और आधुनिकता का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।

वाराणसी : सावन की हरियाली, तीज की उमंग और राजस्थानी संस्कृति के रंगों से सराबोर माहौल में माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा आयोजित ‘लहरियो तीज उत्सव’ बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और पारंपरिक गरिमा के साथ माहेश्वरी भवन में संपन्न हुआ। रंग-बिरंगे लहरिया परिधानों में सजी महिलाओं ने जब राजस्थानी संस्कृति की छटा बिखेरी तो पूरा परिसर मानो राजस्थान के लोक रंगों में रंग गया।

यह आयोजन केवल मनोरंजन का अवसर नहीं रहा, बल्कि महिलाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना का एक सुंदर मंच भी बना। बहू-बेटियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया कि आधुनिक दौर में आगे बढ़ते हुए भी अपनी जड़ों, संस्कारों और लोक परंपराओं को जीवंत रखा जा सकता है।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महेश के चित्र पर माल्यार्पण एवं श्रद्धापूर्वक वंदन के साथ हुआ। अध्यक्ष अलका बाहेती, मंत्री लक्ष्मी लड्ढा एवं कोषाध्यक्ष प्रज्ञा बजाज ने संयुक्त रूप से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद तीज उत्सव की रंगारंग प्रस्तुतियों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसने उपस्थित महिलाओं को देर तक उत्साह और आनंद से भरपूर रखा।

‘Instagram Rajasthan’ बनी उत्सव की खास थीम

इस वर्ष के आयोजन की विशेष थीम Instagram Rajasthan रखी गई थी। इस अनूठी थीम में सोशल मीडिया की आधुनिक दुनिया को राजस्थान की समृद्ध लोक-संस्कृति से जोड़ते हुए प्रतिभागियों ने आकर्षक और मनोरंजक प्रस्तुतियां दीं। राजस्थानी नृत्य रील, Instagram कॉमेडी रील तथा पारंपरिक घूमर नृत्य जैसी प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। पारंपरिक वेशभूषा, श्रृंगार और राजस्थानी अंदाज ने कार्यक्रम की भव्यता को और बढ़ा दिया।

वाराणसी में माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा आयोजित ‘लहरियो तीज उत्सव’ हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। ‘Instagram Rajasthan’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में राजस्थानी नृत्य रील, कॉमेडी रील और पारंपरिक घूमर की आकर्षक प्रस्तुतियां हुईं। स्वाति बाहेती को तीज क्वीन चुना गया, जबकि श्रेया सोमानी द्वितीय और राधिका मुंद्रड़ा तृतीय विजेता रहीं। रंग-बिरंगे लहरिया परिधानों में सजी महिलाओं ने राजस्थानी संस्कृति और आधुनिकता का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।

श्रृंगार और प्रस्तुति के आधार पर प्रतिभागियों को पांच आकर्षक समूहों-लहरियो, काजल, मेहंदी, बाजूबंद और पायलमें विभाजित किया गया था। प्रत्येक समूह ने अपनी अलग पहचान, रचनात्मकता और सामूहिक प्रतिभा से दर्शकों का मन मोह लिया।

स्वाति बाहेती बनीं ‘तीज क्वीन’

तीज उत्सव की सबसे आकर्षक प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पारंपरिक सौंदर्य, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वाति बाहेती ने ‘तीज क्वीन’ का खिताब अपने नाम किया। वहीं श्रेया सोमानी को द्वितीय विजेता तथा राधिका मुंद्रड़ा को तृतीय विजेता घोषित किया गया। विजेताओं के नाम की घोषणा होते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। सभी प्रतिभागियों ने विजेताओं को बधाई देते हुए उत्सव की खुशियों को साझा किया।

प्रतियोगिता परिणाम

  • तीज क्वीन: स्वाति बाहेती
  • द्वितीय विजेता: श्रेया सोमानी
  • तृतीय विजेता: राधिका मुंद्रड़ा

लहरियो ग्रुप की नृत्य रील को मिले सबसे ज्यादा लाइक और शेयर

आधुनिक प्रस्तुति शैली में आयोजित राजस्थानी नृत्य रील प्रतियोगिता ने विशेष रूप से सभी का ध्यान आकर्षित किया। पारंपरिक संगीत और आधुनिक रील प्रस्तुति के सुंदर मेल ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया।

इस प्रतियोगिता में लहरियो ग्रुप की प्रस्तुति को सबसे अधिक लाइक और शेयर प्राप्त हुए। प्रतिभागियों की ऊर्जा, समन्वय और रचनात्मकता ने इस प्रस्तुति को विशेष बना दिया। वहीं राजस्थानी कॉमेडी रील प्रतियोगिता में मेहंदी और पायल ग्रुप की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने सबसे अधिक पसंद किया। हास्य और राजस्थानी लोक अंदाज से भरपूर इन प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम में हंसी और आनंद का वातावरण बना दिया।

घूमर की थाप पर झूम उठा माहेश्वरी भवन

राजस्थान की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले पारंपरिक घूमर नृत्य की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष रंग भर दिया। रंग-बिरंगे लहरिया परिधानों में सजी महिलाओं ने जब संगीत की मधुर धुनों पर घूमर की मनमोहक प्रस्तुति दी, तो पूरा वातावरण तालियों और उत्साह से गूंज उठा। यह दृश्य केवल एक नृत्य प्रस्तुति नहीं था, बल्कि भारतीय नारी शक्ति, सामूहिकता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का जीवंत चित्र था। महिलाओं ने अपने उत्साह से यह सिद्ध किया कि परंपराएं तभी जीवित रहती हैं, जब नई पीढ़ी उन्हें गर्व और आनंद के साथ अपनाती है।

आधुनिकता के साथ परंपरा का अद्भुत संगम

इस अवसर पर माहेश्वरी समाज के प्रचारमंत्री गौरव राठी एवं माहेश्वरी महिला संगठन की प्रचार मंत्री सुनीता राठी ने संयुक्त रूप से कहा कि ‘लहरियो तीज उत्सव’ में बहू-बेटियों ने आधुनिकता और परंपरा का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को केवल मनोरंजन का अवसर नहीं देते, बल्कि महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आपसी संबंधों को मजबूत बनाने का मंच भी प्रदान करते हैं।

उन्होंने तीज क्वीन स्वाति बाहेती, द्वितीय विजेता श्रेया सोमानी और तृतीय विजेता राधिका मुंद्रड़ा सहित सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक प्रतिभागी ने अपनी प्रस्तुति से कार्यक्रम को यादगार बनाया। उन्होंने कहा कि हमारी लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। तीज जैसे पर्व महिलाओं के जीवन में उमंग, उल्लास और आत्मीयता का संदेश लेकर आते हैं। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

बड़ी संख्या में मातृशक्ति की रही सहभागिता

कार्यक्रम में संगठन की अध्यक्ष अलका बाहेती, मंत्री लक्ष्मी लड्ढा एवं कोषाध्यक्ष प्रज्ञा बजाज सहित बड़ी संख्या में महिला सदस्य एवं मातृशक्ति उपस्थित रहीं। उत्सव में ज्योति दुजारी, सरोज भरानी, मंजू चितलांगिया, अल्पना सोनी, मीनू लड्ढा, सुनीता काबरा, कृष्णा लड्ढा, राखी काबरा, सोनिया मारु, रंजना मुंद्रड़ा (आर.एल.), राजश्री सोमानी, संतोष चांडक, नमिता भुराडिया, विनीत बजाज, शशि नेवर, सरिता चांडक, रेखा सोमानी, भारती करवा, पूजा चांडक, पुष्पा धूत, लक्ष्मी सोमानी, पूनम मानधनी सहित सभी संयोजिकाएं और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहीं।सभी की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल और यादगार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संस्कृति को जीवंत रखने का सशक्त माध्यम बना उत्सव

‘लहरियो तीज उत्सव’ ने यह संदेश दिया कि त्योहार केवल परंपराओं का निर्वाह नहीं हैं, बल्कि वे समाज को जोड़ने, रिश्तों में आत्मीयता बढ़ाने और जीवन में नई ऊर्जा भरने का माध्यम भी हैं। बदलते समय में जब डिजिटल दुनिया हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है, तब ‘Instagram Rajasthan’ जैसी थीम के माध्यम से लोक संस्कृति को नई शैली में प्रस्तुत करना एक सराहनीय प्रयास रहा।लहरिया की रंगीन छटा, तीज के गीतों की उमंग, घूमर की मोहक लय, हास्य से भरी रील और महिलाओं का उत्साह-इन सभी ने मिलकर माहेश्वरी भवन में एक ऐसा सांस्कृतिक वातावरण तैयार किया, जिसकी स्मृतियां लंबे समय तक सभी के मन में बनी रहेंगी।

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