Varanasi

तिरंगा हाथों में, सेवा दिल में… काशी में संकल्प की अनोखी पहल

वाराणसी के चौक में स्वतंत्रता दिवस पर संकल्प संस्था ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जनसहभागिता से मजबूत किया। संकल्प अन्न क्षेत्र के तहत खिचड़ी प्रसाद और शीतल जल सेवा के साथ श्रद्धालुओं, राहगीरों व जरूरतमंदों को तिरंगे वितरित किए गए। आयोजन ने सेवा, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देते हुए काशी की गलियों में देशप्रेम की भावना को सशक्त बनाया।

वाराणसी। स्वतंत्रता दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि उन अनगिनत वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने का अवसर है, जिनके संघर्ष से देश को स्वतंत्रता मिली। इसी राष्ट्रभावना को जन-जन तक पहुंचाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जनसहभागिता के माध्यम से मजबूती देने के उद्देश्य से संकल्प संस्था ने सेवा, संस्कार और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संकल्प संस्था द्वारा संचालित ‘संकल्प अन्न क्षेत्र’ के तत्वावधान में वाराणसी के चौक स्थित कन्हैयालाल गुलालचंद सर्राफ प्रतिष्ठान के समक्ष खिचड़ी प्रसाद वितरण एवं शीतल जल सेवा का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, राहगीरों, श्रमिकों, जरूरतमंदों एवं आम नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण किया और शीतल जल सेवा का लाभ उठाया।

आयोजन का सबसे भावपूर्ण और प्रेरणादायक पक्ष रहा राष्ट्रध्वज तिरंगे का वितरण। संस्था के सदस्यों ने राहगीरों और आम नागरिकों को तिरंगा प्रदान कर उन्हें ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जोड़ा। हाथों में लहराता तिरंगा केवल कागज का एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता, गौरव और करोड़ों भारतीयों की साझा भावनाओं का प्रतीक बन गया।

चौक की व्यस्त गलियों में जब बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, व्यापारी, राहगीर और सेवा में जुटे कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर खड़े हुए तो पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के भाव से ओत-प्रोत हो गया। सेवा के साथ राष्ट्रध्वज के सम्मान का संदेश देते हुए संस्था ने यह भावना मजबूत की कि देशभक्ति केवल नारों तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी के माध्यम से भी व्यक्त की जा सकती है।

हनुमान जी को भोग अर्पित कर शुरू हुई सेवा

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री संकटमोचन हनुमान जी को भोग अर्पित कर किया गया। इसके बाद श्रद्धाभाव और सेवाभाव के साथ खिचड़ी प्रसाद एवं शीतल जल का वितरण प्रारंभ हुआ।

संस्था के सदस्यों ने स्वयं आगे बढ़कर लोगों को प्रसाद परोसा। कोई खिचड़ी वितरित कर रहा था, कोई जल पिला रहा था तो कोई लोगों को तिरंगा देकर स्वतंत्रता दिवस के इस अभियान से जुड़ने का आग्रह कर रहा था। सेवा के इस दृश्य ने यह संदेश दिया कि जहां संवेदना होती है, वहीं सच्ची देशभक्ति जन्म लेती है।

इस अवसर पर जरूरतमंदों और राहगीरों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता दिखाई दी। वहीं बच्चों और युवाओं में तिरंगे को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने संस्था की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम राष्ट्रप्रेम को जन-जन तक पहुंचाने के साथ समाज में सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं।

‘राष्ट्रधर्म की मशाल जलाए रखना हमारा संकल्प’ – अनिल कुमार जैन

संकल्प संस्था के संरक्षक अनिल कुमार जैन ने कहा कि स्वतंत्रता हमें सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई। इसके पीछे लाखों स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग, संघर्ष और बलिदान छिपा है। आज हमारा दायित्व है कि हम स्वतंत्रता के इस अमूल्य उपहार की गरिमा को समझें और आने वाली पीढ़ियों तक राष्ट्रप्रेम की भावना पहुंचाएं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘हर घर तिरंगा’ मुहिम देशवासियों को राष्ट्रध्वज के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और गौरव से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। संकल्प संस्था ने इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए लोगों को तिरंगा प्रदान किया और सेवा के माध्यम से राष्ट्रधर्म का संदेश देने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा, “हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग और बलिदान देश के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। तिरंगा हमारे लिए केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की आन, बान और शान है। संकल्प संस्था का प्रयास है कि सेवा के प्रत्येक कार्य के साथ राष्ट्रप्रेम की भावना भी जन-जन तक पहुंचे। हम राष्ट्रधर्म और राष्ट्रध्वज के सम्मान की यह मशाल निरंतर जलाए रखने का संकल्प लेते हैं।”

सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं

संकल्प अन्न क्षेत्र की इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि भूखे को भोजन, प्यासे को पानी और हाथों में तिरंगा-इन तीनों का संगम राष्ट्रसेवा की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करता है।

काशी की गलियों में आयोजित यह कार्यक्रम केवल प्रसाद वितरण तक सीमित नहीं रहा। यह एक ऐसा अवसर बना, जहां सेवा, श्रद्धा, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रभक्ति एक साथ दिखाई दिए। लोगों के हाथों में तिरंगा और चेहरे पर देश के प्रति गर्व की भावना ने पूरे आयोजन को भावनात्मक और यादगार बना दिया।

संस्था की ओर से यह संदेश भी दिया गया कि स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का अर्थ केवल ध्वजारोहण और राष्ट्रगान तक सीमित नहीं होना चाहिए। समाज के जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना, भूखे को भोजन कराना, प्यासे को पानी पिलाना, राष्ट्रध्वज का सम्मान करना और देश की एकता एवं अखंडता के लिए सकारात्मक योगदान देना भी सच्चे राष्ट्रधर्म का हिस्सा है।

इनका रहा विशेष सहयोग

कार्यक्रम में श्रीमती मृदुला रानी अग्रवाल, श्रीमती धीरिजा देवी, स्वर्गीय डॉ. कैलाश नाथ दुबे की स्मृति में डॉ. शशि द्विवेदी, डॉ. अनिल कुमार द्विवेदी, डॉ. विष्णु विभोर द्विवेदी एवं अनीश विभोर द्विवेदी का विशेष सहयोग रहा।

इस अवसर पर संकल्प संस्था के संरक्षक अनिल कुमार जैन, गिरधर दास अग्रवाल (मद्रास क्लॉथ सेंटर), संतोष अग्रवाल (कर्णघंटा), श्रीमती रमन लता अग्रवाल, शिवकुमार अग्रवाल, संजय अग्रवाल (गिरिराज), राजेंद्र अग्रवाल (माड़ी वाले), लल्लन चुरमुरा, सुधीर पांडे, अमित श्रीवास्तव, प्रमोद, रितिक, भैयालाल सहित संस्था के सदस्य एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

एक तिरंगा, एक सेवा और एक संकल्प-राष्ट्र सर्वोपरि

संकल्प संस्था के इस आयोजन ने काशी की धरती से एक सरल लेकिन गहरा संदेश दिया-राष्ट्रप्रेम तभी सार्थक है, जब वह हमारे व्यवहार और सेवा में दिखाई दे। तिरंगा हर हाथ में पहुंचे, हर घर में सम्मान से लहराए और हर हृदय में देश के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना जागे-इसी संकल्प के साथ आयोजित यह सेवा कार्यक्रम स्वतंत्रता दिवस की भावना को जन-जन तक पहुंचाने में सार्थक पहल बना।

श्री अग्रसेन कॉलेज में ध्यान का अद्भुत सत्र, जानिए क्या हुआ

PM मोदी का बड़ा ऐलान, युवाओं को मिलेगी फ्री कोचिंग और AI ट्रेनिंग

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button