युवाओं को AI की ताकत, महिलाओं को नेतृत्व का अवसर; विकसित भारत की नई तस्वीर
स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के साथ आत्मनिर्भरता, विनिर्माण, कृषि, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा, हरित अर्थव्यवस्था और भारत की सॉफ्ट पावर को नई दिशा देने का आह्वान किया गया। युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की बड़ी ताकत बताते हुए एआई स्किल, स्टार्टअप, खेल, शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर जोर दिया गया। महिला शक्ति के योगदान को रेखांकित करते हुए लखपति दीदी, STEM, रक्षा, विमानन और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात कही गई।
नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत अब छोटे सपनों के साथ आगे बढ़ने वाला देश नहीं है। बड़े सपने, दृढ़ संकल्प और देशवासियों के सामर्थ्य के बल पर भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने विकसित भारत की यात्रा में युवा शक्ति और नारी शक्ति को निर्णायक भूमिका देने पर विशेष जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत विकसित भारत की मजबूत नींव है। सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल, ऊर्जा, रक्षा, विनिर्माण और तकनीक जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया गया। उन्होंने मेक इन इंडिया, स्वदेशी और वोकल फॉर लोकल को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। साथ ही देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान दिलाने के लिए गुणवत्ता, लागत और उत्पादन के स्तर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने का आह्वान किया।
युवा शक्ति बनेगी विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि विकसित भारत की यात्रा का सबसे बड़ा साधक और लाभार्थी देश का युवा है। उन्होंने युवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने की बात कही। स्टार्टअप इंडिया, इनोवेशन फंड, स्किल इंडिया, स्पेस सेक्टर, ड्रोन पॉलिसी और नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए नए अवसर लगातार खुल रहे हैं।
युवाओं के लिए सबसे बड़ी घोषणा के रूप में आने वाले एक वर्ष में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य सामने रखा गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत का युवा AI की दुनिया में नेतृत्व करने का सामर्थ्य रखता है।
उन्होंने खेलों में भी भारत की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर दिया। 5 से 15 वर्ष तक के बच्चों में खेल प्रतिभा खोजने के लिए गांव, शहर और स्कूल स्तर पर टैलेंट हंट अभियान चलाने की बात कही गई, जिसमें बेटियों की प्रतिभा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नारी शक्ति को नेतृत्व और आर्थिक मजबूती का आधार
राष्ट्र निर्माण में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि फाइटर जेट, सिविल एविएशन, खेल, STEM शिक्षा और सेना सहित अनेक क्षेत्रों में बेटियां अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य पार हो चुका है और अब 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने के लिए महिला आरक्षण लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को देश की नीतियां बनाने में अपनी भूमिका निभाने का अवसर मिलना चाहिए।
विकास की सप्तधारा पर जोर
प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए सात प्रमुख शक्तियों-मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोडक्शन, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी और भारत की सॉफ्ट पावर-को विकास का आधार बताया। उन्होंने कहा कि इन सभी क्षेत्रों को एक साथ आगे बढ़ाकर भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलानी होगी।
आत्मनिर्भरता से वैश्विक नेतृत्व तक
उन्होंने कहा कि भारत को केवल दुनिया का बाजार नहीं बनना है, बल्कि इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक ब्रांड का केंद्र बनना है। आने वाले वर्षों में भारतीय कंपनियों, बैंकों, फार्मा और टेक्नोलॉजी कंपनियों को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने का लक्ष्य सामने रखा गया।
युवाओं से जनगणना में भागीदारी का आह्वान
प्रधानमंत्री ने युवाओं से जनगणना प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सटीक जानकारी के आधार पर ही बेहतर नीतियां और योजनाएं बनाई जा सकती हैं। युवाओं से परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर सही जानकारी भरने और डिजिटल माध्यम से उसे दर्ज कराने में सहयोग करने का आह्वान किया गया।
नशामुक्त भारत और राष्ट्र निर्माण
युवा पीढ़ी को नशे से बचाने को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए प्रधानमंत्री ने नशामुक्त भारत के 100 सप्ताह के अभियान से परिवारों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश की युवा शक्ति का उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 का लक्ष्य केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का संकल्प है। उन्होंने देशवासियों से सपनों को संकल्प, संकल्प को सामर्थ्य और सामर्थ्य को सफलता में बदलने का आह्वान करते हुए विकसित भारत के निर्माण में सामूहिक भागीदारी की अपील की।
भाषण के 10 प्रमुख बिंदु
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- 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य।
- आत्मनिर्भर भारत के लिए मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और रक्षा पर जोर।
- विकास की सप्तधारा को आगे बढ़ाने का आह्वान।
- युवा शक्ति को विकसित भारत का सबसे बड़ा साधक और लाभार्थी बताया।
- 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल ट्रेनिंग देने का लक्ष्य।
- स्टार्टअप, इनोवेशन, शिक्षा, स्पेस और रोजगार के नए अवसरों पर जोर।
- 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का नया लक्ष्य।
- महिलाओं के लिए लोकसभा और विधानसभाओं में 33% प्रतिनिधित्व की अपील।
- खेलों में बेटियों और बेटों की प्रतिभा तलाशने के लिए टैलेंट हंट अभियान।
- जनगणना, नशामुक्त भारत और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी का आह्वान।
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