58% काम पूरा, फिर भी नाराज़ हुए नगर आयुक्त, दीनापुर जल योजना में देरी पर दी सख्त चेतावनी
वाराणसी में दीनापुर जोन पेयजल आपूर्ति योजना की प्रगति का निरीक्षण करते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताई। 58 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने पर उन्होंने श्रमिकों और संसाधनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। योजना पूरी होने पर दीनापुर, सारनाथ समेत छह क्षेत्रों के 20 हजार से अधिक घरों को शुद्ध पेयजल मिलेगा।
वाराणसी : शहर में सीवर व पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर नगर निगम पूरी तरह से गंभीर है । इस क्रम में शनिवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दीनापुर जोन पेयजल आपूर्ति योजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की गहन समीक्षा की। इस महत्वाकांक्षी योजना के धरातल पर उतरने से दीनापुर, सलारपुर, लेढुपुर, सन्दहा, सारनाथ एवं रामदत्तपुर के हजारों परिवारों को शुद्ध और निर्बाध पेयजल मिलने लगेगा।
निरीक्षण के दौरान कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के अधिकारियों ने नगर आयुक्त को बताया कि योजना का कार्य मेसर्स विश्वा इन्फ्रास्ट्रक्चर एण्ड सर्विस प्रा. लि., निर्भय नगर, आगरा के माध्यम से कराया जा रहा है, जिसकी वर्तमान प्रगति 58 प्रतिशत है। मौके पर मौजूद कमियों और काम की रफ्तार को देखकर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई । उन्होंने फर्म के प्रतिनिधि से श्रमिकों और संसाधनों की संख्या तत्काल बढ़ाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिया। नगर आयुक्त ने निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण न होने या निर्देशों की अवहेलना करने की स्थिति में फर्म के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी।
इस वृहद योजना के तहत क्षेत्र में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कुल 27 नए नलकूप, 10 उच्च जलाशय (पानी की टंकी), 414 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और 20,176 घरों में पेयजल गृह संयोजन (कनेक्शन) देने का लक्ष्य प्रस्तावित है। इसके पूरा होने से क्षेत्र की एक बड़ी आबादी को पानी के संकट से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
पानी की टंकियों और नलकूपों का काम 90 फीसदी पूरा
अधिकारियों ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान में 25 नलकूपों और 09 उच्च जलाशयों का निर्माण कार्य लगभग 90 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा, अब तक 262 किलोमीटर मुख्य पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और 2,500 घरों को सीधे पेयजल कनेक्शन से जोड़ा जा चुका है। बचे हुए कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने की रणनीति बनाई गई है। निरीक्षण के दौरान जल निगम के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार, अधिशासी अभियन्ता राम अवतार, सहायक अभियन्ता पीयूष वर्मा व शान्ति भूषण वर्मा, अवर अभियन्ता आदित्य मौर्या, अरविन्द पटेल व शशि कुमार, पार्षद अनिल सोनकर एवं फर्म के प्रतिनिधि पवन कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कब्जामुक्त जमीन पर उगेगा 40 हजार पौधों का घना जंगल, जानिए काशी के ‘नमो वन’ की खासियत
वर्षों से परेशान लोगों को मिली राहत, अब हर घर तक पहुंचेगा भरपूर पानी



