महंगाई का बड़ा झटका: पेट्रोल-डीजल और LPG की कीमतों में आग, थोक महंगाई 8% के पार
पश्चिम एशिया संकट के चलते भारत में थोक महंगाई दर अप्रैल 2026 में बढ़कर 8.3 प्रतिशत पहुंच गई, जो साढ़े तीन साल का उच्चतम स्तर है। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया, जबकि कच्चा तेल 88 प्रतिशत महंगा हुआ। दूसरी ओर, शेयर बाजार में मजबूती देखने को मिली और धातु व फार्मा सेक्टर के शेयरों में तेजी रही। आईटी सेक्टर दबाव में रहा, जबकि निवेशकों ने व्यापक खरीदारी की।
नयी दिल्ली : पश्चिम एशिया संकट के कारण थोक बाजार में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में भारी उछाल के परिणामस्वरूप अप्रैल में थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति की दर साढ़े तीन साल के उच्चतम स्तर 8.3 प्रतिशत पर पहुंच गयी। अक्टूबर 2022 (8.39 प्रतिशत) के बाद पहली बार थोक महंगाई आठ फीसदी के पार दर्ज की गयी है। इससे पहले मार्च 2026 में थोक महंगाई दर 3.88 प्रतिशत रही थी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 की तुलना में इस साल अप्रैल में पेट्रोल की थोक कीमत 32.40 प्रतिशत बढ़ गयी। डीजल की महंगाई दर 25.19 प्रतिशत और रसोई गैस (एलपीजी) की 10.92 प्रतिशत पर रही।कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस की थोक महंगाई दर 67.18 प्रतिशत दर्ज की गयी। इस वर्ग में कच्चा तेल 88 फीसदी महंगा हुआ। तिलहनों के दाम भी 22.24 प्रतिशत और खनिजों के 12.15 प्रतिशत बढ़े।खाने-पीने की चीजें सस्ती हुई हैं।
आलू की कीमत एक साल पहले के मुकाबले 30 प्रतिशत और टमाटर की 26 प्रतिशत घट गयी। दालें भी चार फीसदी सस्ती हुई हैं। अनाजों के दाम भी घटे हैं।सब्जियों के दाम में 0.53 प्रतिशत की मामूली सालाना वृद्धि दर्ज की गयी। फल 0.21 प्रतिशत सस्ते हुए।वहीं, अंडा, मांस और मछली के दाम 6.68 प्रतिशत और दूध के 2.56 प्रतिशत बढ़ गये।विनिर्मित वस्तुओं में कपड़ों की थोक महंगाई दर 7.30 प्रतिशत रही। तंबाकू उत्पाद 5.67 प्रतिशत महंगे हुए। रसायन और रसायन उत्पादों के दाम एक साल पहले के मुकाबले 5.09 प्रतिशत बढ़े।
शुरुआती कारोबार में शेयर बाजारों में तेजी, धातु और फार्मा सेक्टर बढ़त में
घरेलू शेयर बाजारों में गुरुवार को शुरुआती कारोबार में तेजी रही और धातु तथा फार्मा सेक्टरों में निवेशक लिवाल रहे।बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 338.14 अंक की बढ़त में 74,947.12 अंक पर खुला और कुछ ही देर में 75,000 अंक के पार 75,079.80 अंक तक पहुंच गया। खबर लिखे जाते समय यह 204.80 अंक (0.27 प्रतिशत) चढ़कर 74,813.78 अंक पर था।पिछले कारोबारी दिवस पर भी बाजार में लिवाली देखी गयी थी। विशेष रूप से प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले वृहत बाजार में ज्यादा तेजी रही।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 117.65 अंक की मजबूती के साथ 117.65 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 89.70 अंक यानी 0.38 प्रतिशत ऊपर 23,502.30 अंक पर रहा।चौतरफा लिवाली के बीच आईटी सेक्टर दबाव में है। धातु, फार्मा और स्वास्थ्य सेक्टरों में अच्छी लिवाली हो रही है।सेंसेक्स की कंपनियों में अडानी पोर्ट्स, टाटा स्टील, एनटीपीसी, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, ट्रेंट और सन फार्मा के शेयर फिलहाल ऊपर हैं।वहीं, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टीसीएस, इंफोसिस और टेक महिंद्रा के शेयर एक से दो प्रतिशत के बीच गिरावट में हैं। मारुति सुजुकी, इंडिगो और टाइटन के शेयर भी नीचे चल रहे हैं।(वार्ता)
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