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पश्चिम बंगाल में लागू होगी आयुष्मान भारत योजना, पीएम मोदी ने डबल इंजन सरकार पर जताया भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद अब राज्य के लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई डबल इंजन सरकार केंद्र की सभी प्रमुख योजनाओं का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी। भाजपा ने चुनाव में आयुष्मान भारत को बड़ा मुद्दा बनाया था। तृणमूल कांग्रेस सरकार राज्य में स्वास्थ्य साथी योजना चला रही थी। सत्ता परिवर्तन के बाद अब राज्य में केंद्र की स्वास्थ्य और कल्याणकारी योजनाओं को तेजी से लागू किए जाने की उम्मीद है।

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद अब राज्य के लोगों को आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नयी ‘डबल-इंजन सरकार’ प्रमुख केंद्रीय कल्याणकारी कार्यक्रमों का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।

श्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पश्चिम बंगाल के मेरे भाइयों और बहनों का कल्याण सर्वोपरि है। मुझे बहुत खुशी है कि राज्य के लोगों को आयुष्मान भारत तक पहुंच मिलेगी, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य देखभाल योजना है और शीर्ष गुणवत्ता वाली तथा सस्ती स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करती है। साथ ही, डबल-इंजन सरकार प्रमुख केंद्रीय योजनाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।

“प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल में भाजपा द्वारा औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने के बाद आई है। राज्य में तृणमूल कांग्रेस का 15 साल का शासन समाप्त हो गया और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता से बाहर हो गई। भाजपा ने आयुष्मान भारत के क्रियान्वयन और केंद्र के साथ बेहतर समन्वय को अपने चुनावी अभियान का मुख्य मुद्दा बनाया था और पिछली तृणमूल सरकार पर राजनीतिक कारणों से कई केंद्र प्रायोजित योजनाओं को रोकने का आरोप लगाया था।

आयुष्मान भारत, जिसे आधिकारिक तौर पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के रूप में जाना जाता है, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को माध्यमिक और तृतीयक अस्पतालों में भर्ती होने के लिए प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक का वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करती है। तृणमूल शासन के दौरान, पश्चिम बंगाल इस योजना से बाहर रहा था और इसके बजाय अपनी स्वास्थ्य बीमा योजना ‘स्वास्थ्य साथी’ चला रहा था, जिसे सुश्री बनर्जी सरकार ने एक अधिक समावेशी विकल्प के रूप में पेश किया था।

भाजपा ने बार-बार तर्क दिया था कि आयुष्मान भारत से बाहर रहने से बंगाल के निवासी देश भर के सूचीबद्ध अस्पतालों के विस्तृत नेटवर्क के लाभ से वंचित रह गए। हालांकि, तृणमूल का मानना था कि स्वास्थ्य साथी व्यापक कवरेज प्रदान करती है और उसने केंद्र पर कल्याणकारी योजनाओं के वितरण का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया था।सत्ता परिवर्तन के साथ ही, नयी भाजपा सरकार से राज्य में आयुष्मान भारत को तेजी से लागू करने और अन्य कल्याणकारी पहलों को केंद्रीय योजनाओं के अनुरूप बनाने की उम्मीद है। (वार्ता)

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