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होर्मुज संकट से वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप, ट्रंप फिर सैन्य कार्रवाई पर विचार में

होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार पर गंभीर असर पड़ रहा है। अरामको के CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि यदि जहाजों की आवाजाही जल्द बहाल नहीं हुई तो तेल बाजार 2027 तक सामान्य नहीं हो पाएगा। दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर से सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं, जबकि ईरान ने पश्चिम एशिया संकट के समाधान के लिए 14-सूत्रीय शांति योजना पेश की है।

दोहा : सऊदी अरब की कंपनी अरामको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमीन नासिर ने कहा है कि यदि एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरुमध्य में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू नहीं होती, तो अगले साल तक वैश्विक तेल बाजार सामान्य स्थिति में नहीं लौटेगी।अरामको के पहली तिमाही के परिणामों पर चर्चा करने के लिए आयोजित एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान श्री नासिर ने कहा कि आपूर्ति में व्यवधान जितने लंबे समय तक जारी रहेगा, तेल बाजार को स्थिर होने में उतना ही अधिक समय लगेगा।

उन्होंने कहा कि यदि जलडमरुमध्य में गतिरोध जून के मध्य तक बना रहता है, तो यह संकट 2027 तक जारी रह सकता है।दुनिया की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी के प्रमुख के अनुसार, उत्पादन या परिवहन की कमी के कारण बाजार पहले ही एक अरब बैरल तेल गंवा चुका है और जब तक यह मार्ग बंद रहेगा, बाजार को हर हफ्ते लगभग 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान होता रहेगा।

उन्होंने याद दिलाया कि पहले होर्मुज से प्रतिदिन लगभग 70 जहाज गुजरते थे।फारस की खाड़ी में तेल उत्पादक देशों पर हमलों और ईरान द्वारा होर्मुज को प्रभावी ढंग से बंद करने से उत्पादन और निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने से पहले, इस जलमार्ग के माध्यम से प्रतिदिन लगभग दो करोड बैरल तेल बाजार में आता था।गौरतलब है कि सात अप्रैल को अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की थी।

इसके बाद इस्लामाबाद में हुई वार्ता बेनतीजा रही थी, लेकिन फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक ‘एकीकृत प्रस्ताव’ के साथ आने का समय देने के लिए युद्धविराम को आगे बढ़ा दिया था।तीन मई को श्री ट्रंप ने होर्मुज में फंसे जहाजों की सहायता के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की घोषणा की थी। फिर श्री ट्रंप ने पांच मई को कहा कि उन्होंने यह देखने के लिए थोड़े समय के लिए ऑपरेशन को रोकने का फैसला किया है कि क्या ईरान के साथ शांति समझौता हो सकता है। हालांकि सोमवार को उन्होंने अमेरिकी शांति प्रस्तावों पर ईरान की प्रतिक्रिया को पूरी तरह से ‘अस्वीकार्य’ बताया।

पश्चिम एशिया संघर्ष सुलझाने के लिए ईरान की 14-सूत्रीय योजना का कोई विकल्प नहीं : गालिबफ

ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ ने कहा कि पश्चिमी एशिया संघर्ष को सुलझाने के लिए ईरान के 14-सूत्रीय योजना का कोई विकल्प नहीं है।श्री गालिबफ ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा, “ईरानी लोगों के अधिकारों को स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, जैसा कि 14-सूत्रीय प्रस्ताव में बताया गया है। कोई भी अन्य दृष्टिकोण पूरी तरह से बेनतीजा रहेगा, यह एक के बाद एक असफलता के अलावा कुछ नहीं होगा।

“उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका जितनी देर करेगा, अमेरिकी करदाताओं को उतना ही ज़्यादा भुगतान करना पड़ेगा।ईरानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने मई की शुरुआत में कहा था कि तेहरान को इस्लामिक गणराज्य के नए 14-सूत्रीय शांति योजना प्रस्ताव के संबंध में अमेरिका से जवाब मिल गया है।तस्नीम समाचार एजेंसी ने रविवार को बताया कि इस योजना में प्रतिबंध हटाने, होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान का पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने और विदेशों में मौजूद ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने के प्रावधान शामिल हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को संघर्ष को समाप्त करने के अमेरिकी प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया।

ट्रम्प फिर से पश्चिमी एशिया में सैन्य कार्रवाई शुरू करने पर गंभीरता से कर रहे हैं विचार : रिपोर्ट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पश्चिमी एशिया में फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। सीएनएन ने श्री ट्रम्प के सहयोगियों के हवाले से यह जानकारी दी।इससे पहले, श्री ट्रम्प के साथ बातचीत के बाद फॉक्स न्यूज ने कहा था कि व्हाइट हाउस होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए ‘ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को फिर से शुरू करने पर विचार कर रहा है।

श्री ट्रम्प को संघर्ष को सुलझाने के लिए हो रही बातचीत में ईरान के रुख से लगातार निराशा हाथ लगी है और अब वह बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान फिर से शुरू करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।सूत्रों ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने से अमेरिकी राष्ट्रपति का धैर्य जवाब दे रहा है और उनका यह भी मानना है कि ईरानी नेतृत्व के भीतर मतभेद हैं।सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन के भीतर अब कई समूह बन गए हैं, जिनमें से कुछ बल प्रयोग के पक्ष में हैं और ईरान की स्थिति को कमजोर करने के लिए उसपर लक्षित बमबारी जारी रखने का प्रस्ताव दे रहे हैं, जबकि अन्य समूह संघर्ष को सुलझाने के लिए कूटनीतिक साधनों पर जोर दे रहे हैं।

सीएनएन ने बताया कि अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका अमेरिका के लिए एक अलग मुद्दा बनी हुई है। अमेरिकी सरकार को यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान कितनी स्पष्टता से अमेरिका का पक्ष ईरान तक पहुँचा रहा है और वह ईरान के दृष्टिकोण को कितनी निष्पक्षता से बता रहा है।प्रसारक ने बताया कि पश्चिमी एशिया संघर्ष में अमेरिका क्या रुख अपनाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है और राष्ट्रपति ट्रम्प की 13 से 15 मई तक प्रस्तावित चीन यात्रा से पहले किसी फैसले की संभावना कम है।

गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान में ठिकानों पर हमले शुरू किए थे, जिसमें 3,000 से अधिक लोग मारे गए थे। अमेरिका और ईरान ने सात अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा की थी। इसके बाद इस्लामाबाद में हुई वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई और अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी थी।

अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान यूएई ने पूरे समय ईरान पर हवाई हमले किए: रिपोर्ट्स

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी युद्ध के सक्रिय चरण के अंत तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान पर हवाई हमले किए थे। यह दावा सोमवार को द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में किया गया।

अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, यूएई की वायु सेना ने अप्रैल की शुरुआत में हवाई हमलों की एक श्रृंखला को अंजाम दिया। यह ठीक उसी समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष विराम की घोषणा की थी। इन हमलों का निशाना फारस की खाड़ी में स्थित लावान द्वीप पर मौजूद एक रिफाइनरी थी।उस समय, हालांकि न तो ईरान ने इन हवाई हमलों के पीछे किसका हाथ था, इसका खुलासा किया और न ही यूएई ने इसकी जिम्मेदारी ली लेकिन राष्ट्रीय ईरानी तेल शोधन और वितरण कंपनी ने आठ अप्रैल को कहा कि द्वीप पर मौजूद तेल रिफाइनिंग सुविधाओं पर “दुश्मन” द्वारा हमला हुआ था।रिपोर्ट में बताया गया है कि खाड़ी देश के विदेश मंत्रालय ने इन कथित हमलों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

मंत्रालय ने केवल इतना याद दिलाया कि यूएई के पास किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित है, जिसमें सैन्य बल का उपयोग भी शामिल है।अमेरिकी रक्षा विभाग ने भी इस पर टिप्पणी करने से मना कर दिया, जबकि व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप के पास सभी विकल्प खुले हुए हैं।उल्लेखनीय है कि गत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के भीतर स्थित ठिकानों पर हमले किए, जिससे काफी जान माल का नुकसान हुआ। सात अप्रैल को अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के संघर्ष विराम की घोषणा की।

इसके बाद इस्लामाबाद में हुई बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला और अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी। बाद में, राष्ट्रपति ट्रंप ने संघर्ष विराम की अवधि को और बढ़ा दिया, ताकि ईरान को शांति प्रस्ताव लाने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। यह नाकेबंदी अभी भी जारी है।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टारमर से पार्टी सांसदों ने की पद छोड़ने की अपील

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से मंत्रिपरिषद के कई वरिष्ठ सदस्यों , जिनमें गृह मंत्री शबाना महमूद और विदेश मंत्री यवेट कूपर शामिल हैं, ने उनके इस्तीफे के समय पर विचार करने को कहा है।यह मांग तब उठी जब लेबर पार्टी के 80 से ज़्यादा सांसदों ने श्री स्टारमर से पद छोड़ने की अपील की। ‘द टाइम्स’ अखबार ने सूत्रों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है।

सोमवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट सदस्यों के मंगलवार को होने वाली एक बैठक में श्री स्टारमर से यह कहने की उम्मीद है कि उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। सदस्यों को चिंता है कि अब उनकी स्थिति “बरकरार रखने लायक नहीं” रह गई है।इसी बीच, ब्रिटिश मीडिया ने बताया कि ब्रिटेन सरकार के तीन सदस्यों ने प्रधानमंत्री श्री स्टारमर के इस्तीफे की मांग करते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।

खबरों के मुताबिक, इन इस्तीफों का ऐलान पर्यावरण मंत्री के संसदीय निजी सचिव टॉम रटलैंड, स्वास्थ्य मंत्री के निजी सचिव जो मॉरिस और कैबिनेट कार्यालय की सहयोगी नौशबा खान ने किया।गुरुवार को ब्रिटेन में क्षेत्रीय चुनाव हुए। यह चुनाव 136 क्षेत्रों में आयोजित किए गए। अंतिम नतीजों के अनुसार लेबर पार्टी ने परिषद की उन 2,200 से ज़्यादा सीटों में से लगभग 1,200 सीटें गंवा दीं, जिन पर पहले उसका कब्ज़ा था। दक्षिणपंथी ‘रिफॉर्म यूके ‘ पार्टी स्पष्ट विजेता के तौर पर उभरी और उसने लगभग 1,400 सीटें जीतीं।(वार्ता)

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