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चौंकाने वाले नतीजे, ममता बनर्जी को झटका, केरल में UDF की धमाकेदार जीत, तमिलनाडु में सस्पेंस

कोलकाता में ममता बनर्जी को भवानीपुर सीट से शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 वोटों से हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया। वहीं केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 102 सीटों के साथ 10 साल बाद सत्ता में वापसी की। दूसरी ओर तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़े दल के रूप में उभरी, लेकिन किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से त्रिशंकु विधानसभा के आसार बन गए हैं।

कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब ममता बनर्जी को भवानीपुर विधानसभा सीट से अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख को उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 मतों के अंतर से पराजित किया।

भवानीपुर सीट पर मतगणना कुल 20 चरणों में संपन्न हुई। शुरुआती रुझानों में भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने बढ़त बना ली थी, जिससे मुकाबला रोचक हो गया। हालांकि, कुछ ही समय बाद ममता बनर्जी ने स्थिति पलटते हुए लगभग 16 हजार मतों की निर्णायक बढ़त हासिल कर ली थी।लेकिन मतगणना के आगे बढ़ने के साथ ही तस्वीर बदलती चली गई। मध्य चरणों में ममता बनर्जी की बढ़त लगातार घटती रही, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई। निर्णायक मोड़ 17वें चरण में आया, जब शुभेंदु अधिकारी ने फिर से बढ़त हासिल करते हुए करीब 550 मतों से आगे निकल गए।

इसके बाद अंतिम तीन चरणों में अधिकारी ने अपनी बढ़त को लगातार मजबूत किया और अंततः 15,105 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर ली। इस परिणाम ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह परिणाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है, जहां लंबे समय से प्रभावी रही ममता बनर्जी को अपने गढ़ में ही चुनौती का सामना करना पड़ा। वहीं भाजपा के लिए यह जीत मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है।इस हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के अंदर समीक्षा की संभावना जताई जा रही है, जबकि भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल है। चुनाव परिणाम को लेकर राज्य की राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के आसार हैं।

केरल में यूडीएफ ने की दो तिहाई बहुमत के साथ 10 वर्ष बाद सत्ता में वापसी

केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने 102 सीटें जीत कर दो तिहाई से अधिक बहुमत के साथ 10 साल बाद सत्ता में जबर्दस्त वापसी की है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्य विधान सभा चुनाव में पहली बार खाता खोलते हुए तीन सीटें हासिल की हैं।एक सौ चालीस सदस्यीय विधानसभा चुनावों के सोमवार को घोषित नतीजों के अनुसार कांग्रेस को 63 सीटें मिली हैं जबकि उसके गठबंधन सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को 22, केरल कांग्रेस को सात और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी को तीन सीटें मिली हैं।

केरल कांग्रेस जैकब, रिवाेल्यूशनरी मार्क्ससिस्ट पार्टी आफ इंडिया और कम्युनिस्ट मार्क्ससिस्ट पार्टी केरल स्टेट कमेटी काे एक-एक सीट मिली है।यूडीएफ से संबंद्ध चार निर्दलीय उम्मीदवार भी जीत हासिल करने में सफल रहे हैं।दूसरी ओर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है। माकपा को 26 सीटें ही मिल पायी हैं जबकि उसकी गठबंधन सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को आठ सीटों से ही संतोष करना पड़ा है।राष्ट्रीय जनता दल को एक सीट मिली है।

मुख्यमंत्री पी विजयन चुनाव जीतने में सफल रहे हैं लेकिन उनके कई मंत्रिमंडलीय सहयोगियों को हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन और रमेश चेन्निथला चुनाव जीत गये हैं।भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने नेमोम सीट से जीत हासिल की है। पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री वी मुरलीधरन गझाकोटम तथा बी बी गोपाकुमार जथन्नूर सीट से विजयी रहे हैं।

तमिलनाडु में त्रिशंकु विधानसभा के आसार, किसी पार्टी काे स्पष्ट बहुमत नहीं

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में फिल्म अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलागा वेट्ट्री कषगम (टीवीके) सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। पार्टी ने कुल 234 सीटों में से 70 सीटें जीत ली है और 36 सीटों पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं।तमिलनाडु के चुनाव में अब तक स्पष्ट बहुमत किसी भी पार्टी को मिलता नजर नहीं आ रहा है। मतगणना में अब तक घोषित नतीजों और रूझानों के अनुसार राज्य में त्रिशंकु विधानसभा की संभावना प्रबल दिख रही है। राज्य में टीवीके पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरी है और उसने तमिलनाडु में लम्बे समय से चली आ रही दो दलीय व्यवस्था को इस बार तोड़ दिया है।

चुनाव आयोग के अब तक के आंकड़ों के अनुसार 234 सीटों के रूझान एवं नतीजों में द्रमुक पार्टी ने 37 सीटें जीत ली हैं और 22 सीटों पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। उसकी सहयोगी कांग्रेस ने दो सीट जीती है और तीन सीटों पर बढ़त बनाये हुये है।अन्नाद्रमुक 29 सीटें जीतने के साथ 18 सीटों पर बढ़त बनाये हुये है। इसके अलावा पीएमके ने दो सीटें जीती है और तीन पर बढ़त बनाये हुये है।भाकपा एक सीट पर विजयी और एक सीट पर बढ़त बनाये हुये है। आईयूएमएल ने दो सीटें जीती हैं। भाकपा और वीकेसी ने एक-एक सीट जीती है ओर एक-एक पर बढ़त बनाये हुये है। माकपा के नाम दो सीटें आयी हैं।

डीएमडीके और भाजपा ने एक-एक सीट जीती है तथा एएकएमकेएमएनकेजेड ने एक सीट अपने नाम की है।नवगठित टीवीके संस्थापक और अभिनेता-राजनेता विजय की राजनीतिक लहर में फंसकर, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक अध्यक्ष एम.के. स्टालिन को चेन्नई शहर की अपनी पसंदीदा कोलाथुर विधानसभा सीट पर पहली बार चुनावी हार का सामना करना पड़ा, जहां टीवीके ने श्री स्टालिन के गढ़ में सेंध लगाई, जिसे लंबे समय से द्रमुक का गढ़ माना जाता रहा है।द्रमुक अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री एम के स्टालिन अपने निकटतम प्रतिद्वंदी टीवीके के. वीएस बाबू से करीब 9000 मतों से हार गये है।

श्री स्टालिन की हार ने चुनाव विश्लेषकों को चौंका दिया है। वहीं, उनके बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी सीट से लगातार दूसरी बार जीत गये है। श्री उदयनिधि ने अपने प्रतिद्वंदी टीवीके के सेल्वम डी को 7140 मतों से हराया। शुरुआत में पिछड़ने के बाद उन्होंने बाद में बड़ी बढ़त बना ली।इसी तरह एडापड्डी विधानसभा सीट पर अन्नाद्रमुक उम्मीदवार पूर्व मुख्यमंत्री और तमिलनाडु विधान सभा में विपक्ष के नेता ई पलानीस्वामी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी निर्दलीय उम्मीदवार प्रेमकुमार के. को 98110 मतों से जीत हासिल की है।

कोलाथुर सीट से जीत हासिल करने और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को हराने पर टीवीके नेता वीएस बाबू ने कहा, “यह जनादेश हमारे नेतृत्व और दूरदर्शिता का परिणाम है। मैं सिर्फ एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता हूं। जनता के समर्थन ने इस परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैं लोक सेवा में ईमानदारी बनाए रखूंगा और किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार में शामिल नहीं होऊंगा।”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार शाम को टीवीके के संस्थापक और अभिनेता-राजनेता विजय को तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में उनके प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए बधाई दी, जिसमें उन्होंने अपने पहले ही चुनावी प्रयास में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर अपनी नयी पहचान बनाई।

गौरतलब है कि तमिलनाडु विधानसभा की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को एकल चरण में मतदान हुआ था। मतगणना आज सुबह आठ बजे से शुरू हुयी।(वार्ता)

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