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“ये अधिकार है, भीख नहीं…” गोरखपुर में योगी का बड़ा ऐलान, विपक्ष पर सीधा हमला

गोरखपुर में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस, सपा समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये दल महिलाओं को नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। सीएम ने पुलिस भर्ती में 20% महिला आरक्षण, सरकारी नौकरियों में बढ़ती भागीदारी और विभिन्न योजनाओं के जरिए महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया।

गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को पारित न होने देने वाली कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) सहित सभी विपक्षी दलों पर एक बार फिर जमकर निशाना साधा है। गोरखपुर में विपक्षी दलों पर गरजते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पार्टियां महिलाओं को नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा का इतिहास और उनके कारनामे महिला विरोधी हैं।

सीएम योगी बुधवार शाम योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं का अधिकार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में जब नया संसद भवन बना तो पीएम ने नए संसद भवन में सबसे पहला अधिनियम नारी शक्ति वंदन का ही पारित कराया।

उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक के जरिये 2029 के लोकसभा चुनाव से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को कानून बनाने और उसके क्रियान्वयन में भागीदारी का अधिकार देना चाहते हैं लेकिन विधेयक के गिरने पर जश्न मनाने वाले महिला विरोधी विपक्ष को यह मंजूर नहीं है। उन्होंने इसके लिए मुख्य रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके को जिम्मेदार ठहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और सपा के कारनामे शुरू से ही महिला विरोधी रहे हैं। कांग्रेस ने महिलाओं, दलितों, वंचितों, पिछड़ो के अधिकार में हमेशा बाधा डालने का काम किया। जबकि सपा तो घोषित रूप से नारी विरोधी है। सपा के बारे में यह कहा भी जाता है, ‘देख सपाई, बिटिया घबराई।’

पुलिस में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य किया

सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सपा सरकार में मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोगों ने बेटियों को स्कूल भेजना बंद कर दिया था। जबकि आज बेटियां बिना रोकटोक के स्कूल जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 1947 से लेकर 2017 तक यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हजार महिलाओं की भर्ती हुई थी, जबकि 2017 के बाद यह संख्या 44 से 45 हजार है। प्रदेश में पुलिस भर्ती होने पर 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद से नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियों में भर्ती हुई हैं और इनमें पौने दो लाख महिलाएं भर्ती हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई रिवाइवल से 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, प्रदेश में 21 हजार से अधिक स्टार्टअप शुरू हुए हैं और इनमें आधी भागीदारी महिलाओं की है।

आत्मनिर्भर व विकसित भारत को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक

सीएम योगी ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक है। पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को सुनिश्चित प्रतिनिधित्व मिल गया है और उसके परिणाम भी सुखद हैं। राज्य में 54 प्रतिशत ब्लॉक प्रमुख महिलाएं ही हैं। इसी तरह ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों को देखें तो महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। सीएम ने कहा कि अब संसद और विधानसभाओं में भी महिलाओं 33 प्रतिशत आरक्षण देने का अभियान पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिये शुरू किया तो सपा, कांग्रेस जैसे महिला विरोधी दल बहानेबाजी करने और लटकाने-भटकाने पर उतर आए।

बहुत दिनों तक कोई अधिकार से वंचित नहीं कर पाएगा

भीषण गर्मी में और उस पर भी कम समय की सूचना पर सम्मेलन में महिलाओं की बड़ी संख्या को देखकर प्रसन्न मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में नारी शक्ति की हिस्सेदारी यह साफ संदेश है कि महिलाओं को उनके अधिकार से बहुत अधिक दिनों तक कोई वंचित नहीं रख सकता। यह नारी शक्ति के द्वारा भीख नहीं मांगी जा रही है, उसका यह स्वतः अधिकार है। जिसको आजादी के बाद से ही लटकाने का प्रयास हो रहा था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी आबादी के प्रति कृत ज्ञापित करते हुए अभियान प्रारंभ किया है। पीएम मोदी का मानना है कि जहां नारी सशक्त होती है तो वह परिवार अपने आप में समर्थ होता है। जब परिवार समर्थ होता है तो समाज की नींव सुदृढ़ होती है। और, जब समाज की नींव सुदृढ़ होती है तो राष्ट्र शक्तिशाली और समृद्ध होता है।

भारत की परंपरा में प्रतिष्ठित है मातृशक्ति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा भारत के इतिहास और इसकी परंपरा में मातृशक्ति सदैव प्रतिष्ठित रही है। माताओं के नाम से जोड़कर भगवान राम को कौशल्यानंदन, प्रभु कृष्ण को यशोदानंदन, भीष्म पितामह को गांगेय, अर्जुन को कौंतेय कहा जाना इसी का प्रमाण है। श्रीराम में श्री शब्द माता सीता के लिए है। सियावर रामचंद्र की जय का जयकारा भी पहले माता सीता का नाम जोड़कर लगाया जाता है। श्रीकृष्ण की धरा मथुरा-वृंदावन में हर संबोधन राधे राधे के नाम से शुरू होता है। काशी में नमः पार्वती पतये का उद्घोष होता है। देवतुल्य नदी गंगा जी को भी मां गंगे कहा जाता है। पशुयोनि में होने के बावजूद गाय को गोमैया कहा जाता है। यह सभी मातृशक्ति के संबोधन से ही जुड़े हुए हैं।

दुनिया दूध गाय का ही पीती है

सीएम योगी ने कहा कि दुनिया का कोई भी देश हो, वह गाय को माता भले न माने, लेकिन दूध वह गाय का ही पीता है।

हर स्तर पर आगे बढ़ा रहे नारी गरिमा की महत्ता का सम्मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा और उसकी महत्ता को हर स्तर पर सम्मान देते हुए आगे बढ़ाने का काम देश मे 2014 के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ है। पहले बेटी संपत्ति में अपना अधिकार न मांग सके, इसके लिए भ्रूण हत्या की शिकायतें आ रही थीं। प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, इंद्रधनुष योजना जैसे कार्यक्रमों से महिला और पुरुष अनुपात की भिन्नता तथा भ्रूण हत्या जैसे अभिशाप को रोकने के प्रयास किए।

सीएम ने बताया कि प्रदेश में भी महिलाओं के सम्मान में बिटिया के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलाई। 26 लाख बेटियां वर्तमान में इस योजना का लाभ ले रही हैं। बाल विवाह और दहेज की कुप्रथा को रोकने के लिए सामूहिक विवाह योजना चलाई गई। सामूहिक विवाह योजना में सीएम से लेकर डीएम तक शामिल होते हैं और गरीब बेटी का विवाह भव्य समारोह में होता है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आवास योजना, घरौनी, शौचालय, उज्ज्वला, पीएम स्वनिधि, आयुष्मान योजना आदि सभी में सर्वाधिक भागीदारी महिलाओं को ही मिली है।

पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन का संकल्प कर लिया है आधी आबादी ने

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज पश्चिम बंगाल में अपनी एक चुनावी रैली का संस्मरण साझा करते हुए कहा कि वहां की आधी आबादी ने सत्ता परिवर्तन का संकल्प कर लिया है। उन्होंने कहा कि कोलकाता के पास हावड़ा के पास टीएमसी का प्रत्याशी, भाजपा उम्मीदवार को मंच नहीं लगाने दे रहा था। वहां मेरा हेलीकॉप्टर उतरने से 15 मिनट पहले हजारों की संख्या में नारी शक्ति वआ गई और उन्होंने 45 डिग्री तापमान में भारतीय जनता पार्टी का समर्थन किया। उन बहन, बेटियों ने पीएम मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि वे बीजेपी को जिताकर भेजेंगी।

आधी आबादी के सशक्तिकरण के लिए डबल इंजन सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर यह संकल्प दोहराया कि डबल इंजन की सरकार आधी आबादी के सशक्तिकरण, महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध है। इसी भावना से वह महिलाओं को नेतृत्व में भी भागीदारी देने के लिए अभियान आगे बढ़ा रही है। गोरखपुर में पहले नारी शक्ति वंदन सम्मेलन की पहल भी इसी अभियान का हिस्सा है।

महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सीएम योगी की सर्वोच्च प्राथमिकता : साधना सिंह

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह ने कहा कि जहां बेटियां सुरक्षित हों, वहीं वास्तविक विकास हो पाता है। प्रदेश में यही वातावरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बना है। सीएम योगी ने विकास के साथ महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम सिर्फ एक कानून नहीं बल्कि भारत का भविष्य है लेकिन विपक्ष के लोग इस कानून के आड़े आकर मां, बहन, बेटियों के भविष्य की राह में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।

महिला सुरक्षा व सम्मान को सरकार ने कार्यक्रमों में किया शामिल : डॉ. मंगलेश

सम्मेलन को संबोधित करते हुए महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में नारी को विशेष स्थान दिया गया है। कहा गया है कि जहां नारी का सम्मान होता है वहां देवता वास करते हैं। इसी भावना से पीएम मोदी और सीएम योगी ने नारी सुरक्षा और सम्मान को सरकार के कार्यक्रमों में विशेष रूप से समाहित किया।

विपक्ष नहीं चाहता महिलाओं का सशक्तिकरण : चारू चौधरी

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में स्वागत संबोधन करते हुए राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को उनका अधिकार दिलाने का अत्यंत महत्वपूर्ण माध्यम है। पर, विपक्षी दल नहीं चाहते कि महिलाएं सशक्त हों। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में नारी शक्ति एकजुट होकर विपक्षी दलों को धूल चटाने का काम करेगी। सम्मेलन को वरिष्ठ चिकित्सक (डॉ.) स्मिता मोदी ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन, पूर्व महापौर अंजू चौधरी, डॉ. सत्या पांडेय, गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रो. विनीता पाठक, प्रो. उमा श्रीवास्तव, डॉ. रंजना, वरिष्ठ अधिवक्ता अमिता शर्मा, समाजसेवी सुधा मोदी, महिला उद्यमी संगीता पांडेय, भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय अध्यक्ष अमिता गुप्ता, महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष अस्मिता चंद, जिला अध्यक्ष चंचला शुक्ला, रंजुला रावत, अनुपमा पांडेय, गीतांजलि श्रीवास्तव सहित महिला नगर पंचायत अध्यक्ष, महिला ब्लॉक प्रमुख, महिला पार्षद मंचासीन रहीं। इस अवसर पर व्यवस्थागत सहयोग में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, विधायक राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, भाजपा के जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, महानगर संयोजक राजेश गुप्ता आदि की सक्रिय सहभागिता रही।

महिला कल्याण और विकास पर आधारित प्रदर्शनी का सीएम ने किया अवलोकन

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह के सामने महिला कल्याण और विकास पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में गोरखपुर के विकास के साथ ही राज्य में मिशन शक्ति, लखपति दीदी, निराश्रित महिला पेंशन, कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह सहित अनेक योजनाओं की उपलब्धियों को दर्शाया गया था।

आत्मनिर्भरता की राह पकड़ने वाली महिलाओं का सीएम योगी ने बढ़ाया उत्साह

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार की योजनाओं के संबल से आत्मनिर्भरता की राह पकड़ने वाली महिलाओं का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वावलंबी बनीं महिलाओं की तरफ से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया। इन स्टालों पर प्रदर्शित विभिन्न उत्पादों का अवलोकन कर जानकारी ली और महिलाओं को खूब तरक्की करने के लिए प्रेरित किया।

नौनिहालों का अन्नप्राशन कराया मुख्यमंत्री ने

सीएम योगी ने महिला कल्याण और बाल विकास विभाग के स्टाल का भी अवलोकन किया। बाल विकास के स्टाल पर उन्होंने नौनिहालों का अन्नप्राशन भी कराया। उन्होंने बच्चों को खीर खिलाने के बाद उन्हें आशीर्वाद और उपहार दिया। साथ ही उन्होंने माताओं से कहा, ‘बच्चों को आराम से खीर खिलाइए और जो बच जाए उसे स्वयं खा लीजिएगा।’

“तीन दिन की परीक्षा, पूरे प्रदेश में अलर्ट, सीएम योगी ने जारी किए कड़े निर्देश”

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