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“ढ़ाई लाख बच्चों को पिलाई गयी विटामिन ‘ए’ की खुराक “

13 अगस्त से 13 सितम्बर तक चला बाल स्वास्थ्य पोषण माह , दवा पिलाने के लिए 'ट्रिपल ए' ने संभाली थी जिम्मेदारी , अभियान के दौरान जनसमुदाय को आयोडीनयुक्त नमक के प्रयोग की दी गयी जानकारी .

महराजगंज । बीते 13 अगस्त से 13 सितंबर तक चले बाल स्वास्थ्य पोषण माह ( बीएसपीएम) में करीब 2.55 लाख बच्चों को विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाई गयी। दवा पिलाने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी,आशा व एएनएम (ट्रिपल ए) ने पूरी की।  जिला प्रतिरक्षण अधिकारी/ डिप्टी सीएमओ डॉ.आईए अंसारी ने बताया कि 13 अगस्त से 13 सितम्बर तक मनाए गये बाल स्वास्थ्य पोषण माह के दौरान जिले के 9 माह से 5 बर्ष के 3.33 लाख बच्चों को विटामिन ‘ए’ की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन कोरोना काल में मात्र 2.55 लाख बच्चों को ही विटामिन ए की खुराक पिलाई जा सकी।
उन्होंने बताया कि विटामिन ‘ए’ बच्चों के शारीरिक एवं बौद्धिक विकास के साथ-साथ आंखों के लिए लाभदायक है। इस दवा से बच्चों की रतौंधी बीमारी से रक्षा होती है। कोविड-19 को देखते हुए यह दवा कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए बच्चों को पिलाई गयी।
इस दौरान आशा और आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा जन समुदाय से आयोडीनयुक्त नमक के प्रयोग की अपील की गयी तथा आयोडीन युक्त नमक से फायदे के बारे में भी बताया गया। लोगों को बताया गया कि इस नमक के इस्तेमाल से घेंघा और मंदबुद्धिता से बच्चों को बचाया जा सकता है।

अभियान में लगे थे करीब 4500 कर्मी

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि बाल स्वास्थ्य पोषण माह अभियान में करीब 4500 कर्मचारी लगे थे, जिसमें 540 एएनएम, करीब 2500 आशा कार्यकर्ता, करीब 1400 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल रहीं। अभियान के पर्यवेक्षण के लिए करीब पांच दर्जन सुपरवाइजर भी लगाए गए थे।

कोरोना प्रोटोकॉल की भी दी गयी जानकारी

अभियान में लगी टीम के लोगों ने गांव में जाकर सभी लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के बारे में भी बताया गया।
जन समुदाय को मॉस्क लगाने, दो गज को दूरी बनाएं रखने, भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर न जाने, साबुन पानी से 60 सेकेंड तक हाथ धोने के लिए जागरूक किया गया। बच्चों तथा 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को घर से बाहर न जाने की भी सलाह दी गयी।

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