यूपी में महिला सुरक्षा को नई ताकत: अप्रैल में 25 नए वन स्टॉप सेंटर होंगे शुरू
उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए योगी सरकार अप्रैल से 25 नए वन स्टॉप सेंटर शुरू करेगी। इससे कुल संख्या 121 हो जाएगी। इन केंद्रों पर हिंसा पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी सहायता, परामर्श और पुलिस सहयोग एक ही स्थान पर मिलेगा। अब तक 2.39 लाख मामलों में सहायता दी जा चुकी है।
- लखनऊ समेत 4 जिलों में 2-2 सेंटर, वन स्टॉप सेंटर की कुल संख्या बढ़कर 121 होगी
लखनऊ : उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तीकरण को नई मजबूती देने की दिशा में योगी सरकार अप्रैल माह में 25 नए वन स्टॉप सेंटर शुरू करने जा रही है। इन नए केंद्रों के शुरू होने के साथ ही प्रदेश में संचालित वन स्टॉप सेंटर की कुल संख्या 96 से बढ़कर 121 हो जाएगी। खास बात यह है कि लखनऊ, जौनपुर, सोनभद्र और गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में सबसे ज्यादा 2-2 नए सेंटर खोले जा रहे हैं, जिससे इन जिलों में महिला सुरक्षा तंत्र को अतिरिक्त बल मिलेगा।
एक ही छत के नीचे समग्र सहायता
इन वन स्टॉप सेंटरों के माध्यम से हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं। इसमें अल्प प्रवास की सुविधा, चिकित्सकीय सहायता, परामर्श सेवाएं, विधिक सहायता और पुलिस सहयोग शामिल है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश की बड़ी जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए संकटग्रस्त महिलाओं को तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराने का यह प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है, जिससे पीड़ित महिलाओं को त्वरित राहत और न्याय की दिशा में मदद मिल रही है।
जिलों में व्यापक विस्तार और आपात सुविधा
लखनऊ, जौनपुर, सोनभद्र और गौतमबुद्ध नगर में दो-दो नए केंद्रों के अलावा अयोध्या, मिर्जापुर, महाराजगंज, मेरठ, प्रयागराज, आगरा, गोरखपुर, वाराणसी, अलीगढ़, आजमगढ़, उन्नाव, जालौन, बहराइच, फिरोजाबाद, लखीमपुर खीरी, चंदौली और हरदोई जैसे जिलों में एक-एक नया वन स्टॉप सेंटर खोला जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक वन स्टॉप सेंटर पर आकस्मिक सेवा के लिए एक-एक वाहन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, जिससे आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
2.39 लाख मामलों में मिली सहायता
सरकार की यह पहल महिला सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक कदम के रूप में देखी जा रही है। योजना की शुरुआत से अब तक वन स्टॉप सेंटरों पर कुल 2.39 लाख मामलों में सहायता प्रदान की जा चुकी है, जो इसकी उपयोगिता और प्रभावशीलता को दर्शाता है। 96 से बढ़कर 121 वन स्टॉप सेंटर का यह विस्तार प्रदेश में महिलाओं के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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