
गोरखपुर में 8 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म: आरोपी की मां गिरफ्तार, साक्ष्य मिटाने का आरोप
गोरखपुर के पीपीगंज में 8 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने आरोपी की मां को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोप है कि उसने बेटे का सहयोग करते हुए खून से सने कपड़े धोकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। मुख्य आरोपी पहले ही जेल भेजा जा चुका है। बच्ची का इलाज मेडिकल कॉलेज में जारी है।
गोरखपुर : गोरखपुर जिले के पीपीगंज थाना क्षेत्र में आठ वर्षीय मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी की मां को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी मां पर अपने बेटे का सहयोग करने, साक्ष्य मिटाने और अपराध छिपाने का गंभीर आरोप है। पुलिस का कहना है कि मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
शादी समारोह में आई बच्ची के साथ हुई वारदात
जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थनगर जिले के खेसरहा थाना क्षेत्र की रहने वाली आठ वर्षीय बच्ची अपने दादा-दादी के साथ पीपीगंज क्षेत्र के एक गांव में शादी समारोह में शामिल होने आई थी। इसी दौरान गांव के रहने वाले अशोक निषाद ने बच्ची को बहला-फुसलाकर पास के बाग में ले गया।
आरोप है कि वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और वारदात के बाद उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर फरार हो गया। कुछ समय बाद परिजनों ने बच्ची को अचेत अवस्था में पाया, जिसके बाद उसे तत्काल इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और डॉक्टरों की निगरानी में उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
मुख्य आरोपी पहले ही भेजा जा चुका है जेल
घटना के बाद पीड़िता के दादा की तहरीर पर पीपीगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अशोक निषाद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
जांच में सामने आया मां का सहयोग
मामले की जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले, जिससे पता चला कि आरोपी की मां सुनीता देवी (पत्नी टुनटुन निषाद उर्फ बृज बिहारी) ने अपने बेटे को अपराध छिपाने में सहयोग किया। पुलिस के अनुसार, सुनीता देवी ने घटना के बाद आरोपी के खून से सने कपड़ों को धोकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया। यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे को बचाने के लिए सबूत छिपाने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश की।
आरोपी की मां गिरफ्तार, जेल भेजी गई
पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर सोमवार को सुनीता देवी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश दिया।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
पीपीगंज पुलिस का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाया जा रहा है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति अपराध में शामिल पाया जाएगा या साक्ष्य छिपाने में सहयोग करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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