
20,000 स्टार्टअप, 8 यूनिकॉर्न, 2.24% बेरोजगारी दर – सीएम ने रखा ‘न्यू टेक यूपी’ का विजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एआई, डेटा साइंस, रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर जैसी इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से जोड़कर नई अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ाया जा रहा है। 20,000 से अधिक स्टार्टअप, 76 इनक्यूबेटर और 8 यूनिकॉर्न राज्य में सक्रिय हैं। सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत 1.10 लाख युवाओं को ऋण दिया गया है। सरकार का दावा है कि बेरोजगारी दर 19% से घटकर 2.24% पर आ गई है।
- आज की आवश्यकता है कि अधिक से अधिक युवाओं को भविष्य उन्मुख तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाएः मुख्यमंत्री
लखनऊ । उत्तर प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल, तकनीक और उद्यमिता से जोड़कर उत्तर प्रदेश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर कर रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्किल डेवलपमेंट और आईटीआई व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत आते हैं। सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा के ढांचे को आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में नए सेंटर स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से प्रत्येक जनपद के दो आईटीआई को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा रहा है। इन संस्थानों को ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ पर विकसित किया जा रहा है, ताकि एक केंद्रीय संस्थान से जुड़े अन्य संस्थानों को तकनीकी संसाधन और प्रशिक्षण सहायता मिल सके। उन्होंने कहा कि आज की आवश्यकता है कि अधिक से अधिक युवाओं को भविष्य उन्मुख तकनीकों में प्रशिक्षित किया जाए।
इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स से युवाओं को जोड़ा गया
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी उन्नयन को नई दिशा मिली है। तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए पाठ्यक्रमों को आधुनिक बनाया है। माध्यमिक शिक्षा के तहत प्रत्येक जनपद के राजकीय कॉलेजों को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी आधारित कोर्स से जोड़ा जा रहा है। विद्यार्थियों को डेटा उपयोग, इंटरनेट सुविधा और डिजिटल संसाधनों से सशक्त करने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने सीएम युवा उद्यमी योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 1,10,000 युवाओं को 10 प्रतिशत मार्जिन मनी के साथ ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि योजना में चयन और प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाया गया है, ताकि युवा सफल उद्यमी बन सकें। उन्होंने महिला उद्यमियों के लिए भी विशेष योजना लागू करने की बात कही गई। साथ ही स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के माध्यम से युवाओं के डिजिटल सशक्तिकरण पर भी जोर दिया जा रहा है।
स्टार्टअप और निवेश में वृद्धि
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया जैसी पहलों को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया गया है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 20,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं। 76 इनक्यूबेटर, 7 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 8 यूनिकॉर्न राज्य में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश से पलायन रोजगार के अभाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण होता था। अब कानून-व्यवस्था में सुधार और निवेश अनुकूल वातावरण के चलते रोजगार के अवसर बढ़े हैं और निवेश में वृद्धि हुई है।
डेटा सेंटर और एआई पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बजट में घोषित यूपी डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर की स्थापना को भविष्य की जरूरत बताया। उनका कहना था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए डेटा सेंटर बुनियादी ढांचा आवश्यक है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी की फैब यूनिट स्थापना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई दिशा का संकेत है।
बेरोजगारी दर 19 से 2.24 प्रतिशत पर आई
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार के समय लगभग 19 प्रतिशत रही बेरोजगारी दर अब घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने इसे नीतिगत सुधार, निवेश वृद्धि और कानून-व्यवस्था में सुधार का परिणाम बताया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विकास कार्यों को लेकर अविश्वास की स्थिति उसी मानसिकता को दर्शाती है, जो सीमित दृष्टिकोण से बाहर नहीं निकल पाती। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने पिछले वर्षों में व्यापक परिवर्तन देखा है और सरकार विकास, निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को तकनीक, नवाचार और युवा शक्ति के माध्यम से देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य लेकर सरकार आगे बढ़ रही है।
देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क, पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट और छह मेट्रो सिटीज के साथ यूपी आर्थिक विकास की राह पर तेजी से अग्रसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अग्रणी बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश के कुल एक्सप्रेसवे का 55 प्रतिशत हिस्सा रखने वाला प्रदेश बन चुका है। राज्य में देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है और एयर कनेक्टिविटी के लिए भी यूपी अग्रणी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की पहली रैपिड रेल और पहली इनलैंड वाटरवे यूपी में ही स्थापित की गई है। इसके अलावा देश का पहला रोपवे, जो शहरों को जोड़ रहा है, वह भी उत्तर प्रदेश के पास है। सबसे अधिक सिटीज में मेट्रो संचालन में यूपी है। बजट भाषण में चार मेट्रो का उल्लेख हुआ था, लेकिन वर्तमान में छह सिटी मेट्रो पूरी तरह चालू हैं और सातवां-मेरठ, प्रधानमंत्री के लोकार्पण के बाद जुड़ जाएगा।
फ्रेट कॉरिडोर और मल्टीमॉडल टर्मिनल
मुख्यमंत्री ने कहा कि ईस्टर्न और वेस्टर्न रोपवे चलाया जा रहा है। ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन भी उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहा है, जो लॉजिस्टिक का बड़ा केंद्र बनेगा। इनलैंड वाटरवे में मल्टीमॉडल टर्मिनल स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे किसानों की सब्जियां और खाद्यान्न वैश्विक बाजार तक पहुंच सकें। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का पांचवां और भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। यह 12,000 एकड़ भूमि में विकसित हो रहा है। इसमें पांच रनवे होंगे। इसके आसपास एमआरओ, एक्सप्रेसवे के किनारे एविएशन आधारित इंडस्ट्रियल क्लस्टर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां संचालित होंगी।
प्रदेश में तेजी से बढ़ रही कनेक्टिविटी और आर्थिक अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं और पांच एयरपोर्ट पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। राज्य में मेट्रो, एक्सप्रेसवे, रोपवे, रैपिड रेल और इनलैंड वाटरवे जैसे विकासात्मक कार्य तेजी से बढ़ रहे हैं। ये सभी परियोजनाएं न केवल कनेक्टिविटी बढ़ा रही हैं, बल्कि निवेश और रोजगार के अवसर भी उत्पन्न कर रही हैं। उत्तर प्रदेश का यह विकास मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करता है। इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक के क्षेत्र में हो रहे सुधार प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर आर्थिक विकास का केंद्र बना रहे हैं।
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