स्पैम पर टीआरएआई का बड़ा एक्शन: डीएनडी ऐप से 17 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज
स्पैम कॉल और संदेशों पर लगाम कसने के लिए टीआरएआई ने 2025 में बड़ी कार्रवाई की है। डीएनडी ऐप के जरिए 17.06 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जबकि कुल 31 लाख से ज्यादा यूसीसी शिकायतें मिलीं। 7.31 लाख नोटिस जारी किए गए और अगस्त 2024 से अब तक 21 लाख से अधिक दूरसंचार संसाधन डिस्कनेक्ट किए जा चुके हैं। एआई आधारित पहचान और कड़े प्रवर्तन से स्पैम नेटवर्क पर नकेल कसी जा रही है।
- डीएनडी ऐप पर 17 लाख से ज्यादा शिकायतें; 7.31 लाख नोटिस जारी, बार-बार उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई
नई दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) ने वर्ष 2025 के लिए अवांछित वाणिज्यिक संचार (यूसीसी) और डू नॉट डिस्टर्ब (डीएनडी) तंत्र से संबंधित वार्षिक अपडेट जारी करते हुए स्पैम टेलीमार्केटिंग के खिलाफ व्यापक और कठोर कार्रवाई का विवरण साझा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ताओं की बढ़ती भागीदारी और तकनीकी प्रवर्तन उपायों के चलते स्पैम नेटवर्क पर उल्लेखनीय अंकुश लगाया गया है।
7.31 लाख नोटिस, लाखों पर प्रतिबंध
वर्ष 2025 के दौरान यूसीसी मानदंडों का उल्लंघन करने वाले अपंजीकृत टेलीमार्केटर्स (यूटीएम) को 7,31,120 नोटिस जारी किए गए। क्रमिक प्रवर्तन उपायों के तहत 4,73,075 संस्थाओं पर एक माह के लिए संचार प्रतिबंध लगाया गया, जबकि 89,936 बार-बार उल्लंघन करने वालों पर छह माह का प्रतिबंध लगाया गया।
इसके अतिरिक्त, लगातार नियमों की अनदेखी करने पर वर्ष भर में 1,84,482 दूरसंचार संसाधनों के कनेक्शन काटे गए। अगस्त 2024 से अब तक कुल 21.05 लाख से अधिक संसाधनों को डिस्कनेक्ट किया जा चुका है, जो स्पैम नेटवर्क के खिलाफ सख्त रुख को दर्शाता है।
31 लाख से अधिक शिकायतें, आधी डीएनडी ऐप से
टीआरएआई के अनुसार, वर्ष 2025 में सभी माध्यमों से कुल 31.09 लाख यूसीसी शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 17.06 लाख शिकायतें केवल डीएनडी ऐप के माध्यम से दर्ज की गईं, जो कुल शिकायतों का आधे से अधिक हिस्सा है। यह उपभोक्ताओं की बढ़ती जागरूकता और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भरोसे को रेखांकित करता है।
डीएनडी ऐप के उपयोग में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 2025 में ऐप इंस्टॉलेशन में साल-दर-साल 84.43 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल इंस्टॉलेशन 28.08 लाख तक पहुंच गए, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 15.22 लाख था।
अध्यक्ष का बयान
टीआरएआई के अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि वर्ष 2025 के प्रवर्तन प्रयास इस सिद्धांत पर आधारित हैं कि उपभोक्ताओं को अवांछित वाणिज्यिक संचार पर नियंत्रण में स्पष्ट सुधार का अनुभव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि डीएनडी प्रणाली के माध्यम से बढ़ी उपभोक्ता भागीदारी ने उल्लंघनों की त्वरित पहचान और बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई संभव बनाई है।
अपंजीकृत टेलीमार्केटरों पर फोकस
मासिक आंकड़ों से स्पष्ट है कि पंजीकृत टेलीमार्केटरों की तुलना में अपंजीकृत टेलीमार्केटरों के खिलाफ शिकायतों की संख्या अधिक रही। इससे नियामक ढांचे से बाहर संचालित संस्थाओं के खिलाफ टीआरएआई की सख्ती और रणनीतिक फोकस उजागर होता है।
तकनीक और नियमन का समन्वय
टीआरएआई ने दोहरी रणनीति अपनाई है। एक ओर वैध, सहमति-आधारित वाणिज्यिक संचार को पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से सक्षम बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर डीएलटी (ब्लॉकचेन) आधारित पंजीकरण, एआई आधारित स्पैम पहचान, निर्दिष्ट नंबर श्रृंखला का अनिवार्य उपयोग, सुदृढ़ शिकायत तंत्र और गैर-अनुपालन करने वाले प्रेषकों का डिस्कनेक्शन जैसे उपाय लागू किए जा रहे हैं।
उपभोक्ता संरक्षण पर जोर
प्राधिकरण ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा, पारदर्शिता सुनिश्चित करने और गैर-अनुपालन करने वालों के लिए कड़े परिणाम तय करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। टीआरएआई ने कहा कि वह हितधारकों के सहयोग से डीएनडी ढांचे को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य जारी रखेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि उपभोक्ता जागरूकता और तकनीकी प्रवर्तन के संयोजन से स्पैम कॉल और संदेशों की समस्या पर दीर्घकालिक नियंत्रण स्थापित किया जा सकता है।
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