सेवा तीर्थ से प्रधानमंत्री के बड़े फैसले: पीएम राहत, लखपति दीदी और स्टार्टअप को नई गति
सेवा तीर्थ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज के हर वर्ग को साधने वाले चार बड़े फैसलों को मंजूरी दी। पीएम राहत योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज मिलेगा। लखपति दीदी लक्ष्य को 6 करोड़ तक बढ़ाया गया है। एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड ₹2 लाख करोड़ और स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को ₹10,000 करोड़ के साथ स्वीकृति दी गई है। इन फैसलों का व्यापक असर दिखेगा।
- महिलाओं, किसानों, युवाओं और वंचित वर्गों के लिए अहम योजनाओं को मंजूरी; एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड ₹2 लाख करोड़
नई दिल्ली। सेवा तीर्थ में स्थानांतरण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने निर्णयों की पहली श्रृंखला में सेवा और समावेशन की भावना को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए। इन फैसलों का उद्देश्य समाज के हर वर्ग-किसानों, महिलाओं, युवाओं और कमजोर तबकों-को सशक्त बनाना है।
पीएम राहत (PM RAHAT) योजना: दुर्घटना पीड़ितों के लिए जीवन रक्षक सुरक्षा
प्रधानमंत्री ने पीएम राहत (PM RAHAT) योजना के शुभारंभ को मंजूरी प्रदान की। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना या अन्य गंभीर हादसों के पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आपात स्थिति में आर्थिक अभाव के कारण किसी भी नागरिक की जान जोखिम में न पड़े। यह पहल देशव्यापी स्वास्थ्य सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
लखपति दीदी मिशन का लक्ष्य दोगुना
महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने ‘लखपति दीदी’ पहल का दायरा बढ़ाते हुए मार्च 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। उल्लेखनीय है कि मार्च 2027 की निर्धारित समय-सीमा से पहले ही 3 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। नए लक्ष्य से स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता को नई गति मिलेगी।
कृषि क्षेत्र को मजबूती: एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड दोगुना
किसानों और कृषि मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के ऋण लक्ष्य को ₹1 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2 लाख करोड़ कर दिया गया है। इस कदम से कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउसिंग, एग्री-लॉजिस्टिक्स और प्रसंस्करण इकाइयों के विकास को बल मिलेगा, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य और बाजार तक आसान पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।
स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0: नवाचार को नई ऊर्जा
प्रधानमंत्री ने ₹10,000 करोड़ के कॉर्पस के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 को भी मंजूरी दी है। यह फंड विशेष रूप से डीप टेक, उन्नत विनिर्माण, शुरुआती चरण के स्टार्टअप और ब्रेकथ्रू टेक्नोलॉजी क्षेत्रों को प्रोत्साहन देगा। इससे भारत के नवाचार इकोसिस्टम को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
समावेशी विकास की दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री के ये प्रारंभिक निर्णय ‘सेवा से सुशासन’ की अवधारणा को प्रतिबिंबित करते हैं। स्वास्थ्य सुरक्षा, महिला आर्थिक सशक्तिकरण, कृषि ढांचे के सुदृढ़ीकरण और नवाचार को बढ़ावा देने वाले ये कदम व्यापक और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
सरकार का कहना है कि इन पहलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा तंत्र को नई मजबूती मिलेगी, जिससे ‘सबका साथ, सबका विकास’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
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