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कृषि विज्ञान केन्द्र देवरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक ने एफएफपीओ कार्यालय का किया निरीक्षण

बरहज, देवरिया में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मांधाता सिंह ने मत्स्य जीवी फिश फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने चेयरमैन निषाद जितेन्द्र भारत से एफएफपीओ की प्रगति की जानकारी ली और कार्यों पर संतोष जताया। इस दौरान परसिया तिवारी स्थित तालाब का भी निरीक्षण किया गया। डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जानकारी देते हुए मछुआरों को सरकारी योजनाओं से लाभ लेने का आह्वान किया।

  • बरहज में मत्स्य जीवी फिश फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी की प्रगति पर जताया संतोष, योजनाओं की दी जानकारी

बरहज, देवरिया। कृषि विज्ञान केन्द्र (केवीके) देवरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मांधाता सिंह ने शुक्रवार को मत्स्य जीवी फिश फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफएफपीओ) के बरहज स्थित कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एफएफपीओ के चेयरमैन निषाद जितेन्द्र भारत से संस्था की प्रगति, कार्यप्रणाली और भविष्य की योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान डॉ. सिंह ने एफएफपीओ से संबंधित विभिन्न अभिलेखों, फाइलों एवं दस्तावेजों का अवलोकन किया। उन्होंने संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि एफएफपीओ मत्स्य पालकों के हित में बेहतर कार्य कर रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और योजनाओं से जोड़ने में हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

इसके उपरांत डॉ. मांधाता सिंह ने परसिया तिवारी क्षेत्र में स्थित एफएफपीओ के तालाब का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तालाब में चल रही मत्स्य पालन गतिविधियों का जायजा लिया और मत्स्य पालकों को उत्पादन बढ़ाने, वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन करने तथा रोग प्रबंधन पर आवश्यक सुझाव दिए।इस अवसर पर उपस्थित मत्स्य पालकों को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इस योजना के तहत मछुआरों एवं मत्स्य उद्यमियों को आर्थिक सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक बुनियादी ढांचे के लिए ऋण सुविधा, ऋण गारंटी तथा ब्याज में सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य मछली उत्पादन में वृद्धि करना, रोजगार के नए अवसर सृजित करना तथा मत्स्य पालकों और किसानों की आय को दोगुना करना है।

डॉ. सिंह ने मत्स्य पालकों से आह्वान किया कि वे सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और एफएफपीओ के माध्यम से संगठित होकर कार्य करें, जिससे उन्हें बेहतर बाजार, उचित मूल्य और तकनीकी सहयोग प्राप्त हो सके।

इस मौके पर एफएफपीओ के डायरेक्टर ज्ञानेश्वर सिंह, सीमिरखी देवी, सूरज प्रसाद, निवसिड के जिला प्रभारी सर्वेश कुमार सहित मत्स्य पालक किसान राजेन्द्र निषाद, रामकृपाल शुक्ला, जय प्रकाश निषाद, अनिल कुमार साहनी, रामाश्रय निषाद, रमेश कुमार सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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