विंग्स इंडिया 2026: पीएम मोदी ने वैश्विक निवेशकों को भारत के एविएशन सेक्टर में निवेश का न्योता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विंग्स इंडिया 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के नागर विमानन क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव हो रहे हैं और यह निवेशकों के लिए बड़े अवसर प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि भारत तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन बाजार बन चुका है और एयरलाइंस ने 1,500 से अधिक विमानों के ऑर्डर दिए हैं। पीएम मोदी ने विमान निर्माण, एमआरओ, लॉजिस्टिक्स, ग्रीन फ्यूल और एडवांस्ड एयर मोबिलिटी में दीर्घकालिक निवेश का आह्वान किया।
- हैदराबाद में सम्मेलन को संबोधित करते हुए बोले पीएम, भारत बना तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार
हैदराबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नागर विमान क्षेत्र में हो रहे ऐतिहासिक बदलाव और अवसरों को रेखांकित करते हुए विश्व भर के निवेशकों को इनका लाभ उठाने के लिए दीर्घकालिक दृष्टि से देश में कारोबार के लिए आमंत्रित किया है।श्री मोदी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये यहां विमानन उद्योग के सम्मेलन ‘विंग्स इंडिया 2026’ को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में, देश के एविएशन सेक्टर में एक ऐतिहासिक बदलाव आया है और यह तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन बाजार बन गया है। यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है और देश की विमान सेवा कंपनियां अपने बेड़े का विस्तार कर रही हैं, उन्होंने हाल के वर्षों में 1,500 से अधिक विमानों के लिए ऑर्डर दिये हैं।
उन्होंने कहा कि भारत इस समय उड्डयन क्षेत्र में कई सुधार कर रहा है जिससे देश दक्षिण के देशों और दुनिया के बीच नागर विमानन क्षेत्र के एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में उभर रहा है। यह विमानन उद्योग से जुड़े निवेशकों और विनिर्माताओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करता है। भारत को भविष्य का प्रमुख और प्रतिस्पर्धी ट्रांस-शिपमेंट हब बताते हुए उन्होंने निवेशकों से वेयरहाउसिंग, फ्रेट फॉरवर्डिंग, एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स के क्षेत्र में अवसरों का पता लगाने का आग्रह किया।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया में बहुत कम देशों के पास इस क्षेत्र में भारत जैसे बड़े पैमाने पर कारोबार के अवसर, नीतिगत स्थिरता और प्रौद्योगिकी उन्नयन की महत्वाकांक्षा है। इसमें इस क्षेत्र की हर अग्रणी कंपनी और हर नवप्रवर्तक के लिए सुनहरे अवसर हैं।
उन्होंने कहा कि उड्डयन उद्योग का अगला दौर उम्मीदों से भरा है और भारत एक प्रमुख बाजार के रूप में उभर रहा है। उन्होंने देश में विमान निर्माण, पायलट ट्रेनिंग, एडवांस्ड एयर मोबिलिटी और विमान लीजिंग के बड़े अवसरों को रेखांकित करते हुए कहा कि इससे सभी हितधारकों के लिए ‘विंग्स इंडिया’ का महत्व और भी विशेष हो जाता है ।उन्होंने कहा कि भारत के उड्डयन क्षेत्र की वृद्धि सरकार की दीर्घकालिक सोच का नतीजा है, जिसने हर नागरिक को आसानी से हवाई यात्रा करने में सक्षम बनाने के मिशन के साथ हवाई यात्रा को सभी के लिए सुलभ बनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्रीय और किफायती हवाई कनेक्टिविटी और देश भर में सी-प्लेन संचालन का विस्तार करने के लिए उड़ान योजना के अगले चरण पर काम कर रही है।
उन्होंने जोर दिया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों को हवाई अड्डों से जोड़ा गया है, और बताया कि साल 2014 में देश में 70 हवाई अड्डे थे, जबकि आज यह संख्या 160 से अधिक हो गई है। इसका मतलब है कि देश ने सिर्फ एक दशक में दोगुने से ज्यादा हवाई अड्डे बनाये हैं।श्री मोदी ने कहा कि 100 से अधिक हवाई अड्डों को चालू किया गया है और इसके साथ ही, सरकार ने किफायती किराया देने के लिए ‘उड़ान’ योजना शुरू की इससे ऐसे मार्गों पर 1.5 करोड़ लोग यात्रा कर चुके हैं, जिनमें से कई रूट पहले मौजूद भी नहीं थे।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने घरेलू स्तर पर सैन्य और परिवहन विमानों का उत्पादन शुरू कर दिया है और नागरिक विमान निर्माण में भी आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अपने उड्डयन क्षेत्र की जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करना और आत्मनिर्भरता के रास्ते को मजबूत करना जरूरी है, जिससे देश में निवेश करने वाली कंपनियों को भी फायदा होगा।उन्होंने जोर दिया कि भारत विमान डिजाइन, निर्माण और विमान एमआरओ इकोसिस्टम पर जोर दे रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत पहले से ही विमान के पुर्जों का एक प्रमुख निर्माता और आपूर्तिकर्ता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने घरेलू स्तर पर सैन्य और परिवहन विमान बनाने शुरू कर दिये हैं और यात्री विमानों के विनिर्माण के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भौगोलिक स्थित, बेजोड़ घरेलू फीडर नेटवर्क और लम्बी दूरी की उड़ानों के लिए सक्षम विमान बेड़े के दम पर भारत विमानन में एक बड़ी ताकत के रूप में उभरा है।प्रधानमंत्री ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब भारत में डिजाइन किये गये और विनिर्मित इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग एयरक्राफ्ट एविएशन सेक्टर को एक नयी दिशा देंगे, जिससे यात्रा का समय काफी कम हो जायेगा।उन्होंने कहा कि भारत हरित विमान ईंधन पर बड़े पैमाने पर काम कर रहा है और आने वाले वर्षों में हरित विमान ईंधन का एक बड़ा उत्पादक और निर्यातक बनने के लिए तैयार है।श्री मोदी ने वैश्विक निवेशकों से भारत की विकास यात्रा में दीर्घकालिक सहभागी बनने और इसके माध्यम से वैश्विक उड्डयन क्षेत्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने निवेशकों से इस क्षेत्र में भारत की उड़ान में ‘को-पायलट’ के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हुए और ‘विंग्स इंडिया’ की सफलता की कामना की।नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने आज सुबह विंग्स इंडिया का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि ‘विंग्स इंडिया 2026’ में शीर्ष वैश्विक उद्योगों के प्रतिनिधि, नवाचारी और सभी हितधारक एक मंच पर आये हैं। अगले चार दिन में इस आयोजन में देश की बढ़ती क्षमता, अत्याधुनिक नवाचार और बढ़ती वैश्विक भागीदारी की झलक दिखेगी जो दुनिया का विमानन केंद्र बनने की हमारी यात्रा को मजबूती प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विमानन क्षेत्र में उल्लेखनीय विकास गाथा दुनिया के समक्ष पेश कर रहा है। (वार्ता)
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