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भलुअनी में गौशाला प्रस्ताव पर ग्रामीणों का विरोध, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रशासन सख्त

भलुअनी नगर पंचायत के वार्ड–2 गौतम बुद्ध नगर में प्रस्तावित गौशाला की जमीन पैमाइश को ग्रामीणों के विरोध के चलते प्रशासन को रोकना पड़ा। ग्रामीणों ने आबादी के पास गौशाला बनने से स्वास्थ्य व फसल नुकसान की आशंका जताई। नायब तहसीलदार रविंद्र मौर्या मौके से लौटे। वहीं प्रशासन ने वार्ड-1 और 8 में जेसीबी से अवैध अतिक्रमण हटाकर रास्ते मुक्त कराए।

भलुअनी (देवरिया)। नगर पंचायत भलुअनी के वार्ड संख्या–2 गौतम बुद्ध नगर (लाला फुलवरिया) में प्रस्तावित गौशाला के लिए जमीन की पैमाइश करने पहुँचे तहसील प्रशासन और स्थानीय पुलिस को शुक्रवार को ग्रामीणों के तीखे विरोध के चलते बैरंग लौटना पड़ा। मौके पर बड़ी संख्या में एकत्र ग्रामीणों ने गौशाला निर्माण का विरोध करते हुए उच्चाधिकारियों को बुलाने और जनहित में वैकल्पिक विकास कार्य कराने की मांग उठाई।

जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत भलुअनी द्वारा करीब एक वर्ष पूर्व गौशाला निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद वार्ड संख्या–2 की सरकारी भूमि पर गौशाला निर्माण प्रस्तावित किया गया। इसी क्रम में बरहज तहसील के नायब तहसीलदार रविंद्र मौर्या तहसील प्रशासन और कर्मचारियों के साथ जमीन की पैमाइश करने पहुँचे। जैसे ही टीम मौके पर पहुँची, पहले से मौजूद ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया।

ग्रामीणों का कहना था कि प्रस्तावित स्थल के निकट घनी आबादी है। गौशाला बनने से पशुओं की मृत्यु के बाद अव्यवस्थित निस्तारण की स्थिति में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा रहेगा। इसके साथ ही, आवारा पशुओं से खेतों और फसलों को नुकसान होने की आशंका भी जताई गई। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि इस स्थान पर गौशाला के बजाय ऐसे विकास कार्य कराए जाएँ, जो सीधे जनता के हित में हों।

विरोध के दौरान वार्ड के सभासद पोतन पासवान ने भी कहा कि गौशाला का यह प्रस्ताव उनकी जानकारी में नहीं है और उन्होंने ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया था। इससे नाराजगी और बढ़ गई। ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग की कि जब तक उच्च स्तर पर पुनर्विचार नहीं होता, तब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई न की जाए।

घटनास्थल पर पूर्व विधायक स्वामीनाथ यादव सहित हरिकेश यादव, मनोज यादव, सौदागर, रामउग्रह, कोदई, अभय, बाबूलाल यादव, रघुवीर यादव, देशराज यादव समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आपत्तियाँ दर्ज कराईं।

इस संबंध में नगर पंचायत भलुअनी के अधिशासी अधिकारी अमिताभ मणि त्रिपाठी ने फोन पर बताया कि गौशाला का प्रस्ताव लगभग एक वर्ष से लंबित है और ग्रामीणों के विरोध के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि वार्डवासियों के साथ बैठक कर आपसी सहमति से समस्या का समाधान निकाला जाएगा।

ग्रामीणों के सख्त रुख के चलते प्रशासन को फिलहाल पैमाइश की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नगर पंचायत और प्रशासन ग्रामीणों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए आगे क्या निर्णय लेते हैं।

अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर

भलुअनी (देवरिया)। नगर पंचायत क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ शुक्रवार को तहसील प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग वार्डों में वर्षों से अवरुद्ध रास्तों को मुक्त कराया। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत के वार्ड संख्या–1 अंबेडकर नगर (कमला नगर) में कुछ लोगों द्वारा लंबे समय से सार्वजनिक रास्ते पर अवैध अतिक्रमण कर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया गया था। इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शुक्रवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में तहसील प्रशासन मौके पर पहुंचा और अवैध कब्जा हटाकर रास्ते को पुनः आम जनता के लिए सुचारु रूप से खोल दिया गया।

दो वार्डों में बुलडोजर चलाकर रास्ते कराए गए मुक्त

इसी क्रम में वार्ड संख्या–8 गोविंद बल्लभ पंत नगर में स्थित कृषि विभाग के भवन तक जाने वाले मार्ग को भी अवैध रूप से घेर लिया गया था, जिससे विभागीय कार्यों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। तहसील प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जेसीबी मशीन की मदद से अवैध अतिक्रमण को हटवाया और रास्ते को पूरी तरह मुक्त कराया।

कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तत्परता दिखाते हुए विरोध कर रहे दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। इसके बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सार्वजनिक भूमि और रास्तों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे अतिक्रमण न केवल कानून के खिलाफ हैं, बल्कि आमजन के अधिकारों का भी हनन करते हैं। आगे भी यदि कहीं अवैध कब्जे पाए गए तो उनके विरुद्ध इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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