
बंगलादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का निधन, बुधवार को अंतिम संस्कार
बंगलादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बंगलादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया का मंगलवार सुबह ढाका के एवरकेयर अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं। दिल और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण व निमोनिया के कारण उनका इलाज चल रहा था। तीन बार प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया बंगलादेश की पहली लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित महिला प्रधानमंत्री थीं। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को ढाका के मानिक मियां एवेन्यू में होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित कई नेताओं ने उनके निधन को “एक युग का अंत” बताया।
- 80 वर्ष की उम्र में ढाका के अस्पताल में ली अंतिम सांस, प्रधानमंत्री मोदी समेत विश्व नेताओं ने जताया शोक
ढाका : बंगलादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और तीन दशकों से अधिक समय तक देश के राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहीं बेगम खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं।उनके बेटे तारेक रहमान, जो स्वेच्छा से ब्रिटेन में निर्वासन में चले गए थे, चुनाव लड़ने और अपनी बीमार मां को देखने के लिए हाल ही में स्वदेश वापस लौटे थे। बेगम जिया ने नेतृत्व वाली बंगलादेश राष्ट्रवादी पार्टी ने उनके निधन की पुष्टि की। उनका निधन ढाका के एवरकेयर अस्पताल में आज सुबह छह बजे हुआ, जहां पिछले पांच हफ्तों से उनका इलाज चल रहा था।
पार्टी अधिकारियों ने कहा कि बेगम जिया को 23 नवंबर को दिल और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें निमोनिया भी था और हाल के दिनों में उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। एक बयान में, बीएनपी ने कहा, “बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का आज सुबह 6:00 बजे फज्र की नमाज के तुरंत बाद निधन हो गया।” उनकी मौत एक युग का अंत है और इससे उनकी पार्टी को चुनावी अभियान में मदद मिलने की संभावना है क्योंकि दिवंगत नेता के प्रति मतदाताओं की सहानुभूति बढ़ने की उम्मीद है। उनके पति जनरल जिया उर रहमान एक स्वतंत्रता सेनानी और देश के पूर्व सैन्य शासक थे।
बेगम जिया दो बार बंगलादेश की प्रधानमंत्री बनीं, पहली बार 1991 से 1996 तक और फिर 2001 से 2006 तक और वह लोकतांत्रिक चुनाव के माध्यम से इस पद पर आसीन होने वाली देश की पहली महिला थीं। अपनी चिर प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ उन्होंने बंगलादेश के राजनीतिक परिदृश्य पर अपना दबदबा कायम रखा और दशकों तक उनकी प्रतिद्वंद्विता ने देश के शासन और राजनीति को प्रभावित किया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनके अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जा रही है लेकिन आज को बाद ही उनका अंतिम संस्कार होने की उम्मीद है।
खालिदा का अंतिम संस्कार बुधवार को ढाका में; एक युग का अंत
बंगलादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का अंतिम संस्कार बुधवार को राजधानी के मानिक मियां एवेन्यू में होने का अनुमान है।प्रोथोम आलो ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि बंगलादेश नेशनलिस्ट पार्टी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा, “खालिदा जिया का नमाज-ए-जनाजा बुधवार को ढाका के मानिक मियां एवेन्यू में हो सकता है।”बंगलादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और तीन दशकों से अधिक समय तक देश के राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहीं बेगम खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं।बेगम जिया ने नेतृत्व वाली बंगलादेश राष्ट्रवादी पार्टी ने उनके निधन की पुष्टि की। उनका निधन ढाका के एवरकेयर अस्पताल में आज सुबह छह बजे हुआ, जहां पिछले पांच हफ्तों से उनका इलाज चल रहा था।
पार्टी अधिकारियों ने कहा कि बेगम जिया को 23 नवंबर को दिल और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें निमोनिया भी था और हाल के दिनों में उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी।एक बयान में, बीएनपी ने कहा, “बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का आज सुबह 6:00 बजे फज्र की नमाज के तुरंत बाद निधन हो गया।”उनकी मौत एक युग का अंत है और इससे उनकी पार्टी को चुनावी अभियान में मदद मिलने की संभावना है क्योंकि दिवंगत नेता के प्रति मतदाताओं की सहानुभूति बढ़ने की उम्मीद है। उनके पति जनरल जिया उर रहमान एक स्वतंत्रता सेनानी और देश के पूर्व सैन्य शासक थे।
बंगलादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया 1991 में बंगलादेश राष्ट्रवादी पार्टी को विजयी दिलाकर सत्ता में आईं। उन्होंने तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया और देश के राजनीतिक इतिहास में सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक रहीं। उनका पहला कार्यकाल मार्च1991 से फरवरी 1996 तक था, दूसरा कार्यकाल फरवरी 1996 के बाद कुछ सप्ताह तक चला और तीसरा कार्यकाल अक्टूबर 2001 से अक्टूबर 2006 तक था।बेगम जिया को 2018 में उनकी चिरप्रतिद्वंदी शेख हसीना के शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल जाना पड़ा। उन्हें पिछले वर्ष सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बाद रिहा किया गया, जिसके कारण सुश्री हसीना को भारत में निर्वासित होना पड़ा।
बीएनपी सत्ता में वापसी की तैयारी कर रही है और पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि अगर पार्टी आगामी चुनाव जीतती है, तो बेगम जिया के बेटे तारिक रहमान के राष्ट्रीय नेतृत्व संभालने की उम्मीद है।60 वर्षीय तारिक रहमान 17 साल तक लंदन में स्वेच्छा से निर्वासन में रहने के बाद पिछले सप्ताह ही बंगलादेश लौटे हैं।उनकी मृत्यु पर प्रतिक्रिया देते हुए, ढाका में भारत की पूर्व उच्चायुक्त रीवा गांगुली दास ने यूनीवार्ता से कहा, “यह एक युग का अंत है। हमने उनके साथ तब भी काम किया है जब वह विपक्ष में थीं।”सुश्री राजदूत दास ने कहा कि जब वह विपक्ष में थीं और भारत आई थीं, तब भी नयी दिल्ली ने उनका भव्य स्वागत किया था। उन्होंने कहा, “जो लोग कहते हैं कि हमने सिर्फ एक ही पार्टी से संबंध बनाए रखए वे तथ्यों से अनजान हैं।” हालांकि, बेगम जिया की विरासत को लेकर उनके देशवासी बंटे हुए हैं।
निर्वासित बांग्लादेशी कवयित्री और लेखिका तस्लीमा नसरीन ने यूनीवार्ता से कहा, “बेगम जिया का उत्थान बहुत ही कम समय में हुआ, वे एक साधारण गृहिणी से देश की प्रधानमंत्री बनीं। जेल में बिताए दो वर्षों को छोड़कर उनके जीवन में किसी चीज की कमी नहीं थी।”उन्होंने कहा, “बेगम जिया ने मेरी कई किताबों पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसकी शुरुआत ‘लज्जा’ से हुई थी… क्या अब वे प्रतिबंध हटाए जाएंगे?”पुरस्कार विजेता लेखिका तस्लीमा ने भविष्यवाणी किया कि उनके बेटे तारिक रहमान चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा, ” यह हमारे लिए अच्छा होगा या नहीं मुझे नहीं पता। लेकिन कम से कम बंगलादेश में अभी जो अराजकता हम देख रहे हैं, उसका अंत हो जाएगा।”
मोदी ने खालिदा जिया को श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को बंगलादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर शोक व्यक्त किया।एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “पूर्व प्रधानमंत्री और बंगलादेश राष्ट्रवादी पार्टी की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। उनके परिवार और बंगलादेश के सभी लोगों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदनाएं। ईश्वर उनके परिवार को इस दुखद क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
“बेगम जिया तीन बार बंगलादेश की प्रधानमंत्री रहीं, उन्होंने देश की राजनीति को आकार देने और भारत बंगलादेश संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में ढाका में बेगम जिया से हुई अपनी मुलाकात को याद करते हुए कहा, “बंगलादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें बंगलादेश के विकास के साथ-साथ भारत-बंगलादेश संबंधों में उनके महत्वपूर्ण योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। मुझे 2015 में ढाका में उनसे सौहार्दपूर्ण मुलाकात का यादगार अवसर मिला। आशा है कि उनकी दूरदृष्टि एवं विरासत हमारी साझेदारी को आगे भी मार्गदर्शन प्रदान करती रहेगी। उनकी आत्मा को शांति मिले।”(वार्ता)
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