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आरबीआई का बड़ा लिक्विडिटी बूस्ट, बैंकिंग सिस्टम में आएंगे 2.89 लाख करोड़ रुपये

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग तंत्र में तरलता बढ़ाने के लिए दिसंबर और जनवरी के दौरान करीब 2.89 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी डालने का निर्णय लिया है। इसके तहत आरबीआई 2 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां चार चरणों में खरीदेगा और 1,000 करोड़ डॉलर का डॉलर/रुपया स्वैप करेगा। इस कदम से बैंकों की नकदी स्थिति मजबूत होगी, पूंजी लागत घटेगी और ऋण प्रवाह को गति मिलने की उम्मीद है।

  • सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद और डॉलर-रुपया स्वैप से दिसंबर-जनवरी में नकदी बढ़ाने का फैसला

मुंबई : भारतीय रिजर्व बैंक दिसंबर-जनवरी में सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद और डॉलर/रुपया स्वैप के जरिये बैंकिंग तंत्र में लगभग 2,89,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी सुनिश्चित करेगा।

केंद्रीय बैंक ने मंगलवार को बताया कि वह चार बराबर किस्तों में 2,00,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां खरीदेगा। इसके अलावा वह डॉलर/रुपया खरीद/बिक्री स्वैप के तहत 1,000 करोड़ डॉलर (लगभग 89,000 करोड़ रुपये) के अनुबंध करेगा। रिजर्व बैंक के इन उपायों से बैंकिंग तंत्र में लगभग 2,89,000 करोड़ रुपये की नकदी आयेगी। इस कदम से बैंकों के पास नकदी बढ़ेगी और उनकी पूंजी लागत कम होगी।यह आरबीआई द्वारा इसी महीने पहले की गयी एक लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूति की खरीद और 500 करोड़ डॉलर के स्वैप ऑक्शन के अतिरिक्त है। केंद्रीय बैंक ने 11 दिसंबर और 18 दिसंबर को 50-50 हजार रुपये की दो किस्तों में सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद की थी।

वहीं, 16 दिसंबर को उसने स्वैप ऑक्शन के तहत 500 करोड़ डॉलर खरीदे थे।आरबीआई की प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि तरलता और वित्तीय स्थितियों को देखते हुए यह फैसला किया गया है। सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद 50-50 हजार करोड़ रुपये की चार किस्तों में 29 दिसंबर, 05 जनवरी, 12 जनवरी और 22 जनवरी को की जायेगी। वहीं, डॉलर/रुपया स्वैप ऑक्शन तीन साल की अवधि के लिए होगा जिसका पहला चरण (वाणिज्यिक बैंकों से डॉलर की खरीद) 13 जनवरी को संपन्न होगा।

विज्ञप्ति के अनुसार, आगे भी तरलता की स्थिति की समीक्षा जारी रहेगी और उसके आधार पर निर्णय लिया जायेगा।केंद्रीय बैंक ने एक अलग प्रेस विज्ञप्ति में 29 दिसंबर की सरकारी प्रतिभूति की खरीद का विवरण भी जारी किया है। इसमें 6.67 प्रतिशत से 7.61 प्रतिशत तक ब्याज पर विभिन्न अवधियों की प्रतिभूतियां खरीदी जायेंगी। प्रतिभूतियों की मियाद साल 2029 से 2053 तक अलग-अलग समय पर पूरी होगी। (वार्ता)

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