अयोध्या बना वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र: विदेशी पर्यटकों ने की मोदी -योगी की सराहना
राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या तेजी से एक विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरा है। रूस, पुणे और अन्य देशों-राज्यों से आए पर्यटकों ने शहर की दिव्य ऊर्जा, स्वच्छता, बेहतर व्यवस्थाओं और मोदी–योगी सरकार के विकास कार्यों की खुलकर सराहना की। बढ़ते तीर्थाटन से होटल, रेस्टोरेंट और गेस्ट हाउस उद्योगों में बड़ी वृद्धि हुई है, जिससे रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने, निवेश में इजाफा और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के विस्तार से अयोध्या का बदलता स्वरूप भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक समृद्धि का वैश्विक प्रतीक बन रहा है।
- राम मंदिर निर्माण के बाद होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन व्यवसाय में रिकॉर्ड वृद्धि, शहर की अर्थव्यवस्था को नई गति
लखनऊ । देश ही नहीं विदेशों से आने वाले पर्यटक भी अयोध्या के बदलते स्वरूप को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन परिदृश्य इतना व्यापक हुआ है कि इसका सीधा प्रभाव शहर की अर्थव्यवस्था, होटल इंडस्ट्री और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में दिखाई दे रहा है।
रूस से आई पर्यटक ईवा ने कहा कि अयोध्या एक भव्य और सुंदर आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने बताया कि यहां ठहरने और सुविधाओं की विश्वस्तरीय व्यवस्था है, शहर साफ-सुथरा है और वातावरण अत्यंत दिव्य है। उनके अनुसार अयोध्या में मिलने वाली सुकूनभरी अनुभूति और श्रद्धामय ऊर्जा भारतीय संस्कृति की विराट शक्ति का अनुभव कराती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि वह एक आध्यात्मिक व्यक्ति हैं वह भारतीय संस्कृति को जिस प्रकार से प्रमोट कर रहे हैं वह अतुलनीय है।
धर्म ध्वज स्थापना कार्यक्रम को लेकर दर्शनार्थियों में भारी उत्साह है। अयोध्या में दूसरे राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों का तांता लगा हुआ है और पूरा शहर धार्मिक और आध्यात्मिक उल्लास में डूबा दिखाई दे रहा है। पुणे से आए दर्शनार्थी शिव नारायण ने कहा कि अयोध्या का विकास मोदी और योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। वहीं स्थानीय गीतकार विकल्प त्रिवेदी के शब्दों में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि राम मंदिर का सपना युगों बाद पूरा हुआ है और 25 तारीख को लहराने वाला भगवा ध्वज इस ऐतिहासिक क्षण का प्रतीक बनेगा।
शहर में भोजन और ठहरने की सुविधाओं का विस्तार
अयोध्या के आर्थिक विकास में होटल और रेस्टोरेंट कारोबार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उडुपी टू मुंबई रेस्टोरेंट के मैनेजर शैलेन्द्र कुमार अवस्थी ने बताया कि अयोध्या में फिलहाल चार रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं और लगभग 10 नई परियोजनाओं पर कार्य जारी है।
उन्होंने कहा कि शहर में कुल 100 करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य है जिसमें से 70 करोड़ रुपये पहले ही लगाए जा चुके हैं। प्रतिदिन 2000 से 3000 लोग उनके यहां भोजन के लिए आते हैं। विशेष अवसरों पर यह संख्या 5000 तक पहुंच जाती है। प्रत्येक महीने 5 से 6 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं एवं पड़ोसी जिलों के लोगों को रोजगार का अवसर मिल रहा है। शैलेन्द्र अवस्थी बताते हैं कि अयोध्या में योगी सरकार की विकास योजनाओं का परिणाम जमीनी स्तर पर साफ दिख रहा है।
गेस्ट हाउस और छोटे होटलों में भी बढ़ी आय
अयोध्या में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से छोटे होटल और गेस्ट हाउस भी समृद्ध हुए हैं। सब्जी मंडी स्थित काका गेस्ट हाउस के मैनेजर दुर्गेश वर्मा ने बताया कि पहले उनके यहां प्रतिदिन 3000 रुपये का कारोबार होता था जो अब 15000 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है। अब अधिकांश दिनों में होटल फुल रहता है और विदेशी मेहमानों की बढ़ती संख्या से आय में और तेजी आई है।
वैश्विक आध्यात्मिक ध्रुव के रूप में उभरती अयोध्या
राम मंदिर के आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की निरंतर आवाजाही से अयोध्या का वातावरण दिनभर जीवंत बना रहता है। रामपथ, हनुमानगढ़ी, सरयू घाट और मंदिर परिसर में बढ़ती चहल-पहल बताती है कि यह बदलाव स्थायी है और शहर ने एक नई पहचान हासिल की है।
अयोध्या अब केवल धार्मिक धरोहर नहीं बल्कि आधुनिक व्यवस्थाओं से सुसज्जित विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगर है। होटल कारोबार की वृद्धि, विदेशी पर्यटकों की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रियाएं और लगातार फैलता हॉस्पिटैलिटी सेक्टर इस बात का प्रमाण हैं कि अयोध्या की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में और मजबूत होगी।
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