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बिहार चुनाव 2025: अंकज्योतिष की नज़र में कौन रहेगा आगे?

अंकज्योतिष के अनुसार बिहार चुनाव 2025 में कौन रहेगा आगे? तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार, नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के अंकों का विस्तृत विश्लेषण - कौन जीतेगा इस बार सत्ता की बाजी?

  • वर्ष 2025 का मंगल प्रभाव देगा बिहार की राजनीति में बड़ा उतार-चढ़ाव, नीतीश के ‘19’ और मोदी के ‘5’ अंकों का मेल बन सकता है सत्ता का संतुलन

गोरखपुर। बिहार के चुनावी रण में इस बार राजनीतिक रणनीति के साथ-साथ अंकज्योतिष के समीकरण भी रोचक संकेत दे रहे हैं। अंकज्योतिष के अनुसार वर्ष 2025 का मूलांक 9 (मंगल) है – जो संघर्ष, प्रतिस्पर्धा और निर्णायक घटनाओं का वर्ष माना जाता है। ऐसे में बिहार की राजनीति के प्रमुख चेहरे – तेजस्वी यादव, नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी – किस स्थिति में हैं, इसका विश्लेषण अंकज्योतिषीय दृष्टि से किया गया है।

तेजस्वी यादव: राहु और केतु का टकराव

तेजस्वी यादव के नाम का पहला अक्षर T, राहु ग्रह से जुड़ा है। वर्ष 2025 का अंक 9 (मंगल) राहु के साथ मेल नहीं खाता – यह टकराव और भ्रम का संकेत देता है। तेजस्वी का अंक 21 = 3 (गुरु) है, जो धीमी लेकिन स्थिर प्रगति का सूचक है। मगर राहु और मंगल का संयोजन इसे राजनीतिक दबाव और अस्थिरता में बदल सकता है।

“यादव” का अंक 4 (राहु) है। जब इसे तेजस्वी के अंक (3) से जोड़ा जाता है, तो परिणाम 7 (केतु) बनता है। वर्ष 9 (मंगल) से मिलकर फिर 7 (केतु) बनता है – जो ध्वंसात्मक और विरोधी ऊर्जा का संकेत देता है। अर्थात, तेजस्वी के लिए यह वर्ष चुनौतीपूर्ण रहेगा, और सहयोगी समीकरणों में सावधानी की आवश्यकता होगी।

नीतीश कुमार: 19 अंक की शक्ति अब भी प्रभावी

नीतीश कुमार का अंक 19 है – सूर्य और मंगल का यह संयोजन सबसे शक्तिशाली नेतृत्व अंक माना जाता है। यह व्यक्ति को पुनरुत्थान और निर्णायक निर्णयों की क्षमता देता है। कुमार” शब्द का अंक 6 (शुक्र) है, जिसका योग 1+6 = 7 (केतु) बनता है। यद्यपि केतु और मंगल का मेल आम तौर पर संघर्ष दिखाता है, परंतु नीतीश का 19 अंक उस प्रभाव को संतुलित कर देता है। इसलिए, नीतीश कुमार कठिन परिस्थितियों में भी सत्ता-संतुलन बनाए रख सकते हैं, और उनका राजनीतिक अस्तित्व 2025 में भी मजबूत दिखता है।

मोदी फैक्टर: बुध और केतु का संतुलन

बिहार के चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति भी निर्णायक मानी जा रही है। अंकज्योतिष के अनुसार मोदी का अंक 7+7=14=5 (बुध) है। अंक 5 बुध का अंक है – जो  भाग्य, संचार, रणनीति और नेतृत्व की तेज़ सोच को दर्शाता है। साथ ही, मोदी का 7 अंक (केतु) आध्यात्मिकता और दूरदर्शिता से जुड़ा है, जिससे वह अपने नेतृत्व में जनता से भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखते हैं।
यह संयोजन नीतीश-मोदी गठबंधन के लिए राजनीतिक सफलता का संकेत देता है।

राहुल गांधी का प्रभाव: तेजस्वी के लिए कठिनाई

राहुल गांधी का अंक 8+1=9 (शनि + मंगल) है। जबकि तेजस्वी का अंक 7 (केतु) है। शनि, मंगल और केतु का यह त्रिकोण राजनीतिक संघर्ष और भ्रम की स्थिति बनाता है। यह संकेत देता है कि तेजस्वी और राहुल का मेल वैचारिक अस्थिरता और गलत निर्णयों की ओर ले जा सकता है।

सत्ता में संतुलन, संघर्ष भी जारी रहेगा

अंकज्योतिष के अनुसार वर्ष 2025 का मंगलप्रधान प्रभाव बिहार की राजनीति में ऊर्जा, संघर्ष और बदलाव लाने वाला रहेगा।
तेजस्वी के लिए यह सावधानी और रणनीतिक धैर्य का वर्ष है, जबकि नीतीश कुमार अपनी अनुभवजन्य स्थिरता और मोदी के सहयोग से सत्ता समीकरणों को संतुलित रख सकते हैं।

राजनीतिक दृष्टि से देखें तो सत्ता का संतुलन यथावत रहने की संभावना अधिक है, पर भीतर-भीतर बड़े फेरबदल की संभावनाएँ भी अंकज्योतिष इंगित कर रहा है।

नाथूराम गुप्ता
अंक ज्योतिषी, गोरखपुर

डिस्क्लेमर : यह विश्लेषण अंकज्योतिषीय गणनाओं और ज्योतिषीय सिद्धांतों पर आधारित है। इसमें दिए गए विचार लेखक (अंक ज्योतिषी नाथूराम गुप्ता) के व्यक्तिगत अध्ययन और मत हैं। इस लेख का उद्देश्य केवल जानकारी एवं रुचि-वृद्धि है, न कि किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के पक्ष या विरोध में राय देना। CMG TIMES / प्रकाशक इस सामग्री की सटीकता या परिणामों के लिए जिम्मेदार नहीं है। राजनीतिक निर्णय वास्तविक परिस्थितियों, मतदाता रुझान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर निर्भर करते हैं।

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