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छात्रवृत्ति योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए व्यापक सुधार कर रही योगी सरकार

छात्रवृत्ति वितरण में पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ ही समस्याओं का स्थायी समाधान पर है योगी सरकार का जोर

  • छात्रवृत्ति योजनाओं से जुड़े 18 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत योजना बना रही है योगी सरकार
  • एकीकृत पोर्टल और डिजिटल निगरानी तंत्र की स्थापना कर आवेदन प्रक्रिया को बनाया जाएगा सुगम

लखनऊ । प्रत्येक पात्र छात्र को छात्रवृत्ति पाने का पूर्ण अधिकार है, इस मंत्र के साथ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के Reform-Perform-Transform के विजन को साकार करने में जुटी है। समाज कल्याण विभाग के नेतृत्व में अल्पसंख्यक कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभागों के साथ मिलकर छात्रवृत्ति योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। सीएम योगी की मंशा है कि कोई भी छात्र आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे और इस दिशा में सरकार पारदर्शिता, सुगमता और समावेशिता के साथ कार्य कर रही है।

छात्रवृत्ति वितरण में आ रही समस्याओं का होगा स्थायी समाधान

समाज कल्याण विभाग इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के साथ मिलकर छात्रवृत्ति योजनाओं से जुड़े 18 प्रमुख बिंदुओं पर विस्तृत योजना बना रही है। इनमें अनिश्चितता, प्रत्येक वर्ष नए आवेदन की बाध्यता, विलंबित परीक्षा परिणाम, विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग मानक, निजी विश्वविद्यालयों द्वारा स्वतः फीस निर्धारण, निगरानी तंत्र की कमी, फेल्ड ट्रांजेक्शन और प्रदेश के बाहर पढ़ने वाले छात्रों की समस्याएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एकीकृत पोर्टल को और सक्षम बनाने, फैमिली आईडी से जोड़ने और सूचना के अभाव को दूर करने जैसे मुद्दों पर भी आपस में समन्यवय बनाया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग को नोडल विभाग के रूप में नियुक्त कर इन समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जाएगा छात्रवृत्ति प्रणाली

छात्रवृत्ति प्रणाली को तकनीकी रूप से उन्नत करने के लिए एक आधुनिक एकीकृत पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिसमें मोबाइल ऐप, रियल टाइम नोटिफिकेशन और दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच जैसी सुविधाएं रहेंगी। छात्रों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए फेस रिकॉग्निशन आधारित प्रणाली भी लागू की जाएगी, जिससे फर्जीवाड़े पर पूर्ण रोक लगेगी।

पारदर्शिता और समयबद्धता पर जोर दे रही योगी सरकार

समाज कल्याण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा स्पष्ट है कि कोई भी पात्र छात्र धन की कमी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। हम छात्रवृत्ति योजनाओं को और सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि नियमावली में शीघ्र सुधार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को इसका लाभ मिल सके। एकीकृत पोर्टल और डिजिटल निगरानी तंत्र की स्थापना से आवेदन प्रक्रिया को सुगम बनाया जाएगा, जिससे फेल्ड ट्रांजेक्शन और देरी जैसी समस्याएं समाप्त होंगी।

छात्रवृत्ति योजनाओं की चुनौतियों पर तीनों विभाग गहन मंथन कर रहे हैं। निजी विश्वविद्यालयों द्वारा मनमानी फीस और प्रदेश के बाहर पढ़ने वाले छात्रों की कठिनाइयों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसके समाधान के लिए एकरूपता लाने और पारदर्शी मानक स्थापित करने पर सहमति बन गई है। फैमिली आईडी को छात्रवृत्ति प्रक्रिया से जोड़ने का प्रस्ताव भी सामने आया, ताकि पात्रता का सत्यापन आसान हो और धोखाधड़ी की आशंका समाप्त हो। साथ ही, सूचना के अभाव को दूर करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

युवाओं को शिक्षा से जोड़कर उनके सशक्तीकरण पर योगी सरकार का जोर

योगी सरकार की छात्रवृत्ति योजनाएं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और दिव्यांगजन सहित सभी वर्गों के छात्रों को समान अवसर प्रदान करने के लिए डिजाइन की गई हैं। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और अन्य पहलों के साथ मिलकर ये योजनाएं ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित कर रही हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा समयबद्ध भुगतान और डिजिटल प्रक्रियाओं ने बिचौलियों की भूमिका को समाप्त किया है, जिससे योजनाओं की विश्वसनीयता और प्रभाव बढ़ा है।

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