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सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध : मोदी

किसानों को डीएपी की बोरी मिलेगी 1350 रुपए में

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नव वर्ष में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए बुधवार को दोहराया कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।श्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “ हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमें अपने सभी किसान बहनों और भाइयों पर गर्व है जो हमारे देश को भोजन उपलब्ध कराने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। 2025 की पहली कैबिनेट बैठक हमारे किसानों की समृद्धि बढ़ाने के लिए समर्पित है। मुझे खुशी है कि इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं।”

किसानों को डीएपी की बोरी मिलेगी 1350 रुपए में

केंद्र सरकार ने 50 किलोग्राम की डीएपी उर्वरक प्रति बोरी का मूल्य 1350 रुपए निर्धारित करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों की आवश्यकता के अनुसार संशाेधन करने का फैसला किया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में फसल बीमा योजना के मौजूदा क्षेत्र का विस्तार करने और डीएपी की बोरी मूल्य 1350 रुपए निर्धारित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि किसानों को सस्ती कीमतों पर डीएपी पर सब्सिडी जारी रखने के लिए एकमुश्त विशेष पैकेज के विस्तार को मंजूरी दी गयी है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उतार चढ़ाव और आपूर्ति में बाधा के बावजूद किसानों को डीएपी की 50 किलोग्राम की बोरी 1350 रुपए में ही मिलेगी। इसकी अतिरिक्त कीमत सरकार वहन करेगी। सरकार ने किसानों को सब्सिडी वाले, सस्ती और उचित कीमतों पर डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित की है।उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक 69,515.71 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ वर्ष 2025-26 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को जारी रखने को मंजूरी दी है। इस निर्णय से वर्ष 2025-26 तक देश भर के किसानों के लिए प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के जोखिम से निपटने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में प्रौद्योगिकी के उपयोग से पारदर्शिता और दावा गणना और निपटान में वृद्धि होगी। इसके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 824.77 करोड़ रुपये की राशि के साथ नवाचार और प्रौद्योगिकी कोष बनाने को मंजूरी दी है।श्री वैष्णव ने बताया कि नौ प्रमुख राज्य आंध्र प्रदेश, असम, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु और कर्नाटक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल हैं और अन्य राज्यों को भी तेजी से शामिल किया जा रहा है।(वार्ता)

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