
राहुल ने परीक्षा प्रणाली को बताया बकवास, शिक्षा मंत्री ने याद दिलाया इतिहास
प्रश्न काल में नीट मुद्दे बोलने की अनुमति न मिलने पर लोकसभा का बहिर्गमन
नई दिल्ली । लोकसभा में मानसून सत्र के दौरान नीट पेपर लीक मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार को इस मुद्दे पर खूब घेरा। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश के लाखों छात्रों से जुड़े मुद्दे पर कुछ नहीं हो रहा है। यह बेहद चिंता का विषय है। मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने राहुल को नीट परीक्षा का इतिहास बताया। इस दौरान सदन में खूब हंगामा हुआ।
उन्होंने कहा कि भारत की परीक्षा प्रणाली धोखे से भरी है। लाखों लोग मानते हैं कि अगर आप अमीर हैं और आपके पास पैसा है, तो आप भारतीय परीक्षा प्रणाली को खरीद सकते हैं। उन्हाेंने शिक्षा मंत्री से पूछा कि नीट के मुद्दे को लेकर क्या कार्रवाई की जा रही है।वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह सरकार पेपर लीक का रिकॉर्ड बनाएगी। कुछ सेंटर ऐसे हैं जहां दो हजार से ज्यादा छात्र पास हुए हैं। जब तक यह धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री हैं, तब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा।इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पलटवार किया कि देश की परीक्षा प्रणाली को बकवास कहने की विपक्ष के नेता की बात की मैं निंदा करता हूं। (वीएनएस)
प्रश्न काल में नीट मुद्दे बोलने की अनुमति न मिलने पर लोकसभा का बहिर्गमन
लोकसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) मुद्दे पर बोलने की अनुमति न दिये जाने का विरोध करते हुये विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया।प्रश्न काल की कार्यवाही के दौरान सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपनी जगह पर खड़े होकर नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान अपने को छोड़कर इससे जुड़े प्रत्येक व्यक्ति पर आरोप लगा रहे हैं। परीक्षाओं को लेकर क्या चल रहा है, उसे मंत्री महोदय समझ नहीं रहे हैं। नौकरियों और प्रवेश परीक्षाओं के पेपर लीक होने से लाखों विद्यार्थी प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थी बहुत चिंतित हैं कि यह क्या हो रहा है। विद्यार्थी मान बैठे हैं कि देश में परीक्षा प्रणाली में धोखाधड़ी हाेती है।
उन्होंने कहा, “ लाखों लोगों का मानना है कि यदि आप धनवान हैं तो परीक्षा प्रणाली को खरीद सकते हैं। हम मंत्री महोदय से आसान सा सवाल पूछना चाहते हैं कि यह परीक्षा प्रणाली से जुड़ा मुद्दा है, आप वास्तव में इस मुद्दे को हल करने के लिये करना क्या चाहतेहैं? ”इस पर श्री प्रधान ने कहा कि उन्हें ओडिशा के उनके निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं ने चुनकर यहां भेजा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्री बनाया है। उन्हें किसी से प्रमाण-पत्र नहीं चाहिये।इसके बाद श्री गांधी सहित अन्य विपक्षी सदस्य कुछ कहना चाहते थे, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अनुमति नहीं दी। इसके विरोध में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक के सदस्य सदन से उठकर बाहर किया।(वार्ता)



