
भिलाई,छत्तीसगढ़। भिलाई में संचालित शंकरा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की अमानवीयता के चलते में एक नवजात बच्चे ने तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। बच्चे की मां की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद डॉक्टरों ने नवजात को वैंटिलेटर में रखा था।
जब परिजन इलाज के लिए 10 हजार रुपए नहीं दे पाए तो डॉक्टर ने नवजात को वैंटिलेटर से निकालकर परिजन के हाथ में दे दिया। डेढ़ घंटे बाद बच्चे की मौत हो गई।जानकारी के मुताबिक बेमेतरा जिले के पथरी गांव निवासी बैसाखिन बाई पति शंकर निषाद को बच्चा होना था। डिलीवरी के दौरान उसकी तबीयत काफी बिगड़ गई।(वीएनएस)



