
वाराणसी। ज्ञानवापी परिसर पर कब्जा, भगवान आदि विश्वेश्वर को सौंपने आदि सभी मामले एक साथ एक कोर्ट में सुनवाई करने सबंधित प्रार्थना पत्र पर सोमवार को आदेश आने की संभावना है। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की कोर्ट ने आदेश के लिए पहले एक मार्च फिर 13 मार्च और इसके बाद 20 मार्च की तिथि नियत की थी।
शृंगार गौरी प्रकरण के चार वादिनियों लक्ष्मी देवी, सीता साहू, मंजू व्यास और रेखा पाठक की ओर से आवेदन दिया गया है। कहा गया है कि किरण सिंह और अन्य की ओर से दाखिल वाद को स्थानांतरण कर स्वयं जिला जज की कोर्ट सुनने के आदेश देने को गुहार लगाई गई थी। इस अर्जी पर सभी पक्ष के सुनने के बाद आदेश के लिए तिथि नियत की है।
उधर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सोमवार को क्षेत्राधिकार के लेकर दाखिल निगरानी अर्जी पर भी सुनवाई होनी है। निगरानी कर्ता अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से जुलाई 2021 में निगरानी याचिका दाखिल की गई थी। कहा गया था कि ज्ञानवापी मस्जिद वक्फ बोर्ड की संपत्ति है। उसकी सुनवाई के अधिकार लखनऊ वक्फ बोर्ड को है, सिविल न्यायालय को नहीं।
इसके बावजूद अवर न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज करते हुए पुरातात्विक सर्वेक्षण के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई जारी रखी और प्रतिवादी के क्षेत्राधिकार के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया था। इसके बाद अंजुमन इंतजामिया ने लोअर कोर्ट के आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की थी।
इस मामले पिछले तिथियों पर शैलेन्द्र कुमार पाठक व जैनेन्द्र कुमार पाठक ने पक्षकार बनाए जाने के लिए अधिवक्ता देशरत्न श्रीवास्तव के जरिये प्रार्थना पत्र दिया था। इस प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई थी। इस पर भी आदेश आने की संभावना है ।



