
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कार्तिक मास की पूर्णिमा यानि 8 नवंबर को लगेगा। यह भारत में आंशिक सहित कई देशों में देखा जा सकेगा। सूतक सुबह आठ बजकर बीस मिनट से लग जाएंगे। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कार्तिक मास की पूर्णिमा यानि 8 नवंबर को लगेगा। यह भारत में आंशिक सहित कई देशों में देखा जा सकेगा। सूतक सुबह आठ बजकर बीस मिनट से लग जाएंगे। इस दौरान धार्मिक अथवा शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। कई राशि वालों पर भी इसके प्रभाव की संभावना है।
यह चंद्र ग्रहण भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2 बजकर 41 बजे शुरू होगा और सायं 6 बजकर 18 मिनट पर मोक्ष होगा। भारत में यह शाम 5 बजकर 32 मिनट से शाम 6 बजकर 18 मिनट तक ही नजर आएगा। आचार्य देवेश कुमार द्विवेदी ने बताया ग्रहण से पहले सुबह 8 बजकर 20 मिनट से सूतक शुरू हो जाएंगे। साल का आखिरी चंद्र ग्रहण मेष राशि में लगेगा। इसका वृष, मिथुन, कन्या, तुला और वृश्चिक राशि पर अधिक असर रहेगा। इन राशि वालों को संभल कर रहना होगा।
सूतक काल के दौरान जितना सम्भव हो कम बोलें और भगवान की भक्ति में अपना मन लगाएं।भगवान का ध्यान करें, उनकी पूजा करें, इत्यादि। इस दौरान ग्रह की शांति के लिए पूजा पाठ करें, और मंत्रों का जप करें। सूतक काल के समय जितना सम्भव हो योग और ध्यान करें। ऐसा करने से मानसिक शक्ति का विकास होगा और खुद को और अपने परिवार को ग्रहण के दुष्प्रभाव से भी बचा सकेंगे। सूतक काल में भोजन नहीं बनाएं और अगर खाना बना लिया है तो उसमें तुलसी के पत्ते डालकर रख दें। चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्र मंत्रों का जप करें।जब सूतक काल समाप्त हो जाए तो घर को साफ करके दोबारा पूजा पाठ करें, और स्नान करें।
ग्रहण समाप्त होने पर घर पर और पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें और घर को शुद्ध करें। साथ ही सूतक काल में किसी भी गर्भवती महिला को घर से बाहर बिल्कुल भी नहीं जाना चाहिए। ग्रहण की छाया आपके गर्भ में पल रहे शिशु पर न पड़े।शास्त्रों के अनुसार सूतक काल में दांतों की सफाई और बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए।सूतक काल चल रहा हो तो सोने से बचें। धार्मिक दृष्टि से सूतक काल में किसी भी पवित्र मूर्ति को छूना अत्यंत अशुभ माना जाता है। इस दौरान काम या क्रोध जैसे नकारात्मक विचारों को अपने मन में घर न आने दें। साथ ही इस समय अवधि के दौरान मल, मूत्र और शौच जैसे कार्य करना भी वर्जित है। साथ ही इस दौरान चाकू और कैंची जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल करना भी मना है।
चंद्र ग्रहण ग्रहण के दौरान मंत्र जाप
चंद्र ग्रहण के दौरान गुरु मंत्र गायत्री मंत्र या इष्ट देवता का मंत्र का जाप करना शुभ होता है। वहीं ग्रहण के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। ” ॐ नम: शिवाय ,, मंत्र का जाप करें। इससे चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभावों का असर नहीं पड़ेगा। साथ ही इस मंत्र का जप करे “ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृत तत्वाय धीमहि तन्नो चन्द्रः प्रचोदयात।



