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आठ नवम्बर को कार्तिक पूर्णिमा पर पड़ेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण

लखनऊ । साल का आखिरी चंद्र ग्रहण आठ नवम्बर को लगेगा। यह देश में दिखाई पड़ेगा, इस कारण से इसकी धार्मिक मान्यता भी होगी। ग्रहण के समय के नियम पालन करने होंगे। ग्रहण मेष राशि और भरणी नक्षत्र में लगेगा। ग्रहण का आरम्भ दोपहर एक बजकर 32 मिनट पर और मोक्ष शाम सात बजकर 20 मिनट पर होगा।

अध्यात्म एवं ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष एवं भारतीय नक्षत्रवाणी पत्रिका के सम्पादक पं. राधेश्याम शास्त्री ने बताया कि चंद्र ग्रहण का सूतक काल नौ घंटे पहले से माना जाता है, लेकिन बालक, वृद्ध व रोगी ग्रहण प्रारम्भ होने से पूर्व भोजन ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिस राशि और नक्षत्र पर ग्रहण पड़ता है, उन राशि के जातकाें को ग्रहण नहीं देखना चाहिए। गर्भवती स्त्रियों को बिल्कुल नहीं देखना चाहिए।

ग्रहण में क्या न करें

पं. शास्त्री ने बताया कि सूतक काल में भोजन, शयन, विषय सेवन, मूर्ति स्पर्श वर्जित माना गया है। इसके अलावा कपट, व्यर्थ विवाद, मल-मूत्र विसर्जन, नाखून काटना, सब्जी काटना, आग जलाना भी मना होता है। गर्भवती महिलाओं को पापड़ व रोटी सेंकने से परहेज करना चाहिए।

क्या करें

उन्होंने बताया कि लेकिन वृद्ध, बालक व रोगी को भोजन व दवा में लेने में कोई दोष नहीं लगता है। सूतक काल में गीले खाद्य पदार्थ जैसे दूध, दही, आचार, मुरब्बा आदि में कुश या तुलसी दल डाल देना चाहिए। सूखे खाद्य पदार्थ में इसकी आवश्यकता नहीं है। पं राधेश्याम शास्त्री ने बताया कि ग्रहण काल में रोग नाश के लिए महामृंत्युजय मंत्र का जाप करना श्रेयकर बताया गया है। गंगा स्नान करना चाहिए। इस काल में प्रसन्न होकर धार्मिक ग्रंथ का पाठ करना चाहिए।(हि.स.)

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