यूपी में होगा 2,606 करोड़ रुपये का नया औद्योगिक निवेश
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए योगी कैबिनेट ने बड़े फैसले लिए हैं। तीन प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में 2,606.04 करोड़ और आठ मेगा इकाइयों में 2,901.97 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इसके अलावा सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के समीप 272.25 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित होगा। इन परियोजनाओं से विनिर्माण, निवेश, लॉजिस्टिक्स, स्थानीय अर्थव्यवस्था और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने तीन प्रमुख औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में कुल 2,606.04 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
तीन जिलों में स्थापित होंगी औद्योगिक परियोजनाएं
कैबिनेट की मंजूरी पाने वाली परियोजनाओं में मेसर्स एग्रिस्टो मासा प्राइवेट लिमिटेड की बिजनौर में, मेसर्स कैनपैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की उन्नाव में और मेसर्स सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड की कानपुर देहात में परियोजना शामिल है। इन परियोजनाओं में एफडीआई/ एफसीआई तथा अन्य पात्र श्रेणियों के अंतर्गत नीति आधारित प्रोत्साहन के रूप में लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किया जाएगा।
उन्नाव में 1,573 करोड़ रुपये का निवेश
कैनपैक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा उन्नाव में एल्युमिनियम बेवरेज कैन के विनिर्माण की इकाई स्थापित की जाएगी। परियोजना के लिए 1,573.62 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। यह इकाई यूपीडा के आईएमएलसी इंडस्ट्रियल कॉरिडोर क्षेत्र में करीब 26 हेक्टेयर भूमि पर स्थापित की जाएगी। परियोजना की अनुमानित वार्षिक उत्पादन क्षमता 130 करोड़ यूनिट होगी।
बिजनौर में बनेगी फ्रेंच फ्राइज की बड़ी यूनिट
एग्रिस्टो मासा प्राइवेट लिमिटेड अपनी मौजूदा आलू फ्लेक्स उत्पादन गतिविधियों का विस्तार करते हुए फ्रेंच फ्राइज के उत्पादन में प्रवेश करेगी। कंपनी की वर्तमान उत्पादन क्षमता लगभग 7,332 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है, जबकि प्रस्तावित फ्रेंच फ्राइज इकाई की अधिकतम स्थापित क्षमता 75,000 मीट्रिक टन प्रतिवर्ष होगी। इस परियोजना में 794.27 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
कानपुर देहात में सुप्रीम इंडस्ट्रीज का निवेश
सुप्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा कानपुर देहात में 238.15 करोड़ रुपये के निवेश से वैल्यू एडेड प्लास्टिक बिल्डिंग सॉल्यूशन उत्पादों का विनिर्माण किया जाएगा। वर्ष 1942 में स्थापित सुप्रीम इंडस्ट्रीज भारत के प्रमुख प्लास्टिक प्रोसेसिंग समूहों में शामिल है। कंपनी देशभर में आधुनिक तकनीक और उन्नत विनिर्माण सुविधाओं से युक्त 28 संयंत्र संचालित करती है।
औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
तीनों परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से प्रदेश में विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। इस निर्णय से उत्तर प्रदेश में एफडीआई, विनिर्माण और वैल्यू एडेड इंडस्ट्री को बढ़ावा देने तथा प्रदेश को एक प्रमुख औद्योगिक निवेश गंतव्य के रूप में और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
8 मेगा औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने की मंजूरी
योगी कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत आठ मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी किए जाने की संस्तुति को मंजूरी प्रदान कर दी है। इन आठ औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदेश में कुल 2,901.97 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन इकाइयों को नीति के तहत नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी जैसे प्रोत्साहनों का लाभ मिलेगा।
मेगा निवेश परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी
उच्च स्तरीय प्राधिकृत समिति (एचएलईसी) की 4 मई 2026 को हुई बैठक में इन औद्योगिक इकाइयों के प्रस्तावों पर विचार कर कैबिनेट से अनुमोदन की संस्तुति की गई थी। अब कैबिनेट ने इन इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जाने की मंजूरी दे दी है। मंजूरी पाने वाली औद्योगिक इकाइयों में सूर्या ग्लोबल सुपर फ्लैक्सीफिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा गौतमबुद्ध नगर में 605.37 करोड़ रुपये, शाल्विस स्पेशियलिटीज लिमिटेड द्वारा हमीरपुर में 297.30 करोड़ रुपये और साउंड कास्टिंग्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा हाथरस में 225 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
इसी तरह वृन्दावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बाराबंकी में 436.12 करोड़ रुपये, जुआरी (Zuari) एनविएन बायोएनर्जी प्राइवेट बायोएनर्जी लिमिटेड द्वारा लखीमपुर खीरी में 294.72 करोड़ रुपये, पसवारा पेपर्स लिमिटेड द्वारा हाथरस में 315 करोड़ रुपये, सीआरडी फूड्स एंड बेवरेजेज लिमिटेड द्वारा मथुरा में 363.94 करोड़ रुपये और माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज लिमिटेड द्वारा उन्नाव में 363.52 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
निवेशकों को मिलेगा नीति आधारित प्रोत्साहन
इन परियोजनाओं को उनकी पात्रता के अनुसार नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी जैसे प्रोत्साहन दिए जाएंगे। इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने और औद्योगिक इकाइयों को प्रतिस्पर्धी कारोबारी वातावरण उपलब्ध कराना है। इन आठ मेगा परियोजनाओं से प्रदेश में विनिर्माण एवं अन्य औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार मिलने की उम्मीद है। निवेश के साथ नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
सरकार के इस निर्णय से गौतमबुद्ध नगर, हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव जैसे जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के समीप विकसित होगा औद्योगिक क्लस्टर, कैबिनेट ने अवस्थापना विकास के प्रस्ताव को दी मंजूरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने औद्योगिक कॉरिडोर योजना के अंतर्गत जनपद सुल्तानपुर में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आईएमएलसी) की स्थापना के लिए अवस्थापना विकास के निर्माण कार्यों से संबंधित परियोजना प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी।
272.25 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली मंजूरी
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के सन्निकट विकसित किए जाने वाले इस औद्योगिक क्लस्टर के लिए 27225.33 लाख रुपये यानी लगभग 272.25 करोड़ रुपये की लागत अनुमोदित की गई है। निर्माण कार्य में होने वाला संभावित व्यय-भार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। परियोजना में केंद्र सरकार की किसी प्रकार की वित्तीय भागीदारी अपेक्षित अथवा प्रस्तावित नहीं है।
ग्लोबल बिड से होगा निर्माण एजेंसी का चयन
कैबिनेट की मंजूरी के बाद परियोजना के निर्माण एजेंसी के चयन के लिए ग्लोबल बिड आमंत्रित की जाएगी। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा और परियोजना को समयबद्ध रूप से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
पूर्वांचल में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी रफ्तार
आईएमएलसी के विकास से सुल्तानपुर में उद्योगों की स्थापना, निवेश और विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के समीप होने के कारण क्लस्टर को बेहतर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
परियोजना के क्रियान्वयन और इसके अंतर्गत उद्योगों की स्थापना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है। इससे सुल्तानपुर के लोगों को अपने ही जनपद में रोजगार के अवसर मिलेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर के विकास से सुल्तानपुर में औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी।
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