
“माना कि कोरोना से जंग लड़ना बेहद आसान नहीं, यहां हर ओर दुश्मन का बसेरा है, लेकिन हारने को मेरा मुल्क यूं तैयार नहीं, हारेगी ये महामारी और जीतकर लौटेंगे हम सब, साथ मिलकर दिवाली और ईद मनाएंगे हम तब।”
जी हां, कुछ ऐसी ही सोच है हमारे देशवासियों की और इसलिए कोरोना से यह जंग जीतेंगे हम। देशभर में ऐसे अनगिनत और अनसुने नायक हैं, जो महामारी के कठिन समय में भी सब कुछ भूलकर लोगों की सेवा करने में जुटे हुए हैं। निस्वार्थ भाव से बीमारों की और जरूरतमंदों की सेवा कर रहे हैं। ऐसे तमाम जिंदगी के नायकों को आज पूरा देश सलाम करता है।
कोरोना की रोकथाम के लिए मध्यप्रदेश ने उठाए आवश्यक कदम
कोरोना की रोकथाम के लिए ऐसा ही एक कारगर कदम मध्य प्रदेश में उठाया गया। जी हां, यहां कोरोना महामारी के प्रभावी रोकथाम के लिए जिला स्तर पर बनाई गई ‘क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी’ काफी कारगर साबित हुई है। इस कमेटी के अधिकारी जनप्रतिनिधि सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि सदस्य होते हैं। ग्वालियर में भी बनी इस कमेटी के माध्यम से कोरोना की रोकथाम के लिए काफी कुछ प्रभावी कार्य किया जा रहा है।
जिला स्तर पर बनाई गई क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी
जिला स्तर पर कमेटी के प्रभाव को देखते हुए ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भी इस तरह की कमेटियां बनाई गई हैं। ग्वालियर में ‘क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी’ के माध्यम से कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने सहित आम लोगों को सहायता पहुंचाने में काफी सहायता मिली है।
कमेटी में सत्ता और विपक्ष दोनों के ही जनप्रतिनिधि शामिल
इस कमेटी में जिले के जनप्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी, सामाजिक संगठन, धार्मिक संगठन के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल रहते हैं। इस कमेटी की सबसे अच्छी बात यह है कि कमेटी में सत्ता और विपक्ष दोनों के ही जनप्रतिनिधि शामिल होते हैं। इससे एक मत होकर फैसला लेने में काफी आसानी होती है। इससे आपात स्थिति में तुरंत निर्णय करने के लिए कार्यवाही भी की जा सकती है।
कोरोना काल में फैसला लेने और प्रभावी रूप से राहत पहुंचाने में कारगर कदम
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई जिला स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी का यह मॉडल कोरोना काल जैसी आपदा में फैसला लेने और प्रभावी रूप से राहत पहुंचाने में काफी कारगर साबित हुआ है। इसके चलते अब इस तरह की कमेटी, ग्राम पंचायत और ब्लॉक स्तर पर भी बनाई जा रही है ताकि शहर से दूर इन क्षेत्रों में भी कोरोना के संक्रमण को प्रभावी रूप से रोका जा सके।



