
- गिरीश पांडेय
योगी सरकार-2, सपनों को परवान चढ़ाने वाली सरकार साबित होगी। क्योंकि, योगी सरकार सिर्फ वादे नहीं करती। उन वादों को पूरा करने का इरादा रखती है। इस इरादे को जमीन पर उतारने का संकल्प भी लेती है। जगजाहिर है कि योगीजी ने खुद को अब तक अपराजेय साबित किया है। उन्होंने अब तक जो सोचा उसी राह पर चले। राह में आई तमाम दुश्वारियों को अवसर में बदलते हुए मंजिल पाने तक पीछे मुड़कर नहीं देखा।
उनका मानना है कि अगर आप किसी काम को श्रेष्ठतम तरीके से करना चाहते हैं तो उसकी शुरुआत खुद से करें। अब तो उनके पास एक “टीम योगी” भी है। ऐसी टीम जो अपने अगुवा के सपनों को परवान चढ़ाने के लिए जी जान लड़ा देती है। उसे पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर देती है। ऐसी ही टीम और टीम स्प्रिट से लोक कल्याण संकल्प पत्र-2017 में लिए गए संकल्पों को पूरा कर योगी सरकार-1 ने इसे साबित भी किया। यहां चार दशक से पूर्वांचल के मासूमों के लिए काल बनी इन्सेफेलाइटिस के बारे में मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके किए गए प्रयासों का उदाहरण देना भी समीचीन होगा।
पांच साल में ही उनके निर्देश पर हुए समन्वित प्रयासों से इन्सेफेलाइटिस से होने वाली मौतों में 95 फीसद तक कमी आ गई है। कोरोना काल में सबसे बड़ी आबादी और अपेक्षाकृत कम संसाधन वाले प्रदेश में लोगों की जान एवं जीविका बचाने का जो काम हुआ उसकी सराहना विश्व स्वास्थ्य संगठन और नीति आयोग सहित पूरी दुनिया ने की। पहले कार्यकाल में लोक कल्याण के कार्यों को सर्वोपरि रखते हुए योगी सरकार ने साबित किया कि यह सबके लिए, सबकी मदद करने वाली उपयोगी सरकार है।
भाजपा विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद से लेकर अब तक उस हर अवसर पर जब योगीजी ने लोगों से संवाद किया तो उन्होंने ‘योगी सरकार-2’ का अपना एजेंडा स्पष्ट कर दिया। अब तक उन्होंने अपनी टीम और नवनिर्वाचित विधायकों से जो कहा उसका लब्बोलुआब यह है कि, “हमें सुनिश्चित करना होगा कि जो भी काम हो रहे हैं या होने हैं वह सर्वोत्तम होने चाहिए। हर काम से सरकार, संगठन और इससे संबद्ध लोगों का नाम जुड़ा होता है। हर समस्या का हल तुरंत और मौके पर होना चाहिए। इससे छोटी-छोटी समस्याओं को बड़ा और गंभीर होने से रोका जा सकता है”। हर हफ्ते ग्राम दिवस के के आयोजन के बारे में हाल ही में उन्होंने जो निर्देश दिया उसके पीछे उनकी यही सोच है।
योगीजी का साफ निर्देश है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप ‘नए भारत का नया उत्तर प्रदेश’ आकार ले रहा है और इसे और अधिक गति देने में कहीं से चूक नहीं होनी चाहिए। मालूम हो कि योगी सरकार-1 के शुरुआती कुछ वर्षों में कुशासन की चुनौती से सफलतापूर्वक निपटकर सुशासन की स्थापना की गई। इसी सुशासन की बुनियाद पर उन्होंने प्रदेश के मुखिया के रूप में 25 करोड़ से अधिक जनता को अपना परिवार मानते हुए, उसकी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए बिजली, पानी, मकान, राशन, सबके लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा, महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और स्वावलंबन, किसानों की कर्जमाफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेंहू-धान की रिकॉर्ड खरीद, आजादी के बाद से गन्ने के मूल्य का सर्वाधिक भुगतान, एक्सप्रेस वे का निर्माण और एयर कनेक्टिविटी आदि पर फोकस किया।
इस बाबत जो काम हुए है उस सिलसिले को आगे बढ़ाने के साथ उत्तर प्रदेश को उत्तम से सर्वोत्तम बनाने की चुनौती योगी-सरकार-2 के समक्ष है। सरकार इसके लिए तैयार भी है। चुनाव के पहले जारी लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 में ही इस ओर न केवल इशारा किया गया था बल्कि संक्षेप में इसकी कार्ययोजना भी बता दी गई थी। अब पांच साल सुशासन को मजबूत करने के लिए सरकार का मुकाबला अपने पहले कार्यकाल से होगा। इसके लिए सबसे पहला एजेंडा तय किया गया है लोक कल्याण संकल्प पत्र-2022 के सभी संकल्प बिंदुओं को लक्ष्यवार व समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का। इसके लिए सभी विभागों को सौ दिन, छह माह और वार्षिक लक्ष्य तय करने और उसे हासिल करने की कार्ययोजना पर काम करने का निर्देश भी मुख्यमंत्री के स्तर से जारी कर दिया गया है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति इस कार्यकाल में भी प्रभावी रूप से जारी रहेगी।
विकास और गरीब कल्याण के कार्यक्रम योगी सरकार के पहले कार्यकाल में समानांतर चलते रहे हैं। योगी-2.0 में भी तीव्र गति से ऐसा ही होगा। इसे लेकर सीएम ने निर्देशित कर दिया है कि विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं की गतिविधियों को 24 घंटे के अंदर सीएम डैशबोर्ड- दर्पण पोर्टल पर अंकित किया जाए। यूपी को श्रेष्ठ से श्रेष्ठतम प्रदेश बनाने की मंशा रखने वाले सीएम योगी ने जनपदीय अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक की जिम्मेदारी तय कर दी है। इसके तहत जनपदों के नोडल अधिकारी जिले के विकास एवं जन कल्याणकारी कार्यों की नियमित समीक्षा करेंगे।
इसके साथ ही जिले के प्रभारी मंत्री की जिम्मेदारी होगी कि वह प्रतिमाह अपने प्रभार वाले जिले में निष्पादित कार्यों का पर्यवेक्षण करें तथा जनता से संवाद कर प्राप्त फीडबैक से मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराएं।पहली ही कैबिनेट मीटिंग और उच्च अधिकारियों के साथ बैठक में सीएम योगी ने जो दिशानिर्देश दिए हैं, उस पर संजीदगी से काम हुआ तो उत्तर प्रदेश को देश का नंबर एक राज्य बनने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को देश की नंबर एक अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में कोई बाधा नहीं आने वाली। उन्होंने सबको दो टूक हिदायत दे दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप ‘नए भारत का नया उत्तर प्रदेश’ आकार ले रहा है और इसे और अधिक गति देने में कहीं से चूक नहीं होनी चाहिए।



