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यूपी में राजस्व मामलों पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, लाखों वाद निस्तारित

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया तेज हुई है। धारा-24 के 39,645, धारा-34 के 10.96 लाख से अधिक और धारा-80 के 49,855 मामलों का निस्तारण किया गया। 45 दिन से अधिक पुराने नामांतरण वादों के लिए चले विशेष अभियान में 2,21,667 मामलों का समाधान हुआ। सरकार का फोकस पुराने मामलों के शीघ्र निस्तारण, समयबद्ध न्याय, पारदर्शिता और आमजन को सुगम राजस्व व्यवस्था उपलब्ध कराने पर है।

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की त्वरित न्याय और जनसमस्याओं के प्रभावी निस्तारण की नीति के तहत राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण की प्रक्रिया को लगातार तेज किया जा रहा है। शासन स्तर से की जा रही नियमित मॉनिटरिंग और विशेष अभियानों का असर राजस्व वादों के निस्तारण के आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।

धारा-24 के 39,645 वादों का निस्तारण
सीमांकन/पैमाइश से संबंधित धारा-24 के तहत 31 दिसंबर 2025 तक 28,556 वाद विचाराधीन थे। 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक 91,472 नए वाद आए, जिनमें से 39,645 वादों का निस्तारण किया गया। वर्तमान में 80,383 वाद विचाराधीन हैं। पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित वादों की संख्या महज 24 है। धारा-24 के तहत सबसे अधिक विचाराधीन वादों वाले जिलों में प्रयागराज, प्रतापगढ़, लखनऊ, अमेठी और मथुरा शामिल हैं।

धारा-34 में विशेष अभियान से 2.21 लाख वाद निस्तारित
नामांतरण/दाखिल-खारिज से संबंधित धारा-34 में भी बड़े स्तर पर निस्तारण किया गया। 31 दिसंबर 2025 तक 48,910 वाद विचाराधीन थे। 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच 14,70,133 वाद आयोजित हुए, जिनमें से 10,96,814 वादों का निस्तारण किया गया। वहीं, 45 दिन से अधिक अवधि से लंबित नामांतरण वादों के निस्तारण के लिए 15 से 25 जून 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान में ही 2,21,667 वादों का निस्तारण किया गया।

भू-उपयोग परिवर्तन के मामलों में भी तेजी
धारा-80 के तहत भू-उपयोग परिवर्तन से जुड़े मामलों में 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक 28,797 वाद आए, जबकि 49,855 वादों का निस्तारण किया गया। पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित वादों की संख्या शून्य दर्ज की गई है।

पुराने मामलों के निस्तारण पर विशेष जोर
योगी सरकार द्वारा राजस्व न्यायालयों में पुराने और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आंकड़े बताते हैं कि विशेष अभियान, नियमित समीक्षा और तकनीक आधारित मॉनिटरिंग के माध्यम से लंबित वादों के निस्तारण की गति बढ़ी है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण, आमजन को समयबद्ध न्याय और राजस्व संबंधी मामलों में पारदर्शी एवं सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

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