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योगी कैबिनेट: वाराणसी को 500 बेड महिला छात्रावास, छात्राओं को स्कूटी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में महिला सशक्तीकरण और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने वाले कई अहम फैसले लिए गए। वाराणसी में 500 क्षमता वाले श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण के लिए 6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई। वसंत महिला महाविद्यालय में 112 सीटों के नए छात्रावास का निर्माण भी स्वीकृत हुआ। वहीं, मेधावी छात्राओं के लिए 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' के दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी प्रदान की गई।

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना के तहत वाराणसी में 500 क्षमता वाले उच्च गुणवत्तापूर्ण महिला छात्रावास के निर्माण के लिए 6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह भूमि हरिजन इंडस्ट्रियल गवर्नमेंट, उत्तर प्रदेश सरकार के नाम दर्ज है जिसे अब महिला कल्याण विभाग के पक्ष में स्थानांतरित किया जाएगा। इस छात्रावास का निर्माण शत-प्रतिशत राज्य सरकार के वित्त पोषण से किया जाएगा।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वाराणसी में 6000 वर्ग मीटर भूमि पर 500 क्षमता का एक छात्रावास बनाने के प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी है। बजट में 7 छात्रावास बनाने का प्रावधान था, जिसमें से झांसी, आगरा, मेरठ और गोरखपुर के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। आज वाराणसी के लिए भी प्रस्ताव आज पास किया गया है।

प्रदेश में निजी, सरकारी और औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही महिला कार्यबल की जरूरतों को देखते हुए महिला कल्याण विभाग कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती छात्रावासों का निर्माण करा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को सस्ती दरों पर सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार के अधीन कार्यरत महिला कल्याण विभाग इस योजना का संचालन ‘नॉन-कॉमर्शियल, नो प्रॉफिट-नो लॉस’ सिद्धांत पर करेगा। इसी सामाजिक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वाराणसी में छात्रावास निर्माण के लिए सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जा रही है।

248.30 लाख रुपये की लागत से तैयार होगा 112 छात्राओं की क्षमता वाला छात्रावास

उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में छात्राओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने वाराणसी स्थित वसंत महिला महाविद्यालय, राजघाट फोर्ट में छात्राओं के लिए 112 सीटों वाले नए छात्रावास भवन के निर्माण को मंजूरी दे दी।उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि यह केंद्रीय विश्वविद्यालय काशी हिंदू विश्वविद्यालय का एक संघटक महाविद्यालय है। यह पिछले 112 वर्षों से अध्ययन के क्षेत्र में सेवा कर रहा है और ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ चल रहा है। अब तक एक छात्रावास था। जिसमें 220 छात्राओं के लिए सुविधा थी। उन्होंने बताया कि एक 248.30 लाख रुपये की लागत से त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत एक महिला छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। यह छात्रावास 112 छात्राओं के लिए होगा।

मेधावी छात्राओं को मिलेगी ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी’, एसओपी मंजूर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में महिला सशक्तीकरण और बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ के क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देशों को मंजूरी दे दी गई। यह योजना छात्राओं की उच्च शिक्षा तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य छात्राओं की ड्रॉपआउट दर को कम करना, उच्च शिक्षा में उनके अवधारण (रिटेंशन) को बढ़ाना, उच्च शिक्षण संस्थानों तक उनकी आवागमन सुविधा और गतिशीलता सुनिश्चित करना तथा सकल नामांकन अनुपात (GER) में वृद्धि करना है। इसके साथ ही छात्राओं में आत्मविश्वास और स्वतंत्रता की भावना विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में उत्तर प्रदेश की मूल निवासी उन छात्राओं को लाभ मिलेगा, जिन्होंने प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों तथा राज्य विश्वविद्यालयों से संबद्ध राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। पात्र छात्राओं का चयन मेरिट के आधार पर स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं की टॉप 5 प्रतिशत सूची से किया जाएगा।

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार योजना में पेट्रोल चालित स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने यह निर्णय प्रदेश के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल पंप और सर्विस सेंटर की बेहतर उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए लिया है। स्कूटी की खरीद सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। स्कूटी के पैकेज में केवल वाहन ही नहीं, बल्कि पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, आईएसआई मार्का हेलमेट, 4 लीटर पेट्रोल तथा सभी आवश्यक एक्सेसरीज भी शामिल होंगी, ताकि छात्राओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।

प्रदेश सरकार का कहना है कि इस योजना से उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी, विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। साथ ही यह योजना महिला सशक्तीकरण, शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

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