यीडा मेडिकल डिवाइस पार्क जापानी कंपनियों के लिए सुनहरा अवसर, सीएम योगी ने टोक्यो में किया निवेश का आह्वान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के दौरान टोक्यो में निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को जापानी कंपनियों के लिए सुनहरा अवसर बताया। इस दौरे में 11,000 करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए। सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया गया, जिससे यूपी को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा मजबूत हुई।
- यीडा क्षेत्र में बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क को सीएम योगी ने बताया जापानी कंपनियों के लिए सुनहरा अवसर
टोक्यो/लखनऊ : उत्तर प्रदेश को ग्लोबल सप्लाई चेन और हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग का सशक्त केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के पहले ही दिन बड़े निवेश संवाद की शुरुआत कर दी। मुख्यमंत्री ने शीगेकी तानाबे (Shigeki Tanabe), सीनियर मैनेजिंग एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एवं एग्जीक्यूटिव जनरल मैनेजर (सेल्स मैनेजमेंट डिवीजन/डोमेस्टिक बिजनेस प्रभारी), कोनोइके ट्रांसपोर्ट को. लिमिटेड (Konoike Transport Co. Ltd.) के साथ विस्तृत बैठक की। इस दौरान उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई।
निवेशकों के लिए यूपी में असाधारण अवसर
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश का भौगोलिक व औद्योगिक परिदृश्य अब निवेशकों के लिए असाधारण अवसर प्रस्तुत कर रहा है। राज्य सीधे डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) नेटवर्क से जुड़ा है, जिससे माल ढुलाई की गति तेज और लागत प्रतिस्पर्धी बनती है। यह सुविधा निर्यातोन्मुख उद्योगों और ग्लोबल सप्लाई चेन से जुड़े निवेशकों के लिए बड़ा अवसर प्रदान करती है। यही नहीं, मुख्यमंत्री ने यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना जापानी कंपनियों के लिए अत्यंत अनुकूल इकोसिस्टम उपलब्ध कराती है।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, नीतिगत समर्थन और सिंगल-विंडो क्लियरेंस की व्यवस्था के कारण यह क्षेत्र हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग के लिए आदर्श गंतव्य बन रहा है। उन्होंने भारत-जापान औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को न केवल भूमि और बुनियादी ढांचा देता है, बल्कि स्थिर नीति, कुशल मानव संसाधन और तेजी से निर्णय लेने वाली सरकार भी उपलब्ध कराता है।
टोक्यो में सीएम योगी का भव्य स्वागत
जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने पर मुख्यमंत्री का गरिमापूर्ण स्वागत किया गया। उनका स्वागत यामानाशी प्रांत के वाइस गवर्नर जुनिचि इशिदरा (Junichi Ishidera) ने किया। इस अवसर पर जापान में भारत की राजदूत नगमा एम मलिक तथा भारतीय समुदाय के सदस्य भी उपस्थित रहे। सीएम योगी की यह यात्रा उत्तर प्रदेश की बढ़ती वैश्विक भागीदारी और भारत-जापान के बीच गहराते रणनीतिक व आर्थिक संबंधों का प्रतीक मानी जा रही है।
‘उगते सूरज की धरती’ को ‘आदित्य’ का नमस्कार
टोक्यो पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अनूठे अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने आधिकारिक हैंडल से लिखा, “अभी जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचा हूं। उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को प्रभु श्री राम की पावन धरा के ‘आदित्य’ का नमस्कार…।”
मुख्यमंत्री ने भारत-जापान आर्थिक सहयोग को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए जताई अपनी प्रतिबद्धता
उत्तर प्रदेश को भविष्य की अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के पहले दिन राजधानी टोक्यो पहुंचने के बाद जापान की अग्रणी वैश्विक ट्रेडिंग एवं निवेश कंपनी मित्सुई एंड कंपनी लि. (Mitsui & Co. Ltd.) के मैनेजिंग ऑफिसर व चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स बिजनेस यूनिट) काजुकी शिमिजु से मुलाकात कर यूपी में परिवर्तनकारी निवेश अवसरों को तलाशने का औपचारिक आमंत्रण दिया।
चार उभरते सेक्टर पर रणनीतिक फोकस
मुख्यमंत्री ने मित्सुई एंड कंपनी की शीर्ष प्रबंधन टीम के साथ बैठक के दौरान विशेष रूप से चार प्रमुख क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा के तहत सोलर, बायो-एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण परियोजनाएं शामिल हैं। वहीं आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) के तहत आईटी पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सर्विसेज और स्टार्टअप इकोसिस्टम में निवेश पर चर्चा हुई। तीसरा सेक्टर सेमीकंडक्टर का रहा, जिसमें चिप निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन के विस्तार पर विमर्श किया गया। चौथा सेक्टर डेटा सेंटर रहा, जिसमें हाइपर-स्केल डेटा सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी हब जैसे क्षेत्रों में निवेश को लेकर गहन चर्चा की गई।
भारत-जापान औद्योगिक संबंधों को नई गति
मुख्यमंत्री ने मित्सुई प्रबंधन को दीर्घकालिक साझेदारी के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भारत-जापान आर्थिक सहयोग को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार होने के साथ-साथ उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स के कारण निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। सीएम योगी ने राज्य सरकार की उद्योग समर्थक नीतियों, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम और समयबद्ध स्वीकृति प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और परिणामोन्मुख वातावरण उपलब्ध कराता है।
सीएम योगी के जापान दौरे में मिले मेगा निवेश प्रस्ताव, जापान की कंपनियों ने यूपी में निवेश को दिखाई उत्सुकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के पहले दिन औद्योगिक निवेश को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। विभिन्न जापानी कंपनियों के साथ लगभग 11 हजार करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। जिन कंपनियों के साथ करार हुआ है उनमें कुबोता कारपोरेशन, मिंडा कारपोरेशन, जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री, नागासे एंड कंपनी लिमिटेड, सीको एडवांस, ओएंडओ ग्रुप, फूजी जैपनीज जेवी और फूजीसिल्वरटेक कंक्रीट प्रा. लि. शामिल हैं। ये समझौते कृषि यंत्र निर्माण, औद्योगिक मशीनरी निर्माण, जल और पर्यावरण अवसंरचना समाधान, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, औद्योगिक प्रिंटिंग एवं ग्राफिक्स, हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट जैसे विविध क्षेत्रों से जुड़े हैं। इससे विनिर्माण क्षमता के विस्तार और औद्योगिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
कुबोता कारपोरेशन, वर्ष 1890 में स्थापित जापान की एक अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी है और जिसका मुख्यालय ओसाका में स्थित है। यह कृषि और औद्योगिक मशीनरी निर्माण में वैश्विक पहचान रखती है। कंपनी ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, इंजन और निर्माण उपकरण के साथ साथ जल और पर्यावरण अवसंरचना समाधान जैसे पाइप, पंप और ट्रीटमेंट सिस्टम के क्षेत्र में भी कार्यरत है। एस्कॉर्ट्स कुबोता लिमिटेड के साथ सहयोग के माध्यम से कंपनी भारत में अपने विनिर्माण विस्तार और फार्म मैकेनाइजेशन क्षेत्र में उपस्थिति को मजबूत कर रही है।
मिंडा कारपोरेशन, जो स्पार्क मिंडा समूह का हिस्सा है, ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माण में अग्रणी भारतीय कंपनी है। यह मैक्ट्रॉनिक्स, वायरिंग हार्नेस, प्लास्टिक इंटीरियर, सेंसर और ईवी समाधान उपलब्ध कराती है। जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री जिसे जेएई के नाम से जाना जाता है, ऑटोमोटिव और एयरोस्पेस सेक्टर के लिए एडवांस कनेक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेस समाधान में विशेषज्ञता रखती है। नागासे एंड कंपनी लिमिटेड, एक विविधीकृत जापानी ट्रेडिंग और टेक्नोलॉजी कंपनी है जो केमिकल्स, एडवांस्ड मैटेरियल्स, मोबिलिटी सॉल्यूशंस और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सक्रिय है। इन कंपनियों के बीच सहयोग से ऑटोमोटिव इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।
सीको एडवांस जापान मूल की कंपनी है जो उच्च प्रदर्शन स्क्रीन प्रिंटिंग इंक और कोटिंग सॉल्यूशंस के लिए जानी जाती है। इसके उत्पाद ऑटोमोटिव डीकल्स, इंडस्ट्रियल ग्राफिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स पैनल, ग्लास प्रिंटिंग और कंज्यूमर अप्लायंसेज में उपयोग होते हैं। कंपनी भारत में अपनी विनिर्माण इकाई के माध्यम से विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों को आपूर्ति कर रही है। इसके अतिरिक्त ओ एंड ओ ने हॉस्पिटैलिटी और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश को लेकर समझौता किया। पहले दिन हुए इन समझौतों को भारत और जापान के बीच औद्योगिक सहयोग को नई गति देने वाला कदम माना जा रहा है।
टोक्यो में आयोजित निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के उद्यमियों को दिया यूपी में निवेश का न्योता
उत्तर प्रदेश में दुनिया के बड़े निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के बाद जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे। यहां आयोजित वृहद यूपी निवेश रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां के उद्योगपतियों और निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश करने का आमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज सुरक्षित माहौल, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़ी बाजार क्षमता और युवा कार्यबल के कारण निवेश के लिए भारत का सबसे बेहतर राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योगपतियों से उत्तर प्रदेश आने, निवेश करने और प्रदेश के आध्यात्मिक स्थलों का अनुभव लेने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यूपी में निवेश के माध्यम से भारत-जापान औद्योगिक सहयोग भविष्य में और मजबूत होगा।
भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंध
जापान को ‘लैंड ऑफ द सनराइज’ बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस पावन धरा को नमन करता हूं। उत्तर प्रदेश सूर्यवंश के राजा भगवान श्रीराम की पावन जन्मस्थली है। यही नहीं, भगवान बुद्ध की पावन कर्मभूमि भी उत्तर प्रदेश ही है। भगवान बुद्ध से जुड़े विश्व के सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थल कपिलवस्तु, सारनाथ, श्रावस्ती, कुशीनगर, कौशांबी, सहित अनेक पवित्र स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में रामायण सर्किट एवं बौद्ध सर्किट को प्रभावी ढंग से विकसित किया जा रहा है, जिससे स्पिरिचुअल टूरिज्म को नई गति मिली है। जब भगवान राम और भगवान बुद्ध की बात होती है, तो यह सूर्यवंश की उस महान परंपरा से जुड़ती है, जिसकी प्रथम किरण का उदय जापान की धरती पर होता है। इसी सांस्कृतिक आत्मीयता के साथ मैं आप सभी का स्वागत करता हूं।
निवेशकों के लिए यूपी बड़ा बाजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। जितनी बड़ी आबादी है, उतनी ही बड़ी चुनौतियां हैं और उतनी ही विशाल संभावनाएं भी हैं। पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है। जो राज्य कभी बीमारू कहा जाता था, वह आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है। उन्होंने बताया कि देश की केवल 11 प्रतिशत कृषि भूमि होने के बावजूद उत्तर प्रदेश देश का करीब 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है। इससे फूड प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और एग्री लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में बड़े निवेश के अवसर हैं।
जल संसाधन और युवा शक्ति बनी ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास भरपूर मीठा जल संसाधन है, जिसका उपयोग कृषि के साथ ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए क्षेत्रों में किया जा सकता है। राज्य की 56 प्रतिशत आबादी युवा है, जिससे उद्योगों को पर्याप्त और कुशल मानव संसाधन मिलता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में प्रदेश में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और ईस्टर्न-वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन उत्तर प्रदेश में है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि मैं जापान के बिजनेस लीडर्स को आमंत्रित करता हूं कि वे यूपी में इन परियोजनाओं में भागीदारी करें।
500 एकड़ में विकसित होगी जापान इंडस्ट्रियल सिटी
मुख्यमंत्री ने जापान के उद्यमियों को विशेष रूप से यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल सिटी के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं तथा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जल्द शुरू होने वाला है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ही जापानी निवेशकों के लिए जापान इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जा रही है। इसके लिए 500 एकड़ भूमि चिन्हित कर ली गई है। इसका उद्देश्य है कि जापानी उद्योग एक ही स्थान पर क्लस्टर के रूप में निवेश कर सकें। यहां उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से सेमीकंडक्टर तक अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश इसलिए सुरक्षित है क्योंकि यहां स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड चारों उपलब्ध हैं। भारत के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में हो रहा है। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश की अच्छी संभावनाएं हैं। हाल ही में नोएडा क्षेत्र में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला रखी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पास 75,000 एकड़ का लैंड बैंक उपलब्ध है। झांसी के पास बुंदेलखंड क्षेत्र में 56,000 एकड़ में नया औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।
यूपी के पास एमएसएमई की ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और 7 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रक्रिया में हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। नई इकाइयों को 1000 दिनों तक कई तरह की एनओसी से छूट दी जाती है, ताकि उद्योग आसानी से शुरू हो सकें।
आसान निवेश व्यवस्था और सुरक्षित माहौल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं। निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसी सिंगल विंडो व्यवस्था से निवेश प्रक्रिया सरल हुई है। बेहतर कानून-व्यवस्था और पारदर्शी नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटक आए, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, हेरिटेज और स्पिरिचुअल टूरिज्म में निवेश के अवसर बढ़े हैं। इलेक्ट्रिक व्हीकल मोबिलिटी, डीप टेक, फिनटेक, मेडटेक और सर्विस सेक्टर में भी निवेश की संभावनाएं हैं।
कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी, जापान में भारत की राजदूत नगमा एम. मलिक के साथ बड़ी संख्या में जापान के उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
टोक्यो में यूपी निवेश रोड शो में इंडस्ट्री लीडर्स ने कहा, योगी सरकार ने बना दिया यूपी को निवेश का सबसे भरोसेमंद गंतव्य
जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित यूपी निवेश रोड शो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन से पहले देश की अग्रणी ऑटोमोबाइल कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश को भारत का उभरता औद्योगिक ग्रोथ इंजन बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में पिछले नौ वर्षों में व्यापक परिवर्तन हुआ है, जिसने यूपी को निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद गंतव्य बना दिया है।
मेगा ट्रांसफॉर्मेशन से बदली यूपी की पहचान: राहुल भारती
मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (कॉरपोरेट अफेयर्स) राहुल भारती ने कहा कि लगभग नौ वर्ष पहले तक उत्तर प्रदेश मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के लिए आकर्षक नहीं माना जाता था, लेकिन नई सरकार के गठन के बाद राज्य में “मेगा ट्रांसफॉर्मेशन” देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी को हर क्षेत्र में नंबर-वन बनाने का लक्ष्य रखा और कुछ ही वर्षों में उसके परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे। आज उत्तर प्रदेश राजस्व, वित्तीय अनुशासन, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, कृषि उत्पादन, पौधरोपण, एथेनॉल उत्पादन, हैंडीक्राफ्ट निर्यात और पर्यटन जैसे अनेक क्षेत्रों में अग्रणी है।
उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इलेक्ट्रिक और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहन नीति के कारण यूपी देश में ईवी तथा हाइब्रिड वाहनों की वृद्धि दर में शीर्ष राज्य बन गया है। महत्वपूर्ण बात यह रही कि यह उपलब्धि सरकारी राजस्व में कमी लाए बिना हासिल हुई, बल्कि राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई। राहुल भारती ने यूपी की नीति व्यवस्था को “वाइब्रेंट पॉलिसी इकोसिस्टम” बताते हुए कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था, तेज निर्णय क्षमता और त्वरित क्रियान्वयन उद्योगों के लिए भरोसेमंद वातावरण तैयार करते हैं। सुब्रोस और स्पार्क मिंडा जैसी ऑटो कंपोनेंट कंपनियां यूपी में सक्रिय हैं, जिससे राज्य का ऑटोमोबाइल इकोसिस्टम मजबूत हुआ है।
स्केल, स्पीड और स्टेबिलिटी का प्रतीक बना यूपी: आकाश मिंडा
रोड शो में मिंडा कोऑपरेशन लि. के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर आकाश मिंडा ने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश स्केल, स्पीड और स्टेबिलिटी का सशक्त उदाहरण है। आधुनिक एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, औद्योगिक हब और प्रो-एक्टिव नीतियों के माध्यम से राज्य मजबूत मैन्युफैक्चरिंग आधार तैयार कर रहा है। उत्तर प्रदेश भारत के सबसे बड़े कार्यबल और तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार तक सीधी पहुंच देता है, इसलिए जापानी कंपनियों के लिए यह केवल एक स्थान नहीं, बल्कि दीर्घकालिक औद्योगिक सफलता का लॉन्च पैड है।
आकाश मिंडा ने बताया कि स्पार्क मिंडा की यूपी में 14 से अधिक विनिर्माण इकाइयां संचालित हैं, जहां 6000 से अधिक लोग कार्यरत हैं, जिनमें 500 से अधिक दिव्यांगजन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यीडा क्षेत्र में लगभग 2 लाख वर्गमीटर भूमि का आवंटन मात्र 45 दिनों में पूरा होना राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की गति और पारदर्शिता को दर्शाता है। उन्होंने घोषणा की कि कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स बैकवर्ड इंटीग्रेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल मोबिलिटी में निवेश करेगी, जिससे अगले 2-3 वर्षों में 3000–4000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
पारंपरिक भारतीय परिधानों में सजे-धजे लोगों ने तिलक लगाकर किया सीएम योगी का आत्मीय अभिनंदन
टोक्यो में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भारतीय समुदाय के लोगों ने अत्यंत आत्मीयता के साथ स्वागत किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर प्रवासी भारतीयों के चेहरे खिल उठे। उनके आगमन पर टोक्यो एयरपोर्ट का पूरा वातावरण उत्साह, आत्मीयता और गर्वित भाव से भरा दिखाई दिया। प्रवासी भारतीयों ने जिस गर्मजोशी और भावनात्मक जुड़ाव के साथ उनका स्वागत किया, वह केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि अपने देश-प्रदेश के प्रति गहरे लगाव का स्वाभाविक प्रदर्शन था।
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले ही एयरपोर्ट के स्वागत स्थल पर पारंपरिक भारतीय परिधानों में सजे लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो चुके थे। अधिसंख्य महिलाओं ने सलवार सूट या साड़ी पहनी थी तो पुरुष कुर्ता-पायजामे में नजर आए। कई लोगों ने भगवा रंग के परिधान धारण कर अपने सांस्कृतिक जुड़ाव को अभिव्यक्त किया। एक बच्ची ने भारतीय संस्कृति के अनुरूप मुख्यमंत्री के माथे पर तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया।

सीएम योगी को अपने बीच पाकर प्रवासी भारतीयों के चेहरों पर उत्साह साफ झलक रहा था। लोग मुख्यमंत्री की एक झलक पाने और उनके साथ तस्वीर लेने को आतुर दिखाई दिए। एक प्रवासी भारतीय ने मुख्यमंत्री को भारत-जापान के आध्यात्मिक संबंधों को दर्शाता एक विशेष पोस्टर भेंट किया, जिसमें दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चिन्हों का उल्लेख था। एक अन्य महिला ने मुख्यमंत्री को हस्तनिर्मित पेंटिंग उपहार स्वरूप भेंट की, जो भावनात्मक सम्मान का प्रतीक बन गई।
टोक्यो आगमन पर यामानाशी प्रांत के वाइस गवर्नर जुनिचि इशिदरा ने भी मुख्यमंत्री की अगवानी की। यह स्वागत केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि भारत व जापान के बीच मजबूत होते रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रमाण भी था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जापान यात्रा दो देशों के आधिकारिक दौरे का हिस्सा है और जापान की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा है। कई प्रवासी भारतीयों के लिए यह क्षण इसलिए भी खास रहा क्योंकि उन्होंने अपने गृह प्रदेश के मुख्यमंत्री को वैश्विक मंच पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते देखा।
प्रवासी समुदाय ने इस दौरे को उत्तर प्रदेश के विकास, निवेश और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं से जोड़कर देखा। उनके मन में यह विश्वास झलकता रहा कि यह यात्रा भारत व जापान के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगी। टोक्यो में सीएम योगी को मिला आत्मीय स्वागत इस बात का प्रमाण था कि भौगोलिक दूरी चाहे जितनी हो, दिलों के बीच कभी दूरी नहीं होती।



