गोरखपुर में बन रहा विश्व स्तरीय ज्ञान विज्ञान पार्क: योगी सरकार का बड़ा कदम विज्ञान शिक्षा की दिशा में
योगी आदित्यनाथ सरकार गोरखपुर को विज्ञान और नवाचार का केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के नाम पर ज्ञान विज्ञान पार्क का निर्माण 15.89 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है, जो मार्च 2026 तक पूरा होगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 46.88 करोड़ रुपये की लागत से नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण भी जारी है। यहाँ 3D प्रोजेक्टर, एम्फी थिएटर, एक्टिविटी लैब और स्पेशल साइंस गैलरी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएँ होंगी, जिससे विद्यार्थी खेल-खेल में विज्ञान की बारीकियाँ सीख सकेंगे। यह पार्क पूर्वांचल के लिए विज्ञान शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनेगा।
- वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला परिसर में मार्च 2026 तक पूरा होगा निर्माण, 15.89 करोड़ की लागत से होगा साकार सीएम योगी का विजन
गोरखपुर । योगी सरकार गोरखपुर में विश्व स्तरीय ज्ञान विज्ञान पार्क बनवा रही है। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला में ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के नाम पर बन रहे ज्ञान विज्ञान पार्क का निर्माण मार्च 2026 तक पूर्ण होना प्रस्तावित है। यह प्रदेश का दूसरा विज्ञान पार्क होगा। इसके निर्माण पर 15 करोड़ 89 लाख रुपये की लागत आएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशानिर्देश पर 46 करोड़ 88 लाख रुपये की लागत से वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण भी कराया जा रहा है।
नक्षत्रशाला के कायाकल्प और इसके कैम्पस में ज्ञान विज्ञान पार्क की स्थापना के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अक्टूबर 2022 में नक्षत्रशाला का दौरा करने के दौरान दिए थे। तब सीएम ने यहां आकर आंशिक सूर्य ग्रहण का नजारा देखा था और नक्षत्रशाला को विश्व स्तरीय स्तर पर अत्याधुनिक बनाने की मंशा जताई थी। उनके निर्देश के बाद डीपीआर बनाकर 5 जुलाई 2024 से नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण और 5 मई 2025 से ज्ञान विज्ञान पार्क के निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ। विज्ञान पार्क का कार्य मार्च 2026 तथा नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण का कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है।
नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण और इसके परिसर में ज्ञान विज्ञान पार्क की स्थापना से विद्यार्थी तारों की दुनिया की आभासी यात्रा कर सकेंगे। खेल-खेल में विज्ञान सीख सकेंगे, गूढ़ रहस्यों को समझ सकेंगे। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के प्रभारी डॉ. महादेव पांडेय के मुताबिक आधुनिकीकरण से नक्षत्रशाला को विश्व स्तरीय बनाया जा रहा है। विज्ञान से संबंधित कई विशिष्ट उपकरण मंगाए जा रहे हैं। थ्री डी प्रोजेक्टर लगाने के साथ ही एम्फी थिएटर बनाया जा रहा है। नक्षत्रशाला में स्पेशल साइंस गैलरी बनाई जा रही है। सबसे खास आकर्षण एक्टिविटी लैब होगी। इस लैब में विद्यार्थी कई प्रायोगिक गतिविधियों में शामिल होकर विज्ञान की बारीकियों को सीख सकेंगे।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने लिया निर्माणाधीन विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला का जायजा
प्रदेश के के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने बुधवार को वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण कार्य एवं निर्माणाधीन विज्ञान पार्क का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नक्षत्रशाला को आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक उपकरणों से सुसज्जित किया जाए। ताकि विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं आम जनमानस को विज्ञान एवं खगोल संबंधी जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सके। उन्होंने विज्ञान पार्क के निर्माण कार्य की प्रगति की
समीक्षा करते हुए निर्माण एजेंसी को कार्य की गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पार्क का निर्माण इस प्रकार किया जाए कि यह न केवल गोरखपुर, बल्कि पूरे पूर्वांचल क्षेत्र के लिए विज्ञान शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बन सके। उन्होंने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। नक्षत्रशाला एवं विज्ञान पार्क इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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