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इन चार स्टेप की मदद से आपके शरीर में बढ़ सकता है ऑक्सीजन का लेवल

प्रतिदिन योग करने से हमारा शरीर स्वस्थ बना रहता है। इससे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बरकरार रहती है। दरअसल, नियमित श्वसन क्रियाओं को करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ जाती है। ऐसे में हमारे लिए स्वस्थ जीवन हेतु योग के क्या महत्व हैं, आइए विस्तार से जानते हैं इस बारे में…

कोरोना से प्रभावित रोगियों के लिए सहायक सिद्ध हो सकती हैं ये योग क्रियाएं

कोरोना वायरस से प्रभावित कुछ रोगियों में ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। ऐसे में कुछ यौगिक क्रियाएं सहायक सिद्ध हो सकती हैं, जिनके बारे में आचार्य प्रतिष्ठा विस्तार से बताती हैं कि इन दिनों हम देख रहे हैं कि ऑक्सीजन की कमी लोगों के भीतर हो रही है। ऐसे में बहुत आवश्यक है कि आप ऐसी चार योग क्रियाएं सीखें, जिनके माध्यम से आप अपने शरीर में ऑक्सीजन के लेवल को बढ़ा सकते हैं।

इन चार स्टेप की मदद से आपके शरीर में बढ़ सकता है ऑक्सीजन का लेवल

आगे जोड़ते हुए वे बताती हैं कि आप जब भी स्ट्रेस या एंजायटी में होते हैं तो आपकी सांसे बहुत तेज गति में चलने लगती हैं और आपकी सांस लेने की क्षमता बहुत कम हो जाती है। इसके अलावा जब हमें लगता है कि हम बीमार हैं या परेशान हैं तो यह भी नेचुरली स्ट्रेस का कारण बन जाता है। ऐसे में हम सांस छोटी लेने लगते हैं।

पहला स्टेप

इन परेशानियों से बचने के लिए पहला काम है कि हम शांत मन से बैठें और अपने हाथों को घुटनों पर रखते हुए उन्हें ज्ञान मुद्रा रख कर लंबी-गहरी सांस भरें और फिर सांस छोड़ने के साथ-साथ सुगम तरीके से ॐ का उच्चारण करें। इस क्रिया से दिमाग, फेफड़ों और शरीर को आराम मिलता है। इस क्रिया को कम से कम तीन बार करना जरूरी है।

दूसरा स्टेप

दूसरे स्टेप में पेट के बल लेटना होगा। पेट के बल लेटकर ‘बालासन’ का अभ्यास करना है यानि बाएं हाथ और बाएं पैर को बिल्कुल सीधा कर देंगे और गर्दन दाईं तरफ रखनी होगी। दायां हाथ और दायां पैर 90 डिग्री के कोण पर रखना होगा। इसके बाद गहरा सांस भरते हुए श्वास छोड़ना है। इस प्रक्रिया को पांच से सात बार करना है। इसके बाद आपको स्थिति बदलने हुए दूसरी तरफ यानि बाईं और इसी क्रिया को दोहराना है।

तीसरा स्टेप

इसके बाद तीसरे स्टेप में पेट के बल लेटे हुए ही अपनी हथेलियां कंधों के पास जमीन पर रखते हुए सांस भरते हुए चेहरा ऊंचा उठाना है और इस क्रिया को करते हुए छाती को पूरा एक्सपेंड करना है। इस मुद्रा में जितना हो सके पीछे की ओर झुकने की कोशिश करनी है। इसके बाद सुगम तरीके से सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे वापस उस ही मुद्रा में आ जाना है। इस प्रक्रिया को भी आपको तीन बार दोहराना है।

चौथा स्टेप

चौथे स्टेप में पेट के बल लेटे हुए ही आप अपने हाथों का तकिया बनाएंगे और उस पर अपना सिर रखते हुए अपने पैरों को खोल देंगे और इस स्थिति में फिर गहरा सांस लेंगे। अब आप पाएंगे कि जब आपने पहले स्टेप से प्रक्रिया को शुरू किया था, उसके बाद से लेकर अब तक आपके शरीर में ऑक्सीजन का लेवल पहले से बढ़ गया है। जितनी देर आपको इस स्थिति में आराम महसूस हो, उतनी देर तक इस स्थिति में लेटे रहें। किसी प्रकार की कोई जल्दबाजी न करें। योग में भी इस बात को कहा गया है कि जब आप पेट के बल लेटकर सांस लेते हैं तो आप बेहतर सांस ले पाते हैं।

यदि आपके शरीर में ऑक्सीजन की कमी आ रही है तो ऐसे में इन क्रियाओं का अभ्यास सहायक सिद्ध हो सकता है और आपके शरीर के भीतर ऑक्सीजन का संचार लेवल बढ़ सकता है।

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