NationalUP Live

जब सेवा व संवेदना शासन का हिस्सा बनती हैं, तब बनता है गरीब का मकान: मुख्यमंत्री

बहराइच के भरथापुर गांव के पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 21.55 करोड़ रुपये की राशि 118 लाभार्थियों को हस्तांतरित की। साथ ही 136 परिवारों को आवास, शौचालय और जमीन के पट्टे दिए गए। सीएम ने कहा कि सरकार जाति नहीं, सेवा और संवेदना के आधार पर काम कर रही है। जंगल और नदी से घिरे इस गांव के लोगों को अब सुरक्षित जीवन, रोजगार और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। नई कॉलोनी का नाम ‘भरतपुर’ रखा जाएगा।

बहराइच/लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जातियों में बांटकर सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने वाली पिछली सरकारों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आज जिन परिवारों का पुनर्वास किया जा रहा है, उनमें दलित, पिछड़े, यादव, मौर्य, कुशवाहा व थारू जनजाति आदि से जुड़े लोग भी हैं। हमने उन्हें जातीय चश्मे से नहीं देखा, क्योंकि वे हमारे लिए परिवार का हिस्सा हैं। उन्हें सुरक्षा के साथ ही शासन की सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए, ताकि वे भी उज्ज्वल भविष्य के सपने बुन सकें और विकास की उड़ान का हिस्सा बन सकें। लेकिन जो लोग सत्ता में आने पर केवल परिवार तक सीमित रह जाते हैं, उन्हें भरथापुर के मौर्य, यादव, दलित व पिछड़ी जातियों के लोग याद नहीं आ रहे थे।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को बहराइच जनपद की ग्राम पंचायत सेमरहना में आयोजित कार्यक्रम में भरथापुर गांव के 118 लाभार्थियों को 15 लाख रुपये प्रति हितग्राही की दर से पुनर्वास धनराशि एवं कृषि भूमि आदि परिसंपत्तियों के समतुल्य 21.55 करोड़ से अधिक की राशि का अंतरण किया। इसके साथ ही उन्होंने 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास के लिए भूमि के पट्टों का वितरण भी किया।

सीएम ने इस मौके पर महर्षि बालार्क व महाराजा सुहेलदेव को भी याद किया। पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को सालों तक उपेक्षित रखा गया, हम भरथापुर के उन 500 लोगों के पुनर्वास कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं। जो लोग पीडीए की बात करते हैं, उनसे पूछिए कि भरथापुर के लोगों को उनका अधिकार पहले क्यों नहीं मिला। इनके बच्चों को भी सुरक्षित रहने का अधिकार था, लेकिन जाति के नाम पर बांटने वाले लोगों ने आजादी के बाद से देश की जितनी क्षति की है, उसका खामियाजा देश ने लगातार भुगता है। इन लोगों ने जातीय आधार पर न बांटकर देश को एकता के सूत्र में बांधा होता तो प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जैसे आज ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के लिए कार्य हो रहा है और गरीबों-वंचितों के बीच सुविधाएं पहुंच रही हैं, वैसे ही इनका पुनर्वास बहुत पहले हो गया होता। जातीय चश्मे से बांटने वालों ने गरीबों के प्रति अपनी संवेदना नहीं दिखाई। डबल इंजन सरकार लोगों को जातीय चश्मे से नहीं, बल्कि सेवा व संवेदना के चश्मे से देखती है।

सेवा व संवेदना शासन की व्यवस्था का हिस्सा
सीएम योगी ने कहा कि जब सेवा व संवेदना व्यवस्था का हिस्सा बनती हैं तो गरीब को आवास, शौचालय, आयुष्मान कार्ड व शासन की अन्य सुविधाएं आसानी से मिलती हैं। हम बहराइच में सेवा व संवेदना के सेतु को जोड़ने आए हैं। उन्होंने प्रदेश में दंगा-उपद्रव कराया, हर जनपद में माफिया पैदा किए, परिवार के लिए खजाने को लूटा और हमने प्रदेश के खजाने को 25 करोड़ जनता के हित, गरीबों के उत्थान, बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार सृजन, बाढ़ जैसी आपदा रोकने और बिजली पर खर्च किया। 2017 के पहले वे बिजली नहीं देते थे, क्योंकि उनके सारे काम-कारनामे अंधेरे में होते थे। गरीबों के हक पर डकैती पड़ती थी। यूपी में भाजपा सरकार आई तो गरीब को उसका हक दिला रही है।

आपदा में सेवा, सेवा में संवेदना और संवेदना में समाधान का रास्ता निकाल रही सरकार
सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकार समस्या को समस्या बनाए रखने में अपना हित रखती थी। वे समस्या से ही समाज को विभाजित करते थे, फिर उपद्रवियों-दंगाइयों से लोगों को प्रताड़ित कराते थे, संपत्तियों में आगजनी कराते थे। आज सरकार आपदा में सेवा, सेवा में संवेदना और संवेदना में समाधान का रास्ता निकाल रही है। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान ही डबल इंजन सरकार का संकल्प है। पुनर्वास के साथ-साथ आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सरकार ने इस गांव को अपने हाथों में लिया है। माताएं, बहनें आत्मनिर्भर बन सकें, पुरुषों को काम मिल सके, हमने इसके लिए भी कार्य किया है।

हां, यह है जनता की सरकार
सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी की प्रेरणा से आज जो कार्य हो रहा है, वह बताता है कि हम जाति, पंथ और संप्रदाय से मुक्त होकर 25 करोड़ लोगों के लिए सामूहिक रूप से सेवा व संवेदना की भावना रखते हैं। आज इस कार्यक्रम में कुछ मांएं मंच पर आकर राहत सामग्री ले रही थीं और कुछ को चेक प्रदान किए जा रहे थे तो वास्तव में लग रहा था कि यह है जनता की सरकार।

सीएम ने बयां की भरथापुर की दुर्दशा
सीएम योगी ने कहा कि 2025 में भरथापुर गांव के लोगों की एक नाव सरयू जी की धारा में विलीन हो गई। इस दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हुई। जब प्रशासन से बातचीत की तो पता चला कि जहां दुर्घटना हुई है, वहां गांव से सटे क्षेत्र में मगरमच्छ रहते हैं। यह सुनकर मैं भी कांप गया कि आखिर ये लोग कैसे जंगल के बीच में रहते हैं। मैंने उनकी पीड़ा को महसूस किया। प्रभारी मंत्री, जन प्रतिनिधि व प्रशासनिक टीम के साथ पहुंचा। राहत कार्य तेजी से चला, दर्जन भर लोगों को बचाया गया, लेकिन 9 लोग नहीं बच पाए। मैं स्वयं आकर गांव की स्थिति देखी। सोचा इन लोगों की क्या गलती थी कि इन्हें आज तक सड़क, बिजली, आवास, पक्का मकान, शौचालय की सुविधा नहीं मिली। उन बच्चों की गलती क्या थी, जिन्होंने बचपन में ये सुविधाएं नहीं देखीं। पानी के लिए भी नदी ही सहारा थी। जंगल में हाथी, बाघ, तेंदुआ, सांप और नदी की तरफ से मगरमच्छ का खतरा, उसके बीच में ये 500 लोग रह रहे थे।

2017 के पहले उपद्रव था, 2017 के बाद त्योहारों से पहले उत्सव
सीएम ने कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश को हमने नवनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ाया है। 2017 से पहले युवाओं के सामने पहचान का संकट था। राज्य में माफिया व गुंडों का आतंक था, जाति के नाम पर दंगाइयों को प्रश्रय मिलता था। त्योहारों से पहले सन्नाटा छा जाता था, लेकिन अब उपद्रव नहीं, उत्सव है। 2017 के बाद त्योहारों से पहले उत्सव का माहौल होता है। 26-27 को रामनवमी भी भव्यता से मनाई जाएगी। आज का कार्यक्रम भी उत्सव का हिस्सा है। कल से रामनवमी शुरू होगी, भगवान राम के जन्मदिन के ठीक पहले यह उपहार दिया जा रहा है। सीएम ने प्रार्थना की कि पुनर्वासित होने वाले इन परिवारों पर राम और जगत-जननी की कृपा हो।

नवरात्रि पर मंदिरों में आ रहे लाखों श्रद्धालु
सीएम योगी ने कहा कि नवरात्रि में देवी मंदिरों में भक्तों की अपार भीड़ हो रही है। मां विंध्यवासिनी मंदिर, कालीखोह व अष्टभुजी में देश-प्रदेश से 5-7 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन करने आ रहे हैं। इसी क्रम में मां पाटेश्वरी, सीतापुर में ललिता देवी, सहारनपुर में शाकुंभरी देवी मंदिर में देश-प्रदेश व नेपाल से भी लाखों श्रद्धालु नवरात्रि में मां के दर्शन करने आ रहे हैं। रामनवमी पर अयोध्या में भारी संख्या में श्रद्धालुओं का आना प्रारंभ हो चुका है। जब एक स्वर में पूरा देश बोलता है तो गुलामी की निशानियां हटती हैं और अयोध्या में राम मंदिर जैसा भव्य स्थल बनता है। राम मंदिर रामनवमी के उत्साह को बढ़ा रहा है। 2017 के पहले जो लोग राम मंदिर का विरोध करते थे। वे दंगाइयों-माफिया को प्रश्रय देते थे और परिवार के लिए प्रदेश को लूटते थे, लेकिन उनके मन में गरीबों, दलितों, पिछड़ों व वंचितों के लिए चिंता या संवेदना नहीं थी।

पुनर्वास करने वाले परिवारों के लिए बनेगी बेहतरीन कॉलोनी, नाम होगा भरतपुर
सीएम योगी ने कहा कि आज 21.55 करोड़ से अधिक धनराशि भरथापुर के परिवारों के पुनर्वास व अन्य सुविधाओं के लिए अंतरित की जा रही है। इन परिवारों के लिए सेमरहना में ग्राम पंचायत की जमीन अधिग्रहीत की गई। अब मुख्यमंत्री आवास योजना से आवास के लिए धनराशि दे दी गई है। डीएम को आदेश दिया है कि इनके लिए बेहतरीन कॉलोनी बने। नई कॉलोनी का नाम भरतपुर रखा जाए, क्योंकि भगवान राम के जन्मदिन के एक दिन पहले यह सौगात मिल रही है। सेमरहना व भरतपुर के बीच भगवान राम व भरत जी जैसा ही स्नेह व संबंध रहना चाहिए। पुनर्वासित प्रत्येक परिवार के लिए 748 वर्ग फुट जमीन का पट्टा और मुख्यमंत्री आवास स्वीकृत किया गया है।

नोडल अधिकारी नामित करें, कोशिश हो कि शारदीय नवरात्रि से पहले किया जाए गृहप्रवेश
सीएम ने कहा कि इन लोगों के लिए अन्नपूर्णा भवन (राशन की दुकान), विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र भी समीप होगा। बिजली, पानी, पार्क, सीसी रोड, एलईडी स्ट्रीट लाइट भी होगी। सीसी रोड के लिए 3.88 करोड़, बिजली पोल शिफ्टिंग के लिए 57 लाख रुपये दिए जा रहे हैं। पाइप लाइन बिछाने, इंटरलॉकिंग, टाइल्स, पार्क निर्माण कार्य भी हो रहा है। 12 लाख रुपये से आंगनबाड़ी केंद्र की स्वीकृति दी गई। विद्यालय में अतिरिक्त कक्ष बनाने के लिए 11.51 लाख रुपये व 12 लाख रुपये अन्नपूर्णा भवन के लिए सेमरहना ग्राम पंचायत को उपलब्ध करा दिए गए हैं। सीएम ने कहा कि डीएम की जिम्मेदारी है कि सभी कार्य समयसीमा के अंदर हों। नोडल अधिकारी नामित करें और शारदीय नवरात्रि से पहले गृह प्रवेश किया जाए। पैसे की कमी नहीं है, डबल इंजन सरकार ने सभी के हित के लिए कार्य किया है।

जो वन्य गांव बचे हैं, उन्हें राजस्व गांव में बदलकर शासन की सुविधाएं देंगे
सीएम योगी ने कहा कि 54 ऐसे वन्य गांव थे, जो भरथापुर की तरह बदहाल थे। उनके पास भी कुछ नहीं था। बहराइच के मिहिरपुरवा के छह वन्यगांव टेडिया, ढकिया, गोकुलपुर, बिछिया, भवानीपुर, महबूबनगर को राजस्व गांव के रूप में परिवर्तित कर दिया है। गोरखपुर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, गोंडा, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी के गांवों में भी यह सुविधा बढ़ाई गई है। प्रशासन सुनिश्चित करे कि जो भी वन्य गांव बचे हैं, उन्हें राजस्व गांव में बदलकर सभी सुविधाओं का लाभ मिले।

बहराइच से लखनऊ की सड़क होने जा रही फोरलेन
सीएम योगी ने कहा कि बहराइच की दूरी को नजदीक कर दिया गया है। 12 साल पहले एक बार बहराइच आया था, तब लखनऊ से यहां आने में दो घंटे लगे थे। अब टू लेन की कनेक्टिविटी है तो सवा घंटे लगते हैं। बहराइच से बाराबंकी व लखनऊ की सड़क फोरलेन होने जा रही है। सड़क बनने पर महज 45 मिनट से एक घंटे में यात्रा पूरी कर सकेंगे।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह, विधायक सरोज सोनकर, सुभाष त्रिपाठी, सुरेश्वर सिंह, अनुपमा जायसवाल, रामनिवास वर्मा, विधान परिषद सदस्य पद्मसेन चौधरी, डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, पूर्व मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, पूर्व सांसद अक्षयवर लाल गोंड, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्र, जिलाध्यक्ष ब्रजेश पांडेय आदि की मौजूदगी रही।

चैत्र नवरात्रि में पूरी हुई मन की मुराद, मुख्यमंत्री के हाथों मिला सुविधाओं का लाभ

भरथापुर में विकट परिस्थितियों में रह रहे 136 परिवारों को 1.20 लाख रुपये प्रति परिवार की दर से मुख्यमंत्री आवास की धनराशि अंतरित की गई। चैत्र नवरात्रि में मुख्यमंत्री ने 1.63 करोड़ से अधिक की धनराशि लाभार्थियों के खाते में सीधे अंतरित की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लाभार्थियों को विभिन्न सुविधाओं से युक्त स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इसके अलावा सीएम ने लाभार्थियों को हितग्राही धनराशि, परिसंपत्तियों, मुआवजा, शौचालय, मुख्यमंत्री आवास राशि समेत अनेक सुविधाओं का लाभ और उपहार भी प्रदान किए। इसके तहत संगीता को 16.98 लाख, आरती को 19.60 लाख, निर्मला देवी को 30.99 लाख, रानी देवी को 18.91 लाख, रेखा देवी को 21.73 लाख, किशोरी देवी को 37.44 लाख, अन्ना देवी को 26.49 लाख, सुनीता देवी को 18.53 लाख, प्रेमा देवी को 30.56 लाख, मंजू देवी को 26.84 लाख से अधिक की राशि का संस्तुति पत्र समेत अनेक सुविधाओं का लाभ प्रदान किया गया।

“मुख्यमंत्री जी करा रहे समस्या का समाधान”

कार्यक्रम स्थल पर मौजूद भरथापुर निवासी मुन्ना लाल मौर्य ने सीएम योगी का ह्रदय से आभार प्रकट करते हुए कहा कि हमारा गांव तीन तरफ से नदियों व एक तरफ जंगल से घिरा हुआ है। वहां कोई सुविधा नहीं है। तहसील जाने के लिए नाव से नदी पारकर जाते हैं और इसके लिए कुल 60 किमी. की दूरी तय करनी होती है। हमारे गांव में शौचालय, विद्यालय, शिक्षा-स्वास्थ्य आदि की सुविधाएं नहीं थीं। मुख्यमंत्री जी आज हमारी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, इसके लिए उनका हृदय से आभार। गांव में जो जमीन थी, वह नदी के कटान से चली गई। हम भूमि विहीन हैं। रोजगार भी नहीं है। 29 अक्टूबर को नाव हादसे में हमारे गांव के 9 लोगों की मृत्यु हो गई थी। मुख्यमंत्री जी ने इसका तुरंत संज्ञान लिया। गांव का भ्रमण कर पीड़ित परिवारों से मिले और ढांढस बंधाया। उन्होंने जिलाधिकारी से सेमरहना में जगह निश्चित करने और हम लोगों को बसाने, शिक्षा, रोजगार के लिए कहा। यह भी निर्देश दिया कि सभी आराम से रहें और बच्चे पढ़ें।

नवरात्र में मां पाटेश्वरी के दरबार पहुंचे CM योगी, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

जेवर एयरपोर्ट के लोकार्पण की तैयारियां अंतिम चरण में, सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद

BABA GANINATH BHAKT MANDAL  BABA GANINATH BHAKT MANDAL

Related Articles

Back to top button