जब CM योगी पहुंचे स्कूल… बच्चों की मुस्कान और उत्साह ने जीत लिया दिल
वाराणसी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “स्कूल चलो अभियान” की शुरुआत करते हुए बच्चों को शैक्षणिक सामग्री वितरित की। शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों में उत्साह दिखा। आधुनिक शिक्षण पद्धति, निपुण अभियान और समेकित शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बच्चों के प्रयासों की सराहना की।
- शिवपुर कंपोजिट विद्यालय से शुभारंभ, छात्रों में दिखा उत्साह, शिक्षकों की नई पद्धति की सराहना
वाराणसी : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी से “स्कूल चलो अभियान” की औपचारिक शुरुआत की। इससे विद्यार्थी उत्साह और उल्लास के माहौल में दिखे। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों और नव प्रवेशी छात्रों के लिए शनिवार बेहद खास रहा। मुख्यमंत्री के हाथों शैक्षणिक सामग्री मिलने पर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। इस अभियान का शुभारंभ कंपोजिट विद्यालय शिवपुर से हुआ, जहाँ विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों और छात्र- छात्राओं ने स्टाल लगाकर शैक्षणिक प्रदर्शन किया।
कक्षा 2 की श्रेया शुक्ला मुख्यमंत्री के हाथों बैग, पाठ्य पुस्तक-चॉकलेट पाकर ख़ुशी से झूम उठीं। उन्होंने और मुख्यमंत्री को थैंक्यू कहा। कक्षा 7 में प्रवेश पाने वालीं रुचि यादव ने कहा कि मैं दाखिले से खुश हूं, प्रतिदिन स्कूल जाऊँगी। रूचि बड़ी होकर पुलिस विभाग में नौकरी करना चाहती हैं।

विद्यालय परिसर में अलग अलग शैक्षणिक विषयों के करीब 9 स्टॉल लगे थे, जिसका अवलोकन कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों के प्रयासों को सराहा। मुख्यमंत्री दिव्यांग बच्चों के स्टाल पर भी गए, यहाँ अध्यापिका रश्मि शुक्ला से बच्चों को पढ़ने की प्रक्रिया और सहायक सामग्रियों के बार में पूरी जानकारी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री को समेकित शिक्षा अभियान में दी जाने वाली अलग-अलग सहायक सामग्री के किट के बारे में बताया। निपुण स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने शिक्षिका से बात कर निपुण प्रक्रिया के बारे में जाना।
मुख्यमंत्री “इको क्लब फॉर मिशन लाइफ” के स्टाल पर भी गए और अध्यापिका से बच्चों को पर्यावरण के बारे पढ़ाई जाने वाली विषय वस्तओं आदि के बारे में भी जानकारी ली। शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को आधुनिक शैक्षणिक पद्धति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब टीचर लर्निंग मटेरियल के माध्यम से बच्चों को व्यावहारिक सामग्रियों के जरिए सरल और रोचक तरीके से पढ़ाया जा रहा है। शिक्षकों ने कहा कि इस नई पद्धति से बच्चों की समझ बढ़ती है और वे खेल-खेल में सीखते हैं।
निपुण सम्मान से सम्मानित प्राथमिक विद्यालय फरीदपुर चिरईगॉव के प्रधानाध्यापक शशिकांत सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्राप्त कर गर्व का अनुभव हुआ क्योंकि पुरस्कार से कार्य क्षमता में वृद्धि होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने बताया कि मेरे विद्यालय के कक्षा 1 के श्रेयांश को भी निपुण बालक का पुरस्कार मिला। इन दोनों पुरस्कारों से विद्यालय में हर्ष है।
अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की। अभिभावक अमित यादव ने कहा, “सरकार की इस पहल से बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरणा मिल रही है। पहले कई बार सामग्री के अभाव में बच्चों को भेजना मुश्किल होता था, लेकिन अब सब कुछ मिल रहा है।” अभिभावक शिव कुमार ने बताया कि टीचर अब बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाते हैं, जिससे बच्चे घर आकर भी पढ़ाई के बारे में बताते हैं। इससे बच्चों की रुचि भी बढ़ रही है।”
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