
पाकिस्तान–अफगानिस्तान टकराव: ‘ऑपरेशन ग़ज़ब लिल-हक़’ के बाद सीमा पर युद्ध जैसे हालात
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन ग़ज़ब लिल-हक़’ शुरू करते हुए काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई हमलों का दावा किया है। इस कार्रवाई को खैबर पख्तूनख्वा सेक्टर में कथित गोलीबारी के जवाब में बताया गया है। पाकिस्तान ने कई तालिबान ठिकानों को नष्ट करने और बड़ी संख्या में लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया, जबकि अफगानिस्तान ने पलटवार में पाकिस्तानी सैनिकों के हताहत होने की बात कही। डूरंड रेखा पर तनाव चरम पर है।
- काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई हमलों का दावा; डूरंड रेखा पर दोनों देशों के बीच तेज़ सैन्य कार्रवाई
नई दिल्ली । अफगानिस्तान की तालिबान सरकार और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव ने शुक्रवार को गंभीर सैन्य टकराव का रूप ले लिया। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन ग़ज़ब लिल-हक़’ नामक सैन्य अभियान की घोषणा करते हुए काबुल, कंधार और पक्तिया प्रांत में कथित रूप से बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के सरकारी प्रसारक पीटीवी न्यूज़ ने बताया कि शुक्रवार तड़के पाकिस्तानी सशस्त्र बलों ने अफगानिस्तान के विभिन्न सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बयान जारी कर तालिबान सरकार के साथ “पूर्ण टकराव” की घोषणा की और कहा कि अब दोनों पक्षों के बीच “खुला युद्ध” है। उन्होंने लिखा, “हमारा सब्र अब खत्म हो चुका है।”
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी एक आधिकारिक बयान में कहा कि पाकिस्तान के सशस्त्र बल देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने और किसी भी आक्रामक मंसूबे को “कुचलने” में पूरी तरह सक्षम हैं। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अफगानिस्तान पर किए गए “जवाबी हमलों” के बाद कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तानी दावों के अनुसार, इन हमलों में 130 से अधिक तालिबान लड़ाके मारे गए हैं।
सीमा पर बढ़ा तनाव
पाकिस्तान के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई खैबर पख्तूनख्वा के चितराल, खैबर, मोहम्मद, कुर्रम और बाजौर सेक्टरों में गुरुवार शाम अफगान तालिबान की ओर से की गई “बिना उकसावे की गोलीबारी” के जवाब में की गई। लगभग 2,500 किलोमीटर लंबी सीमा, जिसे डूरंड रेखा कहा जाता है, को अफगानिस्तान ने औपचारिक रूप से कभी मान्यता नहीं दी है। यही सीमा दोनों देशों के बीच लगातार तनाव का प्रमुख कारण रही है।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पलटवार करते हुए दावा किया कि डूरंड रेखा के पास की गई जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। काबुल और कंधार से धमाकों और गोलीबारी की खबरें सामने आई हैं, हालांकि स्वतंत्र स्रोतों से इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
हवाई हमलों के दावे
सरकारी प्रसारक के अनुसार, काबुल में दो ब्रिगेड मुख्यालय नष्ट कर दिए गए, जबकि कंधार में एक कोर मुख्यालय और एक ब्रिगेड मुख्यालय को तबाह किया गया। इस बीच, ‘अफगानिस्तान डिफेंस’ नामक एक एक्स हैंडल ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें कथित रूप से जलते हुए एफ-16 लड़ाकू विमान का मलबा दिखाया गया है। वीडियो में विमान पर पाकिस्तानी झंडा और ‘85510’ अंकित दिखाई देने का दावा किया गया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
दोहा स्थित समाचार चैनल अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान ने भी सीमा के विस्तृत हिस्से में कई पाकिस्तानी सैन्य चौकियों पर हमला शुरू किया, जिनमें तोर्खम सीमा चौकी शामिल है। यह चौकी अफगानिस्तान में प्रवेश का एक प्रमुख मार्ग मानी जाती है।
पृष्ठभूमि और क्षेत्रीय प्रतिक्रिया
पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगान तालिबान, पाकिस्तान के भीतर सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के उग्रवादियों को शरण दे रहा है, जिससे खैबर पख्तूनख्वा में हिंसक घटनाओं में वृद्धि हुई है।
पिछले सप्ताह भारत ने अफगानिस्तान के क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की थी। भारत ने इन हमलों को पाकिस्तान की “आंतरिक विफलताओं को बाहरी रूप देने” की कोशिश बताया और अफगानिस्तान की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन को दोहराया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पवित्र रमज़ान माह के दौरान महिलाओं और बच्चों सहित नागरिकों की मौत की खबरें चिंताजनक हैं और भारत इसकी कड़ी निंदा करता है।
स्थिति अत्यंत संवेदनशील
दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र में अस्थिरता की आशंका बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह संघर्ष सीमित सैन्य कार्रवाई तक रहेगा या व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों और प्रतिदावों के बीच स्थिति अत्यंत संवेदनशील और तनावपूर्ण बनी हुई है।(वार्ता)
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